उनका नेतृत्व और उनकी दावत ﷺ
नबी ﷺ का झंडा और उनका लबादा
रसूल अल्लाह ﷺ का झंडा काला था, और उनका लबादा सफेद था जिस पर लिखा था: «لا إله إلا الله». यह अबू अश-शेख़ ने इब्न अब्बास رضي الله عنه से روایت किया।
- उनका झंडा ﷺ: काला — जिसे «العقاب» कहा जाता था
- उनका लबादा ﷺ: सफेद, जिस पर लिखा था: «لا إله إلا الله محمد رسول الله»
- वे लोगों को मार्गदर्शन देने के लिए छड़ी और डंडा इस्तेमाल करते थे।
दावत में उनका तरीका ﷺ
वह ﷺ प्रांतों के राजाओं को पत्र भेजते थे उन्हें इस्लाम पर आमंत्रित करने के लिए। और उनकी ﷺ दावत हिक्मत और भली नसीहत तथा शिक्षा में नरमी पर आधारित थी; वे ﷺ जब भी दो मामलों में चुनते तो हमेशा आसान को चुनते, बशर्ते उसमें कोई पाप न हो।
- उन्होंने ﷺ राजाओं और अमीरों को पत्र भेजकर उन्हें इस्लाम पर आमंत्रित किया।
- वे नरमी और सरलता से पढ़ाते थे, और उन्होंने कभी भी किसी को सख्ती से डांटा नहीं।
- वे किसी मुद्दे को समझाने के लिए तीन बार दोहराते थे।
- वे उदाहरण देकर अर्थों को स्पष्ट करते थे।
मैदान में उनकी बहादुरी ﷺ
वह ﷺ लोगों में सबसे बहादुर थे; أَلي بِن أَبِي طَالِب अली بن अबी तालिब رضي الله عنه ने कहा: «कنا إذا احمرَّ البأس واشتد الوطيس لُذنا برسول الله ﷺ، فما يكون أحد أقرب إلى العدو منه». और अल-बरा' बिन आज़ब رضي الله عنه ने कहा: «لقد رأيتُنا يوم حنين وما معنا إلا رسول الله ﷺ وهو يسير على بغلته البيضاء نحو العدو».