قصيدة البُردة
الكواكب الدرية في مدح خير البرية — الإمام شرف الدين البوصيري (ت 696هـ)
أشهر قصائد المديح النبوي على الإطلاق، نظمها الإمام البوصيري رحمه الله بعد أن أصابه الفالج، فرأى النبي ﷺ في المنام يمسح على وجهه ويلقي عليه بردته، فقام وقد شُفي. سارت بها الركبان وشُرحت مئات الشروح وتُرجمت إلى لغات العالم.
क़सीदा अल-बुरदा — इमाम शरफ़ुद्दीन अल-बूसीरी
यह पैगंबर की प्रशंसा में लिखी गई अब तक की सबसे प्रसिद्ध कविता है। इसे इमाम अल-बूसीरी ने लिखा था, जब वे लकवाग्रस्त हो गए थे। उन्होंने सपने में पैगंबर ﷺ को अपने चेहरे पर हाथ फेरते और अपनी चादर उन पर डालते देखा, जिसके बाद वे पूरी तरह से ठीक होकर उठे। यह कविता तब से दूर-दूर तक फैल गई है, सैकड़ों टीकाओं को प्रेरित किया है और दुनिया भर की कई भाषाओं में इसका अनुवाद किया गया है।
أمِنْ تذَكُّرِ جيرانٍ بذي سلمِ
مزجتَ دمعاً جرى من مقلةٍ بدمِक्या यह धि-सलम में रहने वाले पड़ोसियों की याद में है कि तुम्हारी आँखों से बहते आँसू खून में मिल गए हैं?
أمْ هبَّتِ الريحُ من تلقاءِ كاظمةٍ
وأوْمَضَ البَرْقُ في الظلْماءِ مِنْ إضَمِया काज़िमा की दिशा से हवा चली है, और इधम से घने अंधेरे में बिजली चमकी है?
فما لعينيكَ إن قلتَ اكففا هَمَتا
ومَا لِقَلْبِك إنْ قُلْتَ اسْتَفِقْ يَهِمِतुम्हारी आँखों को क्या हुआ है कि जब तुम उन्हें रुकने को कहते हो तो वे बहने लगती हैं, और तुम्हारे दिल को क्या हुआ है कि जब तुम उसे जागने को कहते हो तो वह तड़पने लगता है?
أَيَحْسَبُ الصَّبُّ أنَّ الحُبَّ مُنْكتِمٌ
ما بَيْنَ مُنْسَجِم منهُ ومضطَرِمِक्या प्रेमी सचमुच यह मानता है कि प्रेम छिपाया जा सकता है, जबकि उससे आँसू बह रहे हैं और भीतर आग जल रही है?
لولاَ الهَوَى لَمْ تُرِقْ دَمْعاً عَلَى طَلَلٍ
ولا أرقتَ لذكرِ البانِ والعَلمِयदि प्रेम न होता, तो तुम वीरान खंडहरों पर आँसू न बहाते, और न ही बान वृक्ष या पर्वत शिखर के ज़िक्र पर तुम्हारी नींद उड़ती।
فكيفَ تُنْكِرُ حُبَّا بعدَ ما شَهِدَتْ
بهِ عليكَ عدولُ الدَّمْعِ والسَّقَمतो तुम उस प्रेम को कैसे नकार सकते हो, जबकि तुम्हारे आँसुओं और तुम्हारी बीमारी के निष्पक्ष गवाहों ने तुम्हारे ख़िलाफ़ गवाही दी है?
وَأثْبَتَ الوجْدُ خَطَّيْ عَبْرَةٍ وضَنًى
مِثْلَ البَهارِ عَلَى خَدَّيْكَ والعَنَمِऔर प्रेम-पीड़ा ने तुम्हारे गालों पर आँसुओं और कमज़ोरी की दो लकीरें उकेर दी हैं, जो पीले बहार फूल और लाल अनम बेरी जैसी दिखती हैं।
نعمْ سرى طيفُ من أهوى فأرقني
والحُبُّ يَعْتَرِضُ اللَّذاتِ بالأَلَمِहाँ, मेरे प्रिय का ख़्याल रात में आया और मुझे जगाए रखा, क्योंकि प्रेम हमेशा सभी सुखों के बीच दर्द को ले आता है।
يا لائِمِي في الهَوَى العُذْرِيِّ مَعْذِرَةً
منِّي إليكَ ولو أنصفتَ لم تلُمِहे मेरे पवित्र प्रेम के लिए मुझे दोष देने वाले, मैं तुमसे माफ़ी माँगता हूँ, हालाँकि यदि तुम वास्तव में निष्पक्ष होते, तो तुम मुझे दोष न देते।
عَدَتْكَ حالِيَ لا سِرِّي بمُسْتَتِرٍ
عن الوُشاةِ ولادائي بمنحسمِमेरी हालत तुम्हारे सामने ज़ाहिर हो गई है; मेरा रहस्य चुगलखोरों से छिपा नहीं है, और न ही मेरी बीमारी का कोई इलाज है।
مَحَّضَتْنِي النُّصْحَ لكِنْ لَسْتُ أَسْمَعُهُ
إنَّ المُحِبَّ عَن العُذَّالِ في صَمَمِतुमने मुझे सच्ची सलाह दी, फिर भी मैं उसे नहीं सुनता, क्योंकि वास्तव में, प्रेमी अपने निंदकों की बातों के प्रति बहरा होता है।
إني اتهمتُ نصيحَ الشيبِ في عذلٍ
والشَّيْبُ أَبْعَدُ في نُصْحٍ عَنِ التُّهَمमैंने बुढ़ापे की सलाह पर भी संदेह किया जब उसने मुझे फटकारा, फिर भी बुढ़ापा अपनी सलाह में संदेह से सबसे दूर होता है।
فإنَّ أمَّارَتي بالسوءِ مااتعظتْ
من جهلها بنذيرِ الشيبِ والهرمِक्योंकि मेरी आत्मा, जो बुराई के लिए उकसाती है, बुढ़ापे और जीर्णता द्वारा लाई गई चेतावनी की अपनी अज्ञानता के कारण उपदेश नहीं ले पाई।
ولا أَعَدَّتْ مِنَ الفِعْلِ الجَمِيلِ قِرَى
ضيفٍ المَّ برأسي غير محتشمِऔर न ही इसने बुढ़ापे के मेहमान के लिए अच्छे कर्मों का कोई आतिथ्य तैयार किया, जो मेरे सिर पर बिना किसी शर्म के आ धमका।
لو كنت أعلم أني ما أوقره
كتمت سرا بدا لي منه بالكتمयदि मुझे पता होता कि मैं इस मेहमान का सम्मान नहीं करूँगा, तो मैं उसके आगमन के उस रहस्य को छिपा लेता जो मुझे ज़ाहिर हो गया था।
من لي بِرَدِّ جماحٍ من غوايتها
كما يُرَدُّ جماحُ الخيلِ باللجمِकौन मेरी मदद कर सकता है इसकी जंगलीपन और भ्रम को रोकने में, जैसे घोड़ों के जंगलीपन को लगाम से रोका जाता है?
