بانَتْ سُعاد

قصيدة البُردة الأولى — الصحابي كعب بن زهير رضي الله عنه (ت 26هـ)

أنشدها كعب بن زهير رضي الله عنه بين يدي النبي ﷺ في مسجده معتذرًا، فعفا عنه النبي ﷺ وخلع عليه بردته الشريفة، فسُميت «البردة». وهي أول قصائد المديح النبوي وأصلها.

बानत सु'आद — सहबी का'ब इब्न ज़ुहैर (अल्लाह उनसे राज़ी हो)

का'ब इब्न ज़ुहैर, अल्लाह उनसे राज़ी हो, ने पैगंबर ﷺ की मस्जिद में उनके सामने यह कविता पढ़ी थी, अपनी क्षमा याचना करते हुए। पैगंबर ﷺ ने उन्हें माफ़ कर दिया और अपनी पवित्र चादर भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। परिणामस्वरूप, यह कविता 'अल-बुरदा' के नाम से जानी जाने लगी। इसे सभी नबवी प्रशंसा काव्यों में पहला और मौलिक कार्य माना जाता है।

بانَتْ سُعادُ فَقَلْبي اليَوْمَ مَتْبولُ
مُتَيَّمٌ إثْرَها لم يُفَدْ مَكْبولُ

सुआद चली गई है, और आज मेरा हृदय उसके प्रेम में लीन है, उसके पीछे-पीछे गुलाम बना हुआ, बिना मुक्ति के बंधा हुआ।

وَمَا سُعَادُ غَداةَ البَيْن إِذْ رَحَلوا
إِلاّ أَغَنُّ غضيضُ الطَّرْفِ مَكْحُولُ

उनके प्रस्थान की सुबह, सुआद एक सुंदर हिरणी से कम नहीं थी, जिसकी आँखें विनम्रता से काजल से सजी थीं।

هَيْفاءُ مُقْبِلَةً عَجْزاءُ مُدْبِرَةً
لا يُشْتَكى قِصَرٌ مِنها ولا طُولُ

जब वह पास आती है तो पतली दिखती है और जब मुड़ती है तो उसके कूल्हे भरे हुए लगते हैं; उसका कद बिल्कुल सही अनुपात में है, न बहुत छोटा न बहुत लंबा।

تَجْلُو عَوارِضَ ذي ظَلْمٍ إذا ابْتَسَمَتْ
كأنَّهُ مُنْهَلٌ بالرَّاحِ مَعْلُولُ

जब वह मुस्कुराती है, तो उसके सामने के दाँत इतनी शुद्ध सुंदरता के साथ प्रकट होते हैं, मानो वे शराब में मिले ताज़े पानी का झरना हों।

شُجَّتْ بِذي شَبَمٍ مِنْ ماءِ مَعْنِيةٍ
صافٍ بأَبْطَحَ أضْحَى وهْوَ مَشْمولُ

यह शुद्ध जल, मानिया के झरने की शीतलता से मिला हुआ, एक चौड़ी घाटी में पड़ा है, जो उत्तरी हवा के संपर्क में है।

تَنْفِي الرِّياحُ القَذَى عَنْهُ وأفْرَطُهُ
مِنْ صَوْبِ سارِيَةٍ بِيضٌ يَعالِيلُ

हवाएँ उससे सभी अशुद्धियों को दूर कर देती हैं, और रात भर की बारिश से उसका अतिप्रवाह सफेद, बहती धाराओं का रूप ले लेता है।

أكْرِمْ بِها خُلَّةً لوْ أنَّها صَدَقَتْ
مَوْعودَها أَو ْلَوَ أَنَِّ النُّصْحَ مَقْبولُ

वह कितनी महान साथी होती, काश उसने अपने वादे निभाए होते, या काश उसने कभी सलाह मानी होती।

لكِنَّها خُلَّةٌ قَدْ سِيطَ مِنْ دَمِها
فَجْعٌ ووَلَعٌ وإِخْلافٌ وتَبْديلُ

फिर भी वह ऐसी साथी है जिसके रक्त में ही दुख, तीव्र वासना, टूटे वादे और निरंतर परिवर्तन घुला हुआ है।

