उनकी निशानियाँ और अल्लाह का उनके प्रति समर्थन ﷺ

क़ुरआन करीम का अनंत चमत्कार

नबी ﷺ की सबसे बड़ी मु'जिज़ा क़ुरआन करीम है, और यह वह इकलौती मु'जिज़ा है जो कयामत तक बनी रहेगी। इसकी मु'जिज़त कई रूपों में है: एक फसाहा और बलाघ़त में ऐसी अतुलनीयता जो अरब के फुशहा असमर्थ रहे, एक ग़ैब की खबरों में इनाम, और एक यह कि इसे बच्चों के लिए भी याद रखना आसान बनाया गया।

  • بلاغी चमत्कार: (क़ुरआन ने) अरबों को चुनौती दी कि वे इसकी तरह कोई सूरत लाएँ — वे नाकाम रहे।
  • ग़ैबी चमत्कार: (क़ुरआन/नबी ﷺ ने) रोम की विजय और मक्का के फतह की खबर दी उससे पहले कि वे घटित हों।
  • शरीअती चमत्कार: शरिया का समस्त ज्ञान, आदाब और हिकमत एक ही किताब में समेटना।
  • दिलों में महफ़ूज़ — वह उम्मा इकलौती है जो अपनी किताब को बच्चों और बड़ों दोनों द्वारा संरक्षित रखती है।

उनकी करामात और बरकतेँ ज़िन्दगी में ﷺ

और उनकी निशानियों में से ﷺ वह है कि जिन चीज़ों को उन्होंने छुआ या जिन पर उन्होंने हस्तक्षेप किया वे बदल गईं। अनस बिन मालिक رضي الله عنه से: एक बार أهل المدينة भयभीत हुए, तो रसूल الله ﷺ ने अबी तल्हा के एक घोड़े पर सवार हुए जो पहले धीमा माना जाता था, और उसके बाद वह घोड़ा ऐसा बन गया कि उसका कोई मुकाबला न कर सका۔ — [Muttafaqun 'alayhi]

  • धीमा घोड़ा उस समय के बाद बेनज़ीर बन गया जब ﷺ ने उस पर सवार हुए।
  • जाबिर का ऊँट जो थक कर सुस्त पड़ गया था, उनकी छूने की बरकत से फिर सक्रिय हो गया ﷺ।
  • उनके सिर के कुछ बाल خالد बिन अल-वालिद की लड़ाइयों में फ़तह का कारण बने ﷺ۔
  • खाली घी का मटका उनकी दुआ की बरकत से भर गया ﷺ।

अल्लाह ने उन्हें फ़रिश्तों से सहायता दी और जिन्नों ने उनकी आज्ञा मानी ﷺ।

और उनकी विशेषताओं में से ﷺ यह है कि अल्लाह ने उन्हें फ़रिश्तों से मदद दी, जिन्नों ने उनकी आज्ञा मानी और उन पर इस्लाम लाया। अल्लाह तआला ने फ़रमाया: ‘जब तुम अपने रब से मदद माँगते थे तो उसने तुम्हारी दुआ का जवाब दिया कि मैं तुम्हें पीछे-पीछे जुड़े हुए एक हज़ार फ़रिश्तों से मदद करूँगा۔’ [الأنفال:9].

  • अल्लाह ने बद्र, उहूद, ख़ंदक और अन्य ग़ज़वात में उन्हें फ़रिश्तों से मदद दी।
  • जिन्नों ने उनकी तिलावत सुनी، इस्लाम कबूल किया और अपनी क़ौम में दुआते बन गए۔
  • फ़रिश्ते निरंतर उन पर सलावट/दुआँ भेजते हैं ﷺ सम्मान और तज़ीम के साथ।