فلا تَرُمْ بالمعاصِي كَسْرَ شَهْوَتِها
إنَّ الطعامَ يُقَوِّي شهوةَ النهمِइसलिए, पापों के माध्यम से इसकी इच्छाओं को तोड़ने की कोशिश न करो, क्योंकि वास्तव में, भोजन केवल पेटू की भूख को बढ़ाता है।
والنفسُ كالطفلِ إن تهملهُ شَبَّ على
حُبِّ الرَّضاعِ وإنْ تَفْطِمْهُ يَنْفَطِمऔर आत्मा एक बच्चे की तरह है: यदि तुम उसे उपेक्षित छोड़ दोगे, तो वह दूध पीने के प्रेम में बड़ा होगा, लेकिन यदि तुम उसे दूध छुड़ा दोगे, तो वह छूट जाएगा।
فاصرفْ هواها وحاذرْ أنْ تُوَلِّيَهُ
إنَّ الهوى ما تولَّى يُصمِ أوْ يَصمِइसलिए, इसकी इच्छाओं को मोड़ दो और इसे अधिकार देने से सावधान रहो, क्योंकि वास्तव में, इच्छा, एक बार अधिकार दिए जाने पर, या तो बहरा कर देगी या नष्ट कर देगी।
وَراعِها وهيَ في الأعمالِ سائِمةٌ
وإنْ هِيَ اسْتَحْلَتِ المَرْعَى فلا تُسِمऔर इसका ध्यान रखो जब यह कर्मों में स्वतंत्र रूप से चरती है, लेकिन यदि इसे चरागाह मीठा लगे, तो इसे और चरने मत दो।
كَمْ حَسَّنَتْ لَذَّةٍ لِلْمَرءِ قاتِلَةً
من حيثُ لم يدرِ أنَّ السُّمَّ في الدَّسَمِकितनी ही घातक ख़ुशियाँ एक व्यक्ति के लिए खुद को सजाती हैं, जिसे पता ही नहीं होता कि ज़हर उसके आकर्षण में छिपा है।
وَاخْشَ الدَّسائِسَ مِن جُوعٍ وَمِنْ شِبَع
فَرُبَّ مَخْمَصَةٍ شَرٌّ مِنَ التُّخَمِभूख और तृप्ति दोनों में छिपे कपटपूर्ण ख़तरों से सावधान रहो, क्योंकि अक्सर अभाव के ख़तरे अतिभोग से भी ज़्यादा गंभीर होते हैं।
واسْتَفْرِغ الدَّمْعَ مِنْ عَيْنٍ قد امْتَلأتْ
مِنَ المَحارِمِ وَالْزَمْ حِمْيَةَ النَّدَمِउस आँख से आँसू भरपूर बहने दो जिसने वर्जित चीज़ों को देखा है, और सच्चे पश्चाताप से उत्पन्न संयम का दृढ़ता से पालन करो।
وخالفِ النفسَّ والشيطانَ واعصهما
وإنْ هُما مَحَّضاكَ النُّصحَ فاتهمअपनी निम्न आत्मा और शैतान का विरोध करो, उन दोनों की अवज्ञा करो, और भले ही वे तुम्हें सच्ची सलाह देते दिखें, तो भी उस पर संदेह करो।
وَلا تُطِعْ منهما خَصْماً وَلا حَكمَاً
فأنْتَ تَعْرِفُ كيْدَ الخَصْمِ والحَكمِउनमें से किसी की भी बात मत मानो, न विरोधी के रूप में और न ही न्यायाधीश के रूप में, क्योंकि तुम विरोधी और मध्यस्थ दोनों की चालाकी से भली-भाँति परिचित हो।
أسْتَغْفِرُ الله مِنْ قَوْلٍ بِلاَ عَمَلٍ
لقد نسبتُ به نسلاً لذي عقمِमैं अल्लाह से ऐसे शब्दों के लिए माफ़ी माँगता हूँ जो कर्मों के साथ नहीं हैं, क्योंकि ऐसे शब्दों से मैंने एक बाँझ को संतान का श्रेय दिया है।
أمرتكَ الخيرَ لكنْ ماائتمرتُ بهِ
وما استقمتُ فماقولي لك استقمِमैंने तुम्हें भलाई करने का आदेश दिया, फिर भी मैंने अपनी ही सलाह पर ध्यान नहीं दिया, और न ही मैं दृढ़ रहा, तो मैं तुम्हें कैसे कह सकता हूँ कि तुम सीधे रहो?
ولا تَزَوَّدْتُ قبلَ المَوْتِ نافِلةً
ولَمْ أُصَلِّ سِوَى فَرْضٍ ولَمْ أَصُمِमैंने मृत्यु से पहले कोई अतिरिक्त प्रावधान इकट्ठा नहीं किया, न ही मैंने अनिवार्य नमाज़ों के अलावा कोई नमाज़ पढ़ी, और न ही मैंने रोज़ा रखा।
ظلمتُ سُنَّةَ منْ أحيا الظلامَ إلى
أنِ اشْتَكَتْ قَدَماهُ الضُّرَّ مِنْ وَرَمमैंने उनकी ﷺ सुन्नत के साथ अन्याय किया है जिन्होंने रातों को इबादत में जीवित रखा, यहाँ तक कि उनके पैरों ने सूजन के दर्द की शिकायत की।
وشدَّ مِنْ سَغَبٍ أحشاءهُ وَطَوَى
تحتَ الحجارةِ كشحاً مترفَ الأدمِऔर उन्होंने ﷺ भूख से अपनी आँतों को कस लिया, और पत्थरों के नीचे, उन्होंने ﷺ एक नरम त्वचा के पार्श्व को बाँधा, जो आराम का आदी था।
وراودتهُ الجبالُ الُشُّمُّ من ذهبٍ
عن نفسهِ فأراها أيما شممِसोने के ऊँचे पहाड़ों ने उन्हें ﷺ उनकी आत्मा के संबंध में लुभाया, फिर भी उन्होंने ﷺ उन्हें अत्यंत कुलीनता और सांसारिक धन के प्रति तिरस्कार दिखाया।
وأكَّدَتْ زُهْدَهُ فيها ضرورتهُ
إنَّ الضرورةَ لاتعدو على العصمِउनकी ﷺ अपनी ज़रूरत ने उनके वैराग्य की पुष्टि की, क्योंकि सच्ची आवश्यकता उन लोगों पर हावी नहीं होती जो ईश्वरीय रूप से संरक्षित हैं।
وَكَيفَ تَدْعُو إلَى الدُّنيا ضَرُورَةُ مَنْ
لولاهُ لم تخرجِ الدنيا من العدمِऔर उनकी ﷺ आवश्यकता उन्हें इस दुनिया की ओर कैसे झुका सकती थी, जिनके बिना यह दुनिया अस्तित्वहीनता से बाहर नहीं आती?