فما تَدومُ عَلَى حالٍ تكونُ بِها
كَما تَلَوَّنُ في أثْوابِها الغُولُ

वह कभी किसी अवस्था में स्थिर नहीं रहती, अपने स्वभाव को उतनी ही तेज़ी से बदलती है जितनी तेज़ी से एक भूत अपने वस्त्रों में रंग बदलता है।

ولا تَمَسَّكُ بالعَهْدِ الذي زَعَمْتْ
إلاَّ كَما يُمْسِكُ الماءَ الغَرابِيلُ

वह अपने किए गए वादों को उतनी ही दृढ़ता से पकड़ती है जितनी दृढ़ता से छलनी पानी को रोक पाती है।

فلا يَغُرَّنْكَ ما مَنَّتْ وما وَعَدَتْ
إنَّ الأمانِيَّ والأحْلامَ تَضْليلُ

तो जो उसने दिया या वादा किया, उससे तुम्हें धोखा न हो, क्योंकि इच्छाएँ और सपने केवल भ्रम हैं।

كانَتْ مَواعيدُ عُرْقوبٍ لَها مَثَلا
وما مَواعِيدُها إلاَّ الأباطيلُ

उसके वादे 'उरक़ूब' के वादों की तरह एक कहावत बन गए हैं, क्योंकि उसके वचन केवल झूठ हैं।

أرْجو وآمُلُ أنْ تَدْنو مَوَدَّتُها
وما إِخالُ لَدَيْنا مِنْكِ تَنْويلُ

मैं आशा और इच्छा करता हूँ कि उसका स्नेह निकट आए, फिर भी मुझे नहीं लगता कि हमें तुमसे कोई कृपा मिलेगी।

أمْسَتْ سُعادُ بِأرْضٍ لا يُبَلِّغُها
إلاَّ العِتاقُ النَّجيباتُ المَراسِيلُ

सुआद ऐसी भूमि में बस गई है जहाँ केवल कुलीन, तेज़ और उत्कृष्ट ऊँट ही पहुँच सकते हैं।

ولَنْ يُبَلِّغَها إلاَّ غُذافِرَةٌ
لها عَلَى الأيْنِ إرْقالٌ وتَبْغيلُ

और वहाँ तक केवल एक मज़बूत, तेज़ ऊँट ही पहुँचेगा, जो थकान के बावजूद भी तेज़ चाल और शक्तिशाली गति बनाए रखता है।

مِنْ كُلِّ نَضَّاخَةِ الذِّفْرَى إذا عَرِقَتْ
عُرْضَتُها طامِسُ الأعْلامِ مَجْهولُ

(वह ऐसा ऊँट होना चाहिए) जिसके पसीने से उसके कनपटी से खूब पसीना टपके, और जिसका गंतव्य मिटे हुए और अज्ञात निशानों वाली भूमि हो।

تَرْمِي الغُيوبَ بِعَيْنَيْ مُفْرَدٍ لَهِقٍ
إذا تَوَقَّدَتِ الحَزَّازُ والمِيلُ

वह एक एकाकी सफेद हिरणी की तेज़ आँखों से दूर क्षितिजों को भेदती है, तब भी जब मृगतृष्णा चमकती है और गर्मी तेज़ होती है।

ضَخْمٌ مُقَلَّدُها فَعْمٌ مُقَيَّدُها
في خَلْقِها عَنْ بَناتِ الفَحْلِ تَفْضيلُ

उसकी गर्दन मोटी है और उसका टखना भरा हुआ है, एक ऐसी रचना जो अन्य मादा ऊँटों पर उसकी श्रेष्ठता दर्शाती है।

غَلْباءُ وَجْناءُ عَلْكومٌ مُذَكَّرْةٌ
في دَفْها سَعَةٌ قُدَّامَها مِيلُ

वह मज़बूत, चौड़े चेहरे वाली, परिपक्व और नर के समान बलिष्ठ है, उसके पार्श्वों में पर्याप्त चौड़ाई है, और मीलों का रास्ता उसके सामने फैला है।

