هِمْ بِالحَبِيب
طُوبَى لِمَنْ هُوَ فِي المَحَبَّةِ صَبُّهُ — من عيون المدائح المتوارثة (قائلها غير معروف على التحقيق)
موشح من عيون المدائح المتوارثة في مجالس الإنشاد، يدور على الهيام بحب النبي ﷺ وأن الأرض لا تُبلي جسدًا تمكّن فيه حب أحمد ﷺ، ويختم بالتوسل إلى الله بالنبي وآله. اشتهر بأداء كبار المنشدين في المشرق والمغرب.
हिम बिल-हबीब (प्रिय के लिए तरसो) — प्रशंसा काव्य के विरासत में मिले खजाने से
यह ज़िक्र की सभाओं में गाए जाने वाले प्रशंसा काव्य के विरासत में मिले खजाने से एक स्तोत्र है। यह पैगंबर ﷺ के लिए तरसते हुए प्रेम का गान करता है - कि धरती कभी भी उस शरीर को नहीं खाएगी जिसमें अहमद ﷺ का प्रेम जड़ जमा चुका है - और पैगंबर और उनके परिवार के माध्यम से अल्लाह से दुआ के साथ समाप्त होता है। यह पूरब और पश्चिम के महान मुनशिदों द्वारा प्रिय है।
هِمْ بِالحَبِيبِ مُحَمَّدٍ وَذَوِيهِ
إِنَّ الهُيَامَ بِحُبِّهِ يُرْضِيهِमुहम्मद ﷺ और उनके परिजनों के लिए गहरी चाहत रखो, क्योंकि उनके प्रति ऐसा तीव्र प्रेम और लालसा उन्हें अत्यंत प्रसन्न करती है।
إِنْ مَاتَ جِسْمُكَ فَالْهَوَىٰ يُحْيِيهِ
جَسَدٌ تَمَكَّنَ حُبُّ أَحْمَدَ فِيهِयदि तुम्हारा शरीर नष्ट भी हो जाए, तो उनके प्रति प्रेम उसे पुनर्जीवित कर देगा, विशेषकर उस शरीर को जिसमें अहमद का प्रेम गहराई से जड़ जमा चुका हो।
تَاللّٰهِ إِنَّ الأَرْضَ لَا تُبْلِيهِ
अल्लाह की क़सम, ऐसी देह को धरती कभी क्षय नहीं कर सकती।
طُوبَىٰ لِمَنْ هُوَ فِي المَحَبَّةِ صَبُّهُ
لِمَ لَا وَمَوْلَاهُ الكَرِيمُ يُحِبُّهُधन्य है वह जिसका हृदय ऐसे प्रेम से परिपूर्ण है, और क्यों न हो, जब उसका कृपालु स्वामी स्वयं उससे प्रेम करता है?
فِي القَبْرِ حَاشَا أَنْ يُضَامَ مُحِبُّهُ
أَوْ كَيْفَ يَأْكُلُهُ التُّرَابُ وَحُبُّهُक़ब्र में उनके प्रेमी को कोई हानि पहुँचे, यह असंभव है; भला धूल उसे कैसे खा सकती है जब उनका प्रेम...
فِي قَلْبِهِ وَمَدِيحُهُ فِي فِيهِ
...उनके हृदय में है और उनकी प्रशंसा सदा उसकी ज़ुबान पर रहती है?
مِنْ بُعدِهِ رُوحِي أَطَالَتْ أَنَّهَا
أَنَا لَسْتُ أَصْغِي لِلْعَذُولِ وَإِنْ نَهَىٰउनकी अनुपस्थिति में मेरी आत्मा लंबे समय से तड़प रही है और आहें भर रही है, फिर भी मैं निंदक की बात पर ध्यान नहीं देता, भले ही वह मुझे रोकने का प्रयास करे।
يَا عَاشِقًا ذَاتَ الحَبِيبِ وَحُسْنَهَا
أَكْثِرْ عَلَيْهِ مِنَ الصَّلَاةِ فَإِنَّهَاऐ प्रियतम के स्वरूप और सौंदर्य के प्रेमी, उन पर अधिक से अधिक दरूद भेजो, क्योंकि वे...
هِيَ نُورُ قَبْرِكَ عِنْدَمَا تَأْوِيهِ
...तुम्हारी क़ब्र का नूर होंगी जब तुम उसमें विश्राम करोगे।
يَا رَبِّ عَبْدٌ قَدْ أَسَا بِفِعَالِهِ
وَبِذُلِّهِ قَدْ مَدَّ كَفَّ سُؤَالِهِहे रब, एक बंदे ने अपने कर्मों से सचमुच ग़लती की है, और अपनी विनम्रता में उसने अपनी याचना का हाथ फैलाया है।
وَأَتَىٰ حَبِيبَكَ طَامِعًا بِنَوَالِهِ
عَبْدٌ تَوَسَّلَ بِالنَّبِيِّ وَآلِهِवह आपके प्रियतम के पास उनकी शफ़ाअत की उम्मीद में आया है, एक बंदा जिसने नबी ﷺ और उनके नेक परिवार के माध्यम से वसीला माँगा है।
فَبِحَقِّهِمْ يَا رَبِّ لَا تُخْزِيهِ
इसलिए, उनके सम्मानित हक़ के वास्ते, हे रब, उसे अपमानित न करना।