محمدٌ سيدُّ الكونينِ والثَّقَلَيْنِ
والفريقينِ من عُربٍ ومن عجمِमुहम्मद ﷺ दोनों जहानों के, जिन्न और इंसानों के, और दोनों क़ौमों के, अरब और ग़ैर-अरब के सरदार हैं।
نبينَّا الآمرُ الناهي فلا أحدٌ
أبَرَّ في قَوْلِ «لا» مِنْهُ وَلا «نَعَمِ»हमारे पैगंबर ﷺ वह हैं जो आदेश देते हैं और मना करते हैं, और "नहीं" या "हाँ" कहने में उनसे ﷺ ज़्यादा सच्चा कोई नहीं है।
هُوَ الحَبيبُ الذي تُرْجَى شَفَاعَتُهُ
لِكلِّ هَوْلٍ مِنَ الأهوالِ مُقْتَحَمِवे ﷺ प्रिय हैं जिनकी शफ़ाअत हर उस भयानक आपदा के लिए माँगी जाती है जिसका सामना करना पड़ता है।
دعا إلى اللهِ فالمستمسكونَ بهِ
مستمسكونَ بحبلٍ غيرِ منفصمِउन्होंने ﷺ अल्लाह की ओर बुलाया, और जो उनसे ﷺ मज़बूती से जुड़े हैं, वे वास्तव में एक अटूट रस्सी को थामे हुए हैं।
فاقَ النبيينَ في خلْقٍ وفي خُلُقٍ
ولمْ يدانوهُ في علمٍ ولا كَرَمِवे ﷺ शारीरिक बनावट और नेक चरित्र दोनों में सभी पैगंबरों से बढ़कर थे, और ज्ञान या उदारता में कोई भी उनकी ﷺ बराबरी नहीं कर सकता था।
وكلهمْ من رسول اللهِ ملتمسٌ
غَرْفاً مِنَ البَحْرِ أوْ رَشْفاً مِنَ الدِّيَمِऔर वे सभी, पैगंबर, अल्लाह के रसूल ﷺ से उनके सागर से एक घूँट या उनकी प्रचुर वर्षा से एक बूँद की तलाश में थे।
وواقفونَ لديهِ عندَ حَدِّهمِ
من نقطةِ العلمِ أومنْ شكلةِ الحكمِऔर वे उनके ﷺ सामने अपनी निर्धारित सीमा पर खड़े हैं, उनसे ﷺ ज्ञान का एक बिंदु या विवेक का एक ही स्वर चिह्न प्राप्त करते हुए।
فهْوَ الذي تَمَّ معناهُ وصُورَتُه
ثمَّ اصطفاهُ حبيباً بارىءُ النَّسمِवे ﷺ ऐसे हैं जिनकी आत्मा और रूप पूर्णता को प्राप्त हुए, फिर आत्माओं के सृष्टिकर्ता ने उन्हें अपना प्रिय चुना।
مُنَّزَّهٌ عن شريكٍ في محاسنهِ
فَجَوْهَرُ الحُسْنِ فيهِ غيرُ مُنْقَسِمَवे ﷺ अपने गुणों में किसी भी साझीदार से पवित्र हैं, क्योंकि उनमें सौंदर्य का सार अविभाज्य है।
دَعْ ما ادَّعَتْهُ النَّصارَى في نَبيِّهِمِ
وَاحكُمْ بما شِئْتَ مَدْحاً فيهِ واحْتَكِمِईसाइयों ने अपने पैगंबर के बारे में जो दावा किया है, उसे छोड़ दो, और फिर उनकी प्रशंसा में जो चाहो फैसला करो, और अपने निर्णय में दृढ़ रहो।
وانْسُبْ إلى ذاتِهِ ما شِئْتَ مِنْ شَرَفٍ
وَانْسُبْ إلى قَدْرِهِ ما شِئْتَ منْ عِظَمِउनके अस्तित्व ﷺ को जो सम्मान चाहो, वह प्रदान करो, और उनकी प्रतिष्ठा को जो महानता चाहो, वह अर्पित करो।
فإن فضلَ رسولِ اللهِ ليسَ لهُ
حَدٌّ فيُعْرِبَ عنه ناطِقٌ بفَمِक्योंकि अल्लाह के रसूल ﷺ की श्रेष्ठता की कोई सीमा नहीं है, जिसे कोई वक्ता अपने मुख से व्यक्त कर सके।
لو ناسبتْ قدرهُ آياتهُ عظماً
أحيا اسمهُ حينَ يُدعى دارسَ الرِّممِयदि उनके चमत्कार उनकी अपार प्रतिष्ठा के अनुरूप होते, तो उनका नाम पुकारे जाने पर ही सड़ी-गली हड्डियों में जान डाल देता।
لَمْ يَمْتَحِنَّا بما تعْمل العُقولُ بِهِ
حِرْصاً علينا فلمْ ولَمْ نَهَمِहम पर दया करते हुए, उन्होंने ﷺ हमें उन बातों से नहीं परखा जिन्हें समझना दिमागों के लिए मुश्किल है, इस प्रकार हम न तो भ्रमित हुए और न ही विचलित।
أعيا الورى فهمُ معانهُ فليس يُرى
في القُرْبِ والبعدِ فيهِ غير منفحِمِउनके अर्थों को समझने में सारी सृष्टि थक गई, इसलिए निकट या दूर, कोई भी ऐसा नहीं दिखता जो उनके सार से अभिभूत न हो।
كالشمسِ تظهرُ للعينينِ من بُعُدٍ
صَغِيرَةٍ وَتُكِلُّ الطَّرْفَ مِنْ أممٍवे ﷺ सूर्य के समान हैं, जो दूर से आँखों को छोटा दिखाई देता है, फिर भी निकट से देखने पर दृष्टि को थका देता है।
وكيفَ يُدْرِكُ في الدُّنْيَا حَقِيقَتَهُ
قومٌ نيامٌ تسلَّوا عنهُ بالحُلُمِऔर वे लोग जो सोए हुए हैं, सपनों से ﷺ उनसे विचलित हैं, इस दुनिया में उनकी सच्ची वास्तविकता को कैसे समझ सकते हैं?
فمبلغُ العلمِ فيهِ أنهُ بشرٌ
وأنهُ خيرُ خلقِ اللهِ كلهمِउनके ﷺ बारे में ज्ञान की पराकाष्ठा यह है कि वे एक इंसान हैं, और वे अल्लाह की समस्त सृष्टि में सर्वश्रेष्ठ हैं।
وَكلُّ آيِ أَتَى الرُّسْلُ الكِرامُ بها
فإنما اتَّصلتْ من نورهِ بهمِऔर हर वह निशान जो सम्मानित दूत लाए, वह वास्तव में उनके ﷺ नूर (प्रकाश) के माध्यम से उनसे जुड़ा हुआ था।
فإنهُ شمسٌ فضلٍ همْ كواكبها
يُظْهِرْنَ أَنْوارَها للناسِ في الظُلَمक्योंकि वे ﷺ श्रेष्ठता के सूर्य हैं, और वे (अन्य पैगंबर) उसके तारे हैं, जो अंधेरे में लोगों को अपनी रोशनी दिखाते हैं।
أكرمْ بخلقِ نبيٍّ زانهُ خُلُقٌ
بالحُسْنِ مُشْتَمِلٍ بالبِشْرِ مُتَّسِمِकितने महान हैं वे पैगंबर ﷺ जिनकी रचना ऐसे चरित्र से सुशोभित है, जो समस्त सौंदर्य को समाहित किए हुए है और प्रसन्नता से चिह्नित है!
كالزَّهرِ في تَرَفٍ والبَدْرِ في شَرَفٍ
والبَحْر في كَرَمٍ والدهْرِ في هِمَمِवे ﷺ कोमलता में फूल के समान, सम्मान में पूर्णिमा के चंद्रमा के समान, उदारता में समुद्र के समान, और उच्च संकल्प में स्वयं समय के समान हैं।
كأنهُ وهو فردٌ من جلالتهِ
في عَسْكَرٍ حينَ تَلْقاهُ وفي حَشَمِमानो वे ﷺ, यद्यपि अकेले हैं, अपनी महिमा के कारण, जब कोई उनसे मिलता है तो वे एक सेना और दल के बीच प्रतीत होते हैं।
كَأَنَّما اللُّؤْلُؤُ المَكْنونُ في صَدَفِ
من معدني منطقٍ منهُ ومبتسمِऐसा लगता है मानो सीप में छिपा हुआ मोती उनके ﷺ भाषण और उनकी मुस्कान की दो खानों से निकलता है।
لا طِيبَ يَعْدِلُ تُرْباً ضَمَّ أَعْظُمَهُ
طُوبَى لِمُنْتَشِقٍ منهُ ومُلْتَئِمकोई भी सुगंध उस धूल के बराबर नहीं हो सकती जिसने उनकी ﷺ हड्डियों को गले लगाया; धन्य है वह जो उससे साँस लेता है और उससे चिपका रहता है।
أبان مولدهُ عن طيبِ عُنصرهِ
يا طِيبَ مُبْتَدَإٍ منه ومُخْتَتَمِउनके ﷺ जन्म ने उनके सार की पवित्रता को प्रकट किया; ओह, उनका आरंभ और उनका अंत कितना पवित्र है!
يومٌ تفرَّسَ فيهِ الفرسُ أنهمُ
قد أنذروا بحلولِ البؤسِ والنقمِवह एक ऐसा दिन था जब फारसियों ने पहले ही देख लिया था कि उन्हें दुख और प्रतिशोध के आगमन की चेतावनी दी गई थी।
وباتَ إيوانُ كسرى وهو منصدعٌ
كشملِ أصحابِ كسرى غيرَ ملتئمِखुसरो का ऐवान (महल) उस रात फटा और टूटा हुआ पड़ा था, ठीक वैसे ही जैसे उसके साथियों की बिखरी हुई सभा, जो कभी फिर से एकजुट नहीं हो पाई।
والنَّارُ خامِدَةُ الأنفاس مِنْ أَسَفٍ
عليه والنَّهرُ ساهي العين من سدمِपवित्र अग्नि, मानो दुःख में आहें भरते हुए, उन पर बुझ गई थी, जबकि नदी, शोक से उदास आँखों वाली, सूखती हुई प्रतीत हो रही थी।
وساء ساوة أن غاضتْ بحيرتها
ورُدَّ واردها بالغيظِ حين ظمىَसावा दुखी था जब उसकी झील सूख गई, और जो पीने आए थे उन्हें निराशा में लौटा दिया गया, उनकी प्यास बुझी नहीं।
كأنَّ بالنارِ مابالماء من بللٍ
حُزْناً وبالماءِ ما بالنَّارِ من ضرمِऐसा था मानो अग्नि में, अपने दुःख में, पानी की नमी थी, और पानी में, अपने शोक में, अग्नि की भस्म करने वाली ज्वाला थी।
والجنُّ تهتفُ والأنوار ساطعةٌ
والحَقُّ يَظْهَرُ مِنْ مَعْنىً ومِنْ كَلِمजिन्न चिल्ला रहे थे, और शानदार रोशनी चमक रही थी, क्योंकि सत्य अपने गहरे अर्थ और अपने बोले गए शब्दों दोनों के माध्यम से प्रकट होने लगा था।
عَموُا وصمُّوا فإعلانُ البشائرِ لمْ
تُسْمَعْ وَبارِقَةُ الإِنْذارِ لَمْ تُشَمफिर भी वे अंधे और बहरे थे, इसलिए शुभ समाचारों की घोषणा अनसुनी रह गई, और चेतावनी की चमक अनदेखी रही।
مِنْ بَعْدِ ما أَخْبَرَ الأقْوامَ كاهِنُهُمْ
بأَنَّ دينَهُمُ المُعْوَجَّ لَمْ يَقُمِयह तब हुआ जब उनके अपने ज्योतिषियों ने लोगों को बताया था कि उनका टेढ़ा-मेढ़ा धर्म अब और नहीं टिकेगा।
وبعدَ ما عاينوا في الأفقِ من شُهُبٍ
منقضةٍ وفقَ مافي الأرضِ من صنمِऔर जब उन्होंने क्षितिज में टूटते हुए तारे देखे, जो पृथ्वी पर गिराई जा रही मूर्तियों के अनुरूप गिर रहे थे।
حتى غدا عن طريقِ الوحيِ مُنهزمٌ
من الشياطينِ يقفو إثرَ منهزمِयहाँ तक कि, दिव्य रहस्योद्घाटन के मार्ग से, शैतान पूरी तरह से पराजित हो गए, एक के बाद एक भागते हुए।
كأَنُهُمْ هَرَباً أبطالُ أَبْرَهَةٍ
أوْ عَسْكَرٌ بالحَصَى مِنْ رَاحَتَيْهِ رُمِيअपनी उड़ान में, वे अब्रहा के नायकों के समान थे, या एक सेना जिस पर उनके ﷺ हाथों से कंकड़ फेंके गए थे।
نَبْذاً بهِ بَعْدَ تَسْبِيحِ بِبَطْنِهما
نَبْذَ المُسَبِّحِ مِنْ أحشاءِ مُلْتَقِمِउन्हें बाहर निकाल दिया गया, उनके ﷺ हाथों में ईश्वर की महिमा करने के बाद, ठीक वैसे ही जैसे स्तुति करने वाले को निगलने वाले के पेट से बाहर निकाला गया था।
جاءتْ لدَعْوَتِهِ الأشجارُ ساجِدَةً
تَمْشِي إليهِ عَلَى ساقٍ بِلا قَدَمِपेड़ उनकी ﷺ पुकार पर सजदा करते हुए आए, बिना पैरों के अपने तनों पर चलकर उनकी ओर बढ़ते हुए।
كأنَّما سَطَرَتْ سَطْراً لِمَا كَتَبَتْ
فروعها من بديعِ الخطِّ في اللقمِऐसा था मानो उनकी शाखाओं ने जमीन पर सुंदर सुलेख की एक पंक्ति उकेरी हो, जो उनके मार्ग को चिह्नित कर रही थी।
مثلَ الغمامةِ أنىَسارَ سائرةٌ
تقيهِ حرَّ وطيسٍ للهجيرِ حميएक बादल की तरह, वह जहाँ भी वे ﷺ चलते थे, उनके साथ चलता था, उन्हें दोपहर की झुलसा देने वाली धूप की तीव्र गर्मी से बचाता था।
أقسمتُ بالقمرِ المنشقِّ إنَّ لهُ
مِنْ قَلْبِهِ نِسْبَةً مَبْرُورَةَ القَسَمِमैं विभाजित चंद्रमा की कसम खाता हूँ, क्योंकि इसका उनके ﷺ हृदय से एक संबंध है, एक शपथ जो वास्तव में पूरी हुई।
ومَا حَوَى الغارُ مِنْ خَيْرٍ ومَنْ كَرَم
وكلُّ طرفٍ من الكفارِ عنه عميऔर उस गुफा में कितनी भलाई और उदारता समाई हुई थी, फिर भी काफिरों की हर आँख उससे अंधी थी।
فالصدقُ في الغارِ والصديقُ لم يرِما
وَهُمْ يقولونَ ما بالغارِ مِنْ أَرمِसत्य ﷺ और सत्यवादी (अबू बक्र) गुफा में दृढ़ रहे, जबकि काफिरों ने घोषणा की कि उसके भीतर कोई नहीं था।
ظَنُّوا الحَمامَ وظَنُّو العَنْكَبُوتَ على
خيْرِ البَرِيَّةِ لَمْ تَنْسُجْ ولمْ تَحُمउन्होंने सोचा कि कबूतरों और मकड़ी ने, सृष्टि के सर्वश्रेष्ठ पर, न तो बुना था और न ही उन्हें बचाने के लिए मंडराया था।
وقايةُ اللهِ أغنتْ عن مضاعفةٍ
من الدروعِ وعن عالٍ من الأطمِईश्वर की सुरक्षा पर्याप्त थी, जिससे किसी भी दोगुनी ढाल या ऊँचे किले की आवश्यकता समाप्त हो गई।
ما سامني الدهرُ ضيماً واستجرتُ بهِ
إلاَّ استلمتُ الندى من خيرِ مُستلمِसमय ने मुझ पर कभी कोई कठिनाई नहीं डाली और मैंने उनमें ﷺ शरण ली, सिवाय इसके कि मुझे शरण लेने वालों में से सर्वश्रेष्ठ से उदारता प्राप्त हुई।
لاتنكرُ الوحيَ من رؤياهُ إنَّ لهُ
قَلْباً إذا نامَتِ العَيْنانِ لَمْ يَنمِउनकी ﷺ दृष्टियों से प्राप्त रहस्योद्घाटन को अस्वीकार न करें, क्योंकि उनके पास एक ऐसा हृदय था जो आँखें बंद होने पर भी जागृत रहता था।
وذاكَ حينَ بُلوغٍ مِنْ نُبُوَّتِهِ
فليسَ يُنْكَرُ فيهِ حالُ مُحْتَلِمِयह उनकी ﷺ पैगंबरी के बिल्कुल शुरुआती दौर में हुआ था, इसलिए उनकी दृष्टियों को किसी सांसारिक स्वप्न देखने वाले की स्थिति से नहीं जोड़ा जा सकता।
تَبَارَكَ الله ما وحْيٌ بمُكْتَسَبٍ
وَلا نَبِيٌّ عَلَى غَيْبٍ بِمُتَّهَمِअल्लाह धन्य है, क्योंकि रहस्योद्घाटन प्रयास से प्राप्त होने वाली चीज़ नहीं है, और न ही किसी पैगंबर पर अनदेखी चीज़ों के बारे में झूठ बोलने का संदेह किया जा सकता है।
كَمْ أبْرَأَتْ وَصِبا باللَّمْسِ راحَتهُ
وأَطْلَقَتْ أرِباً مِنْ رِبْقَةِ اللَّمَمِउनकी ﷺ धन्य हथेली ने मात्र स्पर्श से कितने बीमार व्यक्तियों को ठीक किया, और कितने पागलपन से ग्रस्त लोगों को उनकी बंधनकारी जंजीरों से मुक्त किया।
وأحْيَتِ السنَةَ الشَّهْبَاءَ دَعْوَتُهُ
حتى حَكَتْ غُرَّةً في الأَعْصُرِ الدُّهُمِउनकी ﷺ दुआ ने बंजर, सूखे से ग्रस्त वर्ष को पुनर्जीवित कर दिया, यहाँ तक कि वह सबसे अंधकारमय युगों के बीच एक उज्ज्वल सफेद चमक की तरह चमक उठा।
بعارضٍ جادَ أو خلتَ البطاحَ بها
سيبٌ من اليَمِّ أو سيلٌ من العرمِएक उदार बादल के साथ, घाटियाँ इतनी जलमग्न हो गईं कि कोई सोच सकता था कि वे समुद्र की लहरों या अल-अरम के बांध से आए सैलाब से भर गई हैं।
دعني ووصفي آياتٍ له ظهرتْ
ظهورَ نارِ القرى ليلاً على علمِमुझे उन स्पष्ट चिह्नों का वर्णन करने दें जो उनके ﷺ लिए प्रकट हुए, जो रात में पहाड़ की चोटी पर दिखाई देने वाली गाँव की आग की तरह चमक रहे थे।
فالدرُّ يزدادُ حُسناً وهو منتظمٌ
وليسَ ينقصُ قدراً غير منتظمِक्योंकि मोती पिरोने पर उनकी सुंदरता बढ़ जाती है, फिर भी जब वे बिना पिरोए होते हैं तो उनका आंतरिक मूल्य कम नहीं होता।
فما تَطاوَلُ آمالُ المَدِيحِ إلى
ما فيهِ مِنْ كَرَمِ الأَخْلاَقِ والشِّيَمِइस प्रकार, प्रशंसा की आकांक्षाएँ उनके ﷺ महान चरित्र और उदात्त स्वभाव की पूरी सीमा को समाहित करने में कम पड़ जाती हैं।
آياتُ حقٍّ من الرحمنِ محدثةٌ
قَدِيمَةٌ صِفَةُ المَوْصوفِ بالقِدَمये परम दयालु की ओर से सत्य के चिह्न हैं, जो नए प्रकट हुए हैं, फिर भी वे उस शाश्वत के प्राचीन गुण को समाहित करते हैं जिसे अनादि कहा गया है।
لم تقترنْ بزمانٍ وهي تخبرنا
عَن المعادِ وعَنْ عادٍ وعَنْ إرَمِवे किसी विशेष समय से बंधे नहीं हैं, फिर भी वे हमें परलोक, और आद तथा इरम के प्राचीन लोगों के बारे में बताते हैं।
دامَتْ لَدَيْنا فَفاقَتْ كلَّ مُعْجِزَةٍ
مِنَ النَّبِيِّينَ إذْ جاءتْ ولَمْ تَدُمِवे हमारे साथ बने रहे हैं, इस प्रकार पिछले पैगंबरों के हर चमत्कार को पार कर गए, जो प्रकट हुए लेकिन टिके नहीं।
مُحَكَّماتٌ فما تبقينَ من شبهٍ
لذي شقاقٍ وما تبغينَ من حكمِवे निर्णायक और स्पष्ट हैं, किसी भी विवाद करने वाले के लिए संदेह की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ते, और न ही वे किसी और निर्णय की तलाश करते हैं।
ما حُورِبَتْ قَطُّ إلاَّ عادَ مِنْ حَرَبٍ
أَعْدَى الأعادي إليها مُلقِيَ السَّلَمِउनके ﷺ (या उनके संदेश/कुरान) के खिलाफ कभी युद्ध नहीं लड़ा गया, सिवाय इसके कि सबसे शत्रुतापूर्ण दुश्मन युद्ध से शांति में आत्मसमर्पण करते हुए लौटे।
رَدَّتْ بلاغَتُها دَعْوى مُعارِضِها
ردَّ الغيور يدَ الجاني عن الحُرمِउनकी ﷺ वाक्पटुता ने अपने विरोधियों के दावों को वैसे ही खारिज कर दिया, जैसे एक उत्साही रक्षक पवित्र स्थान से हमलावर के हाथ को दूर रखता है।
لها مَعانٍ كَمَوْجِ البَحْر في مَدَدٍ
وفَوْقَ جَوْهَرِهِ فِي الحُسْنِ والقِيَمِउनके ﷺ अर्थ समुद्र की लहरों जितने विशाल हैं, फिर भी वे अपने सार की सुंदरता और मूल्य से भी बढ़कर हैं।
فما تُعَدُّ وَلا تُحْصَى عَجَائبُها
ولا تُسامُ عَلَى الإكثارِ بالسَّأَمِउनके ﷺ चमत्कारों को गिना या सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता, और न ही बार-बार पाठ करने के बावजूद वे कभी थकाऊ होते हैं।
قرَّتْ بها عينُ قاريها فقلت له
لقد ظفِرتَ بِحَبْلِ الله فاعْتَصِمِइसके पाठ करने वाले की आँख को इसमें शांति मिलती है, इसलिए मैंने उससे कहा, "तुमने वास्तव में अल्लाह की रस्सी को पकड़ लिया है, तो इसे मजबूती से थामे रहो।"
إنْ تَتْلُها خِيفَةً مِنْ حَرِّ نارِ لَظَى