وجِلْدُها مِنْ أُطومٍ لا يُؤَيِّسُهُ
طَلْحٌ بضاحِيَةِ المَتْنَيْنِ مَهْزولُ

उसकी त्वचा कठोर चमड़े की है, जो उसकी पीठ के खुले हिस्से में बबूल के पेड़ों से घिसी नहीं है, भले ही वह दुबली-पतली दिखती हो।

حَرْفٌ أخوها أبوها مِن مُهَجَّنَةٍ
وعَمُّها خالُها قَوْداءُ شْمِليلُ

वह एक दुबली, तेज़ मादा ऊँटनी है जिसका पिता उसके भाई जैसा है और जिसका पैतृक चाचा उसका मामा है, जिससे वह लंबी पीठ वाली और अत्यंत फुर्तीली बनती है।

يَمْشي القُرادُ عَليْها ثُمَّ يُزْلِقُهُ
مِنْها لِبانٌ وأقْرابٌ زَهالِيلُ

उसकी छाती और पार्श्व इतने चिकने और सुडौल हैं कि उस पर चलने की कोशिश करने वाला एक किलनी भी फिसल कर गिर जाएगा।

عَيْرانَةٌ قُذِفَتْ بالنَّحْضِ عَنْ عُرُضٍ
مِرْفَقُها عَنْ بَناتِ الزُّورِ مَفْتولُ

वह एक शक्तिशाली, तेज़ मादा ऊँटनी है, जो व्यापक रूप से मज़बूत मांसपेशियों से संपन्न है, जिसकी कोहनी उसकी पसलियों से शक्तिशाली रूप से दूर स्थित है, जो एक चौड़ी और मज़बूत चाल का संकेत देती है।

كأنَّما فاتَ عَيْنَيْها ومَذْبَحَها
مِنْ خَطْمِها ومِن الَّلحْيَيْنِ بِرْطيلُ

ऐसा लगता है मानो उसके थूथन और जबड़ों से एक लंबा, लटकता हुआ होंठ उसकी आँखों और गले से आगे तक फैला हुआ है, जो उसकी विशिष्ट नस्ल का एक निशान है।

تَمُرُّ مِثْلَ عَسيبِ النَّخْلِ ذا خُصَلٍ
في غارِزٍ لَمْ تُخَوِّنْهُ الأحاليلُ

वह अपनी रेशों वाली ताड़ की पत्ती की तरह बहती हुई सुंदरता के साथ चलती है, नरम, गहरी रेत को पार करती है जिसे बारिश ने कठोर या खतरनाक नहीं बनाया है।

قَنْواءُ في حَرَّتَيْها لِلْبَصيرِ بِها
عَتَقٌ مُبينٌ وفي الخَدَّيْنِ تَسْهيلُ

उसकी नाक की हड्डी उभरी हुई है, और पारखी आँखों के लिए, उसकी कनपटियाँ एक स्पष्ट कुलीनता प्रकट करती हैं, जबकि उसके गाल चिकने और समतल हैं।

تُخْدِي عَلَى يَسَراتٍ وهي لاحِقَةٌ
ذَوابِلٌ مَسُّهُنَّ الأرضَ تَحْليلُ

वह अपने अगले पैरों पर तेज़ी से चलती है, उसके दुबले पैर ज़मीन को मुश्किल से छूते हैं जैसे वह तेज़ी से दूरी तय करती है।

سُمْرُ العَجاياتِ يَتْرُكْنَ الحَصَى زِيماً
لم يَقِهِنَّ رُؤوسَ الأُكْمِ تَنْعيلُ

उसके गहरे खुर चलते समय कंकड़ बिखेरते हैं, और कोई नालबंदी उन्हें चट्टानी पहाड़ियों पर चलते समय नहीं बचाती, जो उसकी कठोरता का प्रमाण है।

كأنَّ أَوْبَ ذِراعَيْها إذا عَرِقَتْ
وقد تَلَفَّعَ بالكورِ العَساقيلُ

उसके अगले पैरों की गति, जब उसे पसीना आता है और काठी के चारों ओर मृगतृष्णा चमकती है, उसकी स्थायी शक्ति का प्रमाण है।