أطْفَأْتَ نارَ لَظَى مِنْ وِرْدِها الشَّبمِयदि तुम नरक की जलती हुई आग के डर से इसका पाठ करते हो, तो तुम इसके शीतल पाठ से नरक की लपटों को बुझा दोगे।
كأنها الحوضُ تبيضُّ الوجوه به
مِنَ العُصاةِ وقد جاءُوهُ كَالحُمَمِयह मानो (पैगंबर ﷺ का) हौज़े कौसर है, जिससे पापियों के चेहरे, जो काले कोयले की तरह उसके पास आए थे, उज्ज्वल हो जाते हैं।
وَكالصِّراطِ وكالمِيزانِ مَعدِلَةً
فالقِسْطُ مِنْ غَيرها في الناس لَمْ يَقُمِउनका न्याय सीधे मार्ग और तराजू की तरह निष्पक्ष है, क्योंकि इसके बिना, लोगों के बीच धार्मिकता स्थापित नहीं हो सकती।
لا تعْجَبَنْ لِحَسُودٍ راحَ يُنكِرُها
تَجاهُلاً وهْوَ عَينُ الحاذِقِ الفَهِمِउस ईर्ष्यालु पर आश्चर्य न करें जो इन गुणों को जानबूझकर अज्ञानता के कारण नकारता है, जबकि वह स्वयं समझदार और बुद्धिमान का सार है।
قد تنكرُ العينُ ضوء الشمسِ من رمدٍ
ويُنْكِرُ الفَمُّ طَعْمَ الماء منْ سَقَمवास्तव में, आँख किसी बीमारी के कारण सूर्य के प्रकाश को नकार सकती है, और मुँह बीमारी के कारण पानी के स्वाद को अस्वीकार कर सकता है।
ياخيرَ من يَمَّمَ لعافونَ ساحتَهُ
سَعْياً وفَوْقَ مُتُونِ الأَيْنُقِ الرُّسُمِहे उन सब में श्रेष्ठ, जिनकी पवित्र भूमि की ओर कृपा के चाहने वालों ने यात्रा की है, चाहे पैदल चलकर या तेज़, चिह्नित ऊँटनी की पीठ पर सवार होकर।
وَمَنْ هُو الآيَةُ الكُبْرَى لِمُعْتَبِرٍ
وَمَنْ هُوَ النِّعْمَةُ العُظْمَى لِمُغْتَنِمِऔर कौन है विचार करने वाले के लिए सबसे बड़ा चिह्न, और कौन है लाभ चाहने वाले के लिए सबसे महान आशीर्वाद।
سريتَ من حرمٍ ليلاً إلى حرمِ
كما سرى البدرُ في داجٍ من الظلمِआप रात में एक पवित्र स्थान से दूसरे पवित्र स्थान तक यात्रा करते रहे, जैसे पूर्णिमा का चाँद घने अंधकार में चलता है।
وَبِتَّ تَرْقَى إلَى أنْ نِلْتَ مَنْزِلَةً
من قابِ قوسينِ لم تدركْ ولم ترمِऔर आप रात भर ऊपर चढ़ते रहे जब तक कि आपने "दो धनुष-लंबाई" या उससे भी करीब का एक ऐसा स्थान प्राप्त नहीं कर लिया, जिसकी ऊँचाई न तो किसी और ने प्राप्त की और न ही उसकी आकांक्षा की।
وقدَّمتكَ جميعُ الأنبياءِ بها
والرُّسْلِ تَقْدِيمَ مَخْدُومٍ عَلَى خَدَمऔर उस आरोहण में सभी पैगंबरों और रसूलों ने आपको आगे बढ़ाया, यह एक ऐसी प्राथमिकता थी जो एक मालिक को उसके सेवकों पर दी जाती है।
وأنتَ تخترق السبعَ الطِّباقَ بهمْ
في مَوْكِبٍ كنْتَ فيهِ صاحِبَ العَلَمِऔर आप उनके साथ सात परतों वाले आकाशों को भेदते हुए आगे बढ़े, एक भव्य जुलूस में जहाँ आप ध्वजवाहक थे।
حتى إذا لَمْ تَدَعْ شَأْواً لمُسْتَبِقٍ
من الدنوِّ ولا مرقيً لمستنمِयहाँ तक कि आपने निकटता में किसी भी प्रतियोगी के लिए कोई आकांक्षा नहीं छोड़ी, और न ही ऊँचाई पर चढ़ने वाले के लिए कोई आरोहण।
خفضتَ كلَّ مقامٍ بالإضافة إذ
نُودِيتَ بالرَّفْعِ مِثْلَ المُفْرَدِ العَلَمआपने तुलनात्मक रूप से हर दूसरे स्थान को कम कर दिया जब आपको एक अद्वितीय, प्रतिष्ठित ध्वज की तरह इतनी ऊँची पदवी पर बुलाया गया।
كيما تفوزَ بوصلٍ أيِّ مستترٍ
عن العيونِ وسرٍّ أيِ مُكتتمِताकि आप एक ऐसे मिलन को प्राप्त कर सकें, जो सभी आँखों से कितना भी छिपा हुआ क्यों न हो, और एक ऐसे रहस्य को, जो कितना भी गहरा छिपा हुआ क्यों न हो।
فَحُزْتَ كلَّ فَخَارٍ غيرَ مُشْتَرَكٍ
وجُزْتَ كلَّ مَقامٍ غيرَ مُزْدَحَمِइस प्रकार, आपने हर वह गौरव प्राप्त किया जो विशिष्ट रूप से आपका था, और आपने हर उस स्थान को पार कर लिया जो भीड़भाड़ वाला नहीं था।
وَجَلَّ مِقْدارُ ما وُلِّيتَ مِنْ رُتَبٍ
وعزَّ إدْراكُ ما أُولِيتَ مِنْ نِعَمِऔर जिन पदों से आपको नवाज़ा गया, उनका माप कितना शानदार था, और जो आशीर्वाद आपको प्रदान किए गए, वे समझ से परे थे।
بُشْرَى لَنا مَعْشَرَ الإسلامِ إنَّ لنا
من العنايةِ رُكناً غيرَمنهدمِहम इस्लाम के समुदाय के लिए शुभ समाचार है, क्योंकि वास्तव में हमारे पास, ईश्वरीय कृपा के माध्यम से, एक अटूट स्तंभ है।
لمَّا دعا الله داعينا لطاعتهِ
بأكرمِ الرُّسلِ كنَّا أكرمَ الأممِजब अल्लाह ने हमारे बुलाने वाले (पैगंबर ﷺ) को अपनी आज्ञाकारिता के लिए बुलाया, सबसे नेक रसूलों के माध्यम से, तो हम राष्ट्रों में सबसे सम्मानित बन गए।
راعتْ قلوبَ العدا أنباءُ بعثتهِ
كَنَبْأَةٍ أَجْفَلَتْ غَفْلاً مِنَ الغَنَمِउनके मिशन की खबर ने दुश्मनों के दिलों में दहशत भर दी, जैसे एक अचानक अलार्म जो लापरवाह भेड़ों को चौंका देता है।
ما زالَ يلقاهمُ في كلِّ معتركٍ
حتى حَكَوْا بالقَنا لَحْماً على وضَمवे ﷺ हर युद्धक्षेत्र में उनसे भिड़ते रहे, यहाँ तक कि वे भालों से ऐसे लगने लगे जैसे कसाई के चबूतरे पर रखा मांस।
ودوا الفرار فكادوا يغبطونَ بهِ
أشلاءَ شالتْ مع العقبانِ والرَّخمِवे भागने की लालसा रखते थे और लगभग उन बिखरे हुए अवशेषों से ईर्ष्या करते थे जिन्हें चील और गिद्ध ऊपर ले गए थे।
تمضي الليالي ولا يدرونَ عدتها
ما لَمْ تَكُنْ مِنْ ليالِي الأَشْهُرِ الحُرُمِरातें बीतती गईं, और उन्हें उनकी गिनती का पता नहीं चला, सिवाय इसके कि वे पवित्र महीनों की रातों में से थीं।
كأنَّما الدِّينُ ضَيْفٌ حَلَّ سَاحَتَهُمْ
بِكلِّ قَرْمٍ إلَى لحْمِ العِدا قَرِمऐसा था मानो धर्म स्वयं एक अतिथि के रूप में उनके बीच आ बसा हो, हर उस शक्तिशाली योद्धा के साथ जो अपने शत्रुओं के मांस के लिए अत्यंत उत्सुक था।
يَجُرُّ بَحْرَ خَمِيسٍ فوقَ سابِحَةٍ
يرمي بموجٍ من الأبطالِ ملتطمِवे ﷺ एक समुद्र-सी विशाल सेना का नेतृत्व करते हैं, जो तेज़ घोड़ों पर सवार है, और टकराते हुए वीरों की लहरें उछाल रही है।
من كلِّ منتدبٍ لله محتسبٍ
يَسْطو بِمُسْتَأْصِلٍ لِلْكُفْرِ مُصطَلِمउनमें से प्रत्येक ईश्वर को समर्पित एक योद्धा है, जो उसके प्रतिफल की तलाश में है, और जो ऐसे हथियार से प्रहार करता है जो कुफ्र को जड़ से उखाड़ फेंकता और पूरी तरह नष्ट कर देता है।
حتَّى غَدَتْ مِلَّةُ الإسلام وهْيَ بِهِمْ
مِنْ بَعْدِ غُرْبَتِها مَوْصُولَةَ الرَّحِمयहाँ तक कि उनके प्रयासों से, इस्लाम का धर्म, अपनी अलगाव की अवधि के बाद, दृढ़ता से स्थापित हो गया और रिश्तेदारी के बंधनों से जुड़ गया।
مكفولةً أبداً منهم بخيرٍ أبٍ
وخير بعلٍ فلم تيتم ولم تئمِवे हमेशा उनके द्वारा सुरक्षित रहे, मानो सबसे अच्छे पिता और सबसे अच्छे पति द्वारा, यह न तो अनाथ हुआ और न ही बिना संरक्षक के छोड़ा गया।
هُم الجِبالُ فَسَلْ عنهمْ مُصادِمَهُمْ
ماذا رأى مِنْهُمُ في كلِّ مُصطَدَمवे पहाड़ों के समान हैं, तो उनके विरोधियों से पूछो कि हर युद्ध में उन्होंने उनसे क्या सामना किया।
وسل حُنيناً وسل بدراً وسلْ أُحُداً
فُصُولَ حَتْفٍ لهُمْ أدْهَى مِنَ الوَخَمऔर हुनैंन से पूछो, और बदर से पूछो, और उहुद से पूछो, क्योंकि वे उनके शत्रुओं पर आई विनाश की उन गाथाओं के साक्षी हैं, जो किसी भी महामारी से अधिक भयानक थीं।
المصدري البيضَ حُمراً بعدَ ما وردت
من العدا كلَّ مُسْوَّدٍ من اللممِवे ऐसे हैं जिन्होंने अपनी सफेद तलवारों को लाल कर दिया, जब वे शत्रुओं में से हर काले बालों वाले दुश्मन से मिले।
وَالكاتِبِينَ بِسُمْرِ الخَطِّ مَا تَرَكَتْ
أقلامهمْ حرفَ جسمٍ غبرَ منعجمِऔर वे ऐसे लेखक हैं जिन्होंने अपनी भूरी भालों से ऐसी लिपि लिखी कि उनकी कलमों ने शरीर का कोई भी हिस्सा बिना भेदे नहीं छोड़ा।
شاكي السِّلاحِ لهم سيمى تميزهمْ
والوردُ يمتازُ بالسيمى عن السلمِभारी हथियारों से लैस, उनमें एक विशिष्ट पहचान है, ठीक वैसे ही जैसे गुलाब अपनी अनूठी विशेषताओं से बबूल के पेड़ से अलग पहचाना जाता है।
تُهدى إليكَ رياحُ النصرِ نشرهمُ
فتحسبُ الزَّهرَ في الأكمامِ كلَّ كميविजय की हवाएँ उनकी सुगंध आप तक पहुँचाती हैं, जिससे आप हर योद्धा को उसकी म्यान में एक खिलते हुए फूल के रूप में देखते हैं।
كأنهمْ في ظهورِ الخيلِ نبتُ رُباً
مِنْ شِدَّةِ الحَزْمِ لاَ مِنْ شِدَّةِ الحُزُمअपने घोड़ों की पीठ पर, वे पहाड़ियों पर पौधों की तरह दृढ़ता से जमे हुए दिखते हैं, यह उनकी अटूट दृढ़ता के कारण है, न कि केवल उनकी जीन की मजबूती के कारण।
طارت قلوبُ العدا من بأسهمِ فرقاً
فما تُفَرِّقُ بين البهم والبُهمِउनके शत्रुओं के दिल उनकी शक्ति के भय से भाग गए, वे इतने भ्रमित हो गए कि वे कमजोर और मजबूत के बीच अंतर नहीं कर सके।
ومن تكنْ برسول الله نصرتُه
إن تلقهُ الأُسدُ في آجامها تجمِऔर जिसे अल्लाह के रसूल ﷺ द्वारा विजय प्रदान की जाती है, यदि शेर भी अपनी मांद में उससे मिलें, तो वे विस्मय से शांत हो जाएँगे।
ولن ترى من وليٍّ غير منتصرِ
بهِ ولا مِنْ عَدُوّ غَيْرَ مُنْقصمِऔर आप कभी भी उनके ﷺ के किसी ऐसे सहयोगी को नहीं देखेंगे जो उनके माध्यम से विजयी न हो, न ही किसी ऐसे शत्रु को जो पूरी तरह से पराजित न हो।
أحلَّ أمَّتَهُ في حرزِ ملَّتهِ
كاللَّيْثِ حَلَّ مَعَ الأشبال في أجَمउन्होंने ﷺ अपने समुदाय को अपने धर्म के अभयारण्य में सुरक्षित रूप से बसाया, ठीक वैसे ही जैसे एक शेर अपने शावकों के साथ घनी झाड़ी में बसता है।
كمْ جدَّلَتْ كلماتُ اللهِ من جدلٍ
فيهِ وكم خَصَمَ البُرْهانُ مِنْ خَصِمِउनके ﷺ संबंध में ईश्वर के वचनों से कितने ही विवाद सुलझाए गए, और कितने ही विरोधियों को स्पष्ट प्रमाण से पराजित किया गया!