يَوْماً يَظَلُّ به الحِرْباءُ مُصْطَخِداً
كأنَّ ضاحِيَهُ بالشَّمْسِ مَمْلولُ

यह ऐसे तीव्र गर्मी वाले दिन होता है कि गिरगिट स्थिर और शांत रहता है, उसकी खुली पीठ सूरज से मानो भुनी हुई लगती है।

وقالَ لِلْقوْمِ حادِيهِمْ وقدْ جَعَلَتْ
وُرْقَ الجَنادِبِ يَرْكُضْنَ الحَصَى قِيلُوا

उनके ऊँट चालक ने, तीव्र गर्मी में कंकड़ बिखेरते हुए भूरे टिड्डों को देखकर, लोगों से कहा कि वे अपनी दोपहर की नींद लें।

شَدَّ النَّهارِ ذِراعا عَيْطَلٍ نَصِفٍ
قامَتْ فَجاوَبَها نُكْدٌ مَثاكِيلُ

एक लंबी, मज़बूत, अधेड़ मादा ऊँटनी के अगले पैर, दिन की कठिनाई को सहते हुए, ऐसी आवाज़ के साथ चलते हैं जिसका जवाब बाँझ, शोकाकुल महिलाओं के विलाप से मिलता है।

نَوَّاحَةٌ رِخْوَةُ الضَّبْعَيْنِ لَيْسَ لَها
لَمَّا نَعَى بِكْرَها النَّاعونَ مَعْقولُ

वह एक विलाप करती हुई स्त्री के समान है, जिसके ऊपरी हाथ दुख से ढीले पड़ गए हैं, जो अपने पहले बच्चे की मृत्यु की घोषणा करने वालों के विलाप पर अपना सारा विवेक खो देती है।

تَفْرِي الُّلبانَ بِكَفَّيْها ومَدْرَعُها
مُشَقَّقٌ عَنْ تَراقيها رَعابيلُ

वह अपने हाथों से अपनी छाती को फाड़ती है, उसके वस्त्र उसकी हंसली की हड्डियों से फटे हुए और टुकड़ों में लटके हुए हैं, अपने गहरे दुख में।

تَسْعَى الوُشاةُ جَنابَيْها وقَوْلُهُمُ
إنَّك يا ابْنَ أبي سُلْمَى لَمَقْتولُ

निंदक उसके बगल में चलते हैं, फुसफुसाते हुए कहते हैं, "निश्चित रूप से, हे अबू सुलमा के पुत्र, तुम अवश्य मारे जाओगे!"

وقالَ كُلُّ خَليلٍ كُنْتُ آمُلُهُ
لا أُلْهِيَنَّكَ إنِّي عَنْكَ مَشْغولُ

हर मित्र जिसमें मैंने अपनी आशा रखी थी, उसने कहा, "मैं तुम्हें विचलित नहीं कर सकता, क्योंकि मैं व्यस्त हूँ और तुम्हारी सहायता करने में असमर्थ हूँ।"

فَقُلْتُ خَلُّوا سَبيلِي لاَ أبالَكُمُ
فَكُلُّ ما قَدَّرَ الرَّحْمنُ مَفْعولُ

तो मैंने घोषणा की, "मेरा रास्ता छोड़ दो, तुम बिना किसी रिश्तेदार के रहो, क्योंकि जो कुछ भी अत्यंत दयालु ने निर्धारित किया है, वह निश्चित रूप से होकर रहेगा!"

كُلُّ ابْنِ أُنْثَى وإنْ طالَتْ سَلامَتُهُ
يَوْماً على آلَةٍ حَدْباءَ مَحْمولُ

हर मनुष्य, चाहे उसका जीवन कितना भी लंबा क्यों न हो, एक दिन एक मुड़ी हुई अर्थी पर ले जाया जाएगा।

أُنْبِئْتُ أنَّ رَسُولَ اللهِ أَوْعَدَني
والعَفْوُ عَنْدَ رَسُولِ اللهِ مَأْمُولُ

मुझे सूचित किया गया है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने मुझे धमकी दी है, फिर भी अल्लाह के रसूल ﷺ से क्षमा की हार्दिक आशा है।

وقَدْ أَتَيْتُ رَسُولَ اللهِ مُعْتَذِراً
والعُذْرُ عِنْدَ رَسُولِ اللهِ مَقْبولُ

मैं वास्तव में अल्लाह के रसूल ﷺ के पास क्षमा मांगने आया हूँ, क्योंकि अल्लाह के रसूल ﷺ द्वारा क्षमा याचना हमेशा स्वीकार की जाती है।

مَهْلاً هَداكَ الذي أَعْطاكَ نافِلَةَ
الْقُرْآنِ فيها مَواعيظٌ وتَفُصيلُ

धीरे से, वह आपको मार्गदर्शन दे जिसने आपको कुरान का अतिरिक्त उपहार प्रदान किया है, जिसमें गहन उपदेश और विस्तृत व्याख्याएँ समाहित हैं।

لا تَأْخُذَنِّي بِأَقْوالِ الوُشاةِ ولَمْ
أُذْنِبْ وقَدْ كَثُرَتْ فِيَّ الأقاويلُ

मुझे चुगलखोरों की बातों के लिए जवाबदेह न ठहराएँ, क्योंकि मैंने कोई पाप नहीं किया है, हालाँकि मेरे बारे में कई बातें फैलाई गई हैं।

لَقَدْ أقْومُ مَقاماً لو يَقومُ بِه
أرَى وأَسْمَعُ ما لم يَسْمَعِ الفيلُ

निश्चित रूप से, मैं एक ऐसे विस्मयकारी स्थान पर खड़ा हूँ कि यदि वहाँ एक हाथी भी खड़ा होता, तो वह ऐसी बातें देखता और सुनता जो उसने पहले कभी नहीं देखी या सुनी थीं।

لَظَلَّ يِرْعُدُ إلاَّ أنْ يكونَ لَهُ
مِنَ الَّرسُولِ بِإِذْنِ اللهِ تَنْويلُ

वह निश्चित रूप से काँपता रहता, जब तक कि उसे अल्लाह की अनुमति से, पैगंबर ﷺ से कोई शांत करने वाला आश्वासन न मिलता।

حَتَّى وَضَعْتُ يَميني لا أُنازِعُهُ
في كَفِّ ذِي نَغَماتٍ قِيلُهُ القِيلُ

जब तक मैंने अपना दाहिना हाथ, बिना किसी विवाद के, ऐसे व्यक्ति की हथेली में नहीं रखा, जिसके वचन मधुर हैं और जिसका कहा अंतिम आदेश है।

لَذاكَ أَهْيَبُ عِنْدي إذْ أُكَلِّمُهُ
وقيلَ إنَّكَ مَنْسوبٌ ومَسْئُولُ

इसलिए, जब मैं उनसे बात करता हूँ तो वे मेरे लिए अधिक विस्मयकारी होते हैं, और यह कहा गया है कि आपको (कवि को) जवाबदेह ठहराया जाएगा और आपसे प्रश्न पूछे जाएँगे।

مِنْ خادِرٍ مِنْ لُيوثِ الأُسْدِ مَسْكَنُهُ
مِنْ بَطْنِ عَثَّرَ غِيلٌ دونَهُ غيلُ

वह एक घात लगाए हुए शेर से निकलता है, जो जंगल के दुर्जेय जानवरों में से एक है, जिसका निवास अत्थर के गहरे भीतर है, एक घना झाड़ीदार जंगल जिसके परे एक और है।

يَغْدو فَيُلْحِمُ ضِرْغامَيْنِ عَيْشُهُما
لَحْمٌ مَنَ القَوْمِ مَعْفورٌ خَراديلُ

वह दो शक्तिशाली शेरों को खिलाने के लिए निकलता है, जिनका भोजन उनके विरोधियों का धूल से सना हुआ, फटा हुआ मांस होता है।

إِذا يُساوِرُ قِرْناً لا يَحِلُّ لَهُ
أنْ يَتْرُكَ القِرْنَ إلاَّ وهَوَ مَغْلُولُ