كفاكَ بالعِلْمِ في الأُمِيِّ مُعْجِزَةً
في الجاهليةِ والتأديبِ في اليتمِआपके लिए एक चमत्कार के रूप में पर्याप्त है कि अनपढ़ पैगंबर ﷺ में ज्ञान का पाया जाना, अज्ञानता के युग के बीच, और उनके अनाथ होने के बावजूद उनका पूर्ण अनुशासन।
خَدَمْتُهُ بِمَديحٍ أسْتَقِيلُ بِهِ
ذُنُوبَ عُمْرٍ مَضَى في الشِّعْرِ والخِدَمमैंने उनकी ﷺ इस प्रशंसा के साथ सेवा की है, जिसके माध्यम से मैं कविता और दूसरों की सेवा में बिताए गए जीवन के पापों के लिए क्षमा चाहता हूँ।
إذ قلداني ما تُخشى عواقبهُ
كَأنَّني بهما هَدْيٌ مِنَ النَّعَمक्योंकि उन्होंने (कविता और सेवा ने) मुझे ऐसे परिणामों से लाद दिया है जिनके अंजाम से मैं डरता हूँ, मानो उनके कारण मैं एक बलि का पशु हूँ।
أطَعْتُ غَيَّ الصِّبَا في الحَالَتَيْنِ ومَا
حصلتُ إلاَّ على الآثامِ والندمِमैंने जवानी की मूर्खता के दोनों चरणों में हार मान ली, और उससे मुझे पापों और पछतावे के सिवा कुछ नहीं मिला।
فياخسارةَ نفسٍ في تجارتها
لم تشترِ الدِّينَ بالدنيا ولم تَسُمِओह, अपनी सांसारिक व्यापार में एक आत्मा के लिए कितना गहरा नुकसान, क्योंकि उसने न तो क्षणभंगुर दुनिया से विश्वास खरीदा और न ही उसके लिए कोई पेशकश की।
وَمَنْ يَبِعْ آجِلاً منهُ بِعاجِلِهِ
يَبِنْ لهُ الغَبْنُ في بَيْعِ وَفي سَلَمِऔर जो कोई भी अपने शाश्वत परलोक को अपने क्षणभंगुर सांसारिक लाभ के लिए बेचता है, उसे हर लेन-देन में गहरा नुकसान स्पष्ट हो जाएगा, चाहे वह तत्काल हो या स्थगित।
إنْ آتِ ذَنْباً فما عَهْدِي بِمُنْتَقِضٍ
مِنَ النبيِّ وَلا حَبْلِي بِمُنْصَرِمِयदि मैं कोई पाप करता हूँ, तो पैगंबर ﷺ के साथ मेरा अनुबंध अटूट रहता है, और न ही उनके साथ मेरा बंधन कभी टूटता है।
فإنَّ لي ذمةً منهُ بتسميتي
مُحمداً وَهُوَ الخَلْيقِ بالذِّمَمِवास्तव में, मैं उनके ﷺ से एक सुरक्षा का वचन रखता हूँ, मेरे नाम मुहम्मद होने के कारण, और वे ﷺ वास्तव में ऐसे अनुबंधों को निभाने के सबसे योग्य हैं।
إنْ لَمْ يَكُن في مَعادِي آخِذاً بِيَدِي
فضلاً وإلا فقلْ يازَلَّةَ القدمِयदि वे ﷺ पुनरुत्थान के दिन कृपापूर्वक मेरा हाथ नहीं थामते, तो वास्तव में, कोई विलाप कर सकता है, "ओह, यह कैसी गंभीर ठोकर है!"
حاشاهُ أنْ يحرمَ الرَّاجي مكارمهُ
أو يرجعَ الجارُ منهُ غيرَ محترمِउनसे ﷺ यह दूर है कि वे आशा रखने वाले को अपनी महान कृपा से वंचित करें, या उनके संरक्षण के चाहने वाले को बिना सम्मान के वापस लौटा दें।
ومنذُ ألزمتُ أفكاري مدائحهُ
وَجَدْتُهُ لِخَلاصِي خيرَ مُلْتَزِمऔर जब से मैंने अपने विचारों को उनकी ﷺ प्रशंसाओं के लिए समर्पित किया है, मैंने उन्हें अपनी मुक्ति के लिए सबसे उत्कृष्ट गारंटर पाया है।
وَلَنْ يَفُوتَ الغِنى مِنْهُ يداً تَرِبَتْ
إنَّ الحَيا يُنْبِتُ الأزهارَ في الأكَمِऔर उनकी ﷺ प्रचुर उदारता कभी भी किसी दरिद्र हाथ तक पहुँचने में विफल नहीं होगी, क्योंकि वास्तव में, जीवनदायिनी वर्षा पहाड़ियों पर भी फूल खिलाती है।
وَلَمْ أُرِدْ زَهْرَةَ الدُّنْيا التي اقتطَفَتْ
يدا زُهيرٍ بما أثنى على هرمِमैंने इस दुनिया के क्षणभंगुर फूल की तलाश नहीं की, जैसा कि ज़ुहैर ने हरम की अपनी प्रशंसा के बल पर तोड़ा था।
يا أكرَمَ الخلق مالي مَنْ أَلُوذُ به
سِوَاكَ عندَ حلولِ الحادِثِ العَمِمِऐ सृष्टियों में सबसे श्रेष्ठ, जब आम विपत्तियाँ आ घेरें, तो आपके ﷺ सिवा मेरा कोई नहीं, जिससे मैं अल्लाह की बारगाह में शفاعत की प्रार्थना करूँ।
وَلَنْ يَضِيقَ رَسولَ الله جاهُكَ بي
إذا الكريمُ تَحَلَّى باسْمِ مُنْتَقِمِऔर आपकी ﷺ उच्च पदवी, हे अल्लाह के रसूल ﷺ, मेरी उपस्थिति से बाधित नहीं होगी, भले ही सर्व-उदार प्रभु प्रतिशोधक के गुण से स्वयं को सुशोभित करें।
فإنَّ من جُودِكَ الدنيا وَ ضَرَّتها
ومن علومكَ علمَ اللوحِ والقلمِक्योंकि आपकी ﷺ असीम उदारता से यह दुनिया और परलोक दोनों उत्पन्न होते हैं, और आपके ﷺ गहन ज्ञान से संरक्षित तख्ती और कलम का ज्ञान निकलता है।
يا نَفْسُ لا تَقْنَطِي مِنْ زَلَّةٍ عَظُمَتْ
إنَّ الكَبائرَ في الغُفرانِ كاللَّمَمِहे मेरी आत्मा, किसी पाप पर निराश मत हो, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, क्योंकि वास्तव में, दिव्य क्षमा की विशालता में, बड़े अपराध भी छोटे दोषों के समान हैं।
لعلَّ رحمةَ ربي حين يقسمها
تأتي على حسب العصيانِ في القسمِशायद मेरे रब की रहमत, जब वह उसे बाँटता है, तो उसके बँटवारे में अवज्ञा की मात्रा के अनुसार ही आएगी।
ياربِّ واجعل رجائي غير منعكسٍ
لَدَيْكَ وَاجعَلْ حِسابِي غَيرَ مُنْخَزِمِहे प्रभु, आप में मेरी आशा अप्रतिबंधित रहे, और मेरा हिसाब बेदाग रहे।
والطفْ بعبدكَ في الدارينَِّ إن لهُ
صبراً متى تدعهُ الأهوالُ ينهزمِऔर अपने बंदे पर दोनों जहानों में दयालु रहें, क्योंकि उसका धैर्य, जब भय से सामना होता है, तो तेज़ी से टूट जाता है।
وائذنْ لِسُحْبِ صلاةٍ منكَ دائمةٍ
على النبيِّ بمنهلٍّ ومنسجمِऔर आप से पैगंबर ﷺ पर निरंतर आशीर्वाद के बादलों को उतरने की अनुमति दें, जो प्रचुरता और निरंतरता से बहते रहें।
ما رَنَّحَتْ عَذَباتِ البانِ ريحُ صَباً
وأطْرَبَ العِيسَ حادي العِيسِ بِالنَّغَمِजब तक पूरब की हवा बान के पेड़ की पतली शाखाओं को हिलाती रहे, और ऊँटों का चरवाहा अपने मधुर गीत से ऊँटों को मंत्रमुग्ध करता रहे।