जब वह किसी शत्रु से जूझता है, तो उसकी यह प्रथा नहीं है कि वह उस शत्रु को तब तक छोड़े जब तक कि वह पूरी तरह से पराजित और बंधा हुआ न हो।

مِنْهُ تَظَلُّ سَباعُ الجَوِّ ضامِزَةً
ولا تَمَشَّى بَوادِيهِ الأراجِيلُ

उसके कारण, हवा के जानवर शांत रहते हैं, और कोई भी डरपोक या कायर व्यक्ति उसकी घाटियों को पार करने की हिम्मत नहीं करता।

ولا يَزالُ بِواديهِ أخُو ثِقَةٍ
مُطَرَّحَ البَزِّ والدَّرْسانِ مَأْكولُ

और उसकी घाटी में, एक विश्वसनीय साथी (शेर) हमेशा अपने शिकार के त्यागे हुए वस्त्र और फटे-पुराने कपड़े छोड़ जाता है।

إنَّ الرَّسُولَ لَسَيْفٌ يُسْتَضاءُ بِهِ
مُهَنَّدٌ مِنْ سُيوفِ اللهِ مَسْلُولُ

निश्चित रूप से, पैगंबर ﷺ एक दीप्तिमान तलवार हैं जिससे प्रकाश की तलाश की जाती है, अल्लाह की तलवारों में से एक उत्कृष्ट भारतीय धार वाली तलवार।

في فِتْيَةٍ مِنْ قُريْشٍ قالَ قائِلُهُمْ
بِبَطْنِ مَكَّةَ لَمَّا أسْلَمُوا زُولُوا

वह कुरैश के उन युवाओं में से हैं, जिनके नेता ने मक्का के केंद्र में उन्हें इस्लाम अपनाने पर आज्ञा दी, "चले जाओ!"

زالُوا فمَا زالَ أَنْكاسٌ ولا كُشُفٌ
عِنْدَ الِّلقاءِ ولا مِيلٌ مَعازيلُ

वे चले गए, फिर भी वे न तो कमजोर थे और न ही असुरक्षित, और न ही वे शत्रु का सामना करते समय कभी डगमगाए या भागे।

شُمُّ العَرانِينِ أبْطالٌ لُبوسُهُمْ
مِنْ نَسْجِ دَاوُدَ في الهَيْجَا سَرابيلُ

वे ऊँची नाक वाले नायक हैं जिनके युद्ध के वस्त्र कवच हैं, जो दाऊद के बुने हुए कवच के समान हैं।

بِيضٌ سَوَابِغُ قد شُكَّتْ لَهَا حَلَقٌ
كأنَّها حَلَقُ القَفْعاءِ مَجْدولُ

ये सफेद और विशाल हैं, जिनके छल्ले इतनी कसकर जुड़े हुए हैं कि वे कफ़ा पौधे के मुड़े हुए छल्लों के समान दिखते हैं।

يَمْشونَ مَشْيَ الجِمالِ الزُّهْرِ يَعْصِمُهُمْ
ضَرْبٌ إذا عَرَّدَ السُّودُ التَّنابِيلُ

वे कुलीन ऊँटों की राजसी चाल से आगे बढ़ते हैं, अपनी प्रहार शक्ति से सुरक्षित रहते हैं जब काले, घृणित शत्रु मुड़कर भागते हैं।

لا يَفْرَحونَ إذا نَالتْ رِماحُهُمُ
قَوْماً ولَيْسوا مَجازِيعاً إذا نِيلُوا

जब उनके भाले किसी समुदाय को मार गिराते हैं तो वे प्रसन्न नहीं होते, और न ही जब वे स्वयं पीड़ित होते हैं तो वे निराश होते हैं।

لا يَقَعُ الطَّعْنُ إلاَّ في نُحورِهِمُ
وما لَهُمْ عَنْ حِياضِ الموتِ تَهْليلُ

युद्ध के वार केवल उनकी छातियों पर पड़ते हैं, और वे मृत्यु के कुंडों से कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाते।