الهمزية في المدائح النبوية

أم القرى في مدح خير الورى — الإمام شرف الدين البوصيري (ت 696هـ)

من عيون المدائح النبوية، نظمها الإمام البوصيري رحمه الله في سيرة النبي ﷺ وشمائله ومعجزاته، ومطلعها المشهور: «كيف ترقى رقيك الأنبياء». تُدرَّس وتُنشد في مجالس العلم والذكر شرقًا وغربًا.

अल-हमज़िया — इमाम शरफ़ुद्दीन अल-बूसीरी

यह नबवी प्रशंसा काव्यों में से एक उत्कृष्ट कविता है, जिसे इमाम अल-बूसीरी (अल्लाह उन पर रहम करे) ने पैगंबर ﷺ की जीवनी, उनके नेक गुणों और उनके चमत्कारों का वर्णन करते हुए रचा था। इसकी प्रसिद्ध शुरुआती पंक्ति है: 'कैसे पैगंबर आपकी महानता तक पहुँच सकते हैं?' इसका अध्ययन किया जाता है और पूरब और पश्चिम दोनों में ज्ञान और ज़िक्र की सभाओं में इसका पाठ किया जाता है।

كيف ترقَى رُقِيَّك الأَنبياءُ
يا سماءً ما طاوَلَتْها سماءُ

आपके ऊँचे पद तक अन्य पैगंबर कैसे पहुँच सकते हैं, हे ऐसे आकाश जिसकी ऊँचाई को किसी और आकाश ने कभी नहीं छुआ?

لَمْ يُساوُوك في عُلاكَ وَقَدْ حا
لَ سناً مِنك دونَهم وسَناءُ

वे आपकी महानता में आपकी बराबरी नहीं कर सके, क्योंकि आपकी ओर से एक उज्ज्वल प्रकाश और भव्यता उनके लिए एक बाधा बनकर खड़ी थी, जिसने आपको उनसे अलग कर दिया।

إنّما مَثَّلُوا صِفاتِك للنا
س كما مثَّلَ النجومَ الماءُ

वास्तव में, उन्होंने केवल आपके गुणों को मानवता के सामने प्रस्तुत किया, ठीक वैसे ही जैसे पानी तारों को दर्शाता है, केवल एक झलक दिखाता है।

أنتَ مِصباحُ كلِّ فضلٍ فما تَص
دُرُ إلا عن ضوئِكَ الأَضواءُ

आप हर सद्गुण के दीपक हैं, क्योंकि अन्य सभी प्रकाश केवल आपकी दीप्तिमान चमक से ही निकलते और प्राप्त होते हैं।

لكَ ذاتُ العلومِ من عالِمِ الغَي
بِ ومنها لآدمَ الأَسماءُ

आपको अदृश्य के ज्ञाता से ज्ञान का सार प्राप्त है, और इसी स्रोत से आदम को नामों का ज्ञान मिला था।

لم تَزَلْ في ضمائرِ الكونِ تُختَا
رُ لك الأُمهاتُ الأَباءُ

आप सृष्टि की छिपी गहराइयों में सदैव विद्यमान थे, जहाँ आपके लिए माताओं और पिताओं का चुनाव शुद्धता की एक वंशावली के माध्यम से किया गया था।

ما مضتْ فَترةٌ من الرُّسْلِ إِلّا
بَشَّرَتْ قومَها بِكَ الأَنبياءُ

पैगंबरों के बीच कोई भी युग ऐसा नहीं बीता, जब पैगंबरों ने अपनी-अपनी कौमों को आपके आगमन की भविष्यवाणी न की हो।

تتباهَى بِكَ العصورُ وَتَسْمو
بِكَ علْياءٌ بعدَها علياءُ

युग आपके आगमन पर गर्व करते हैं, और आपके माध्यम से, गौरव की एक ऊँचाई के बाद दूसरी ऊँचाई लगातार बढ़ती जाती है।

وَبَدا للوُجُودِ منك كريمٌ
من كريمٍ آبَاؤُه كُرماءُ

और आपसे एक महान व्यक्तित्व अस्तित्व में आया, जो एक ऐसे महान वंश से जन्मा था जिसके सभी पूर्वज महान थे।

نَسَبٌ تَحسِبُ العُلا بِحُلاهُ
قَلَّدَتْهَا نجومهَا الْجَوزاءُ

एक ऐसा वंश जो इतना सुशोभित है कि उसकी सुंदरता से सच्ची महानता का माप होता है, और यहाँ तक कि मिथुन राशि के तारों ने भी अपनी शोभा उससे बढ़ाई है।

حبذا عِقْدُ سُؤْدُدٍ وَفَخَارٍ
أنتَ فيه اليتيمةُ العصماءُ

वह महिमा और गौरव का हार कितना उत्कृष्ट है, जिसमें आप ﷺ अद्वितीय और सबसे अनमोल मोती हैं।

وُمُحَيّاً كالشَّمس منكَ مُضِيءٌ
أسْفَرَت عنه ليلةٌ غَرّاءُ

और आपका एक मुखमंडल, जो सूर्य के समान चमक रहा था, एक शानदार और दीप्तिमान रात में प्रकट हुआ।

ليلةُ المولدِ الذي كَان للدِّي
نِ سرورٌ بيومِهِ وازْدِهاءُ

वह आपके ﷺ जन्म की रात थी, जिसका दिन धर्म के लिए अपार खुशी और भव्यता लेकर आया।

وتوالَتْ بُشْرَى الهواتفِ أن قدْ
وُلِدَ المصطفى وحُقّ الهَناءُ

और अदृश्य आवाज़ों से शुभ समाचार एक के बाद एक आते रहे, यह घोषणा करते हुए कि चुने हुए ﷺ का जन्म हो गया है, और इस प्रकार, खुशी वास्तव में योग्य थी।

وتَدَاعَى إيوانُ كِسْرَى ولَوْلا
آيةٌ مِنكَ ما تَدَاعَى البناءُ

और किसरा का इवान ढह गया, क्योंकि यदि यह आपकी ﷺ ओर से एक चमत्कारी संकेत न होता, तो वह भव्य इमारत कभी नहीं गिरती।

وغَدَا كلُّ بيتِ نارٍ وفيهِ
كُرْبَةٌ مِنْ خُمودِها وَبلاءُ

और आग का हर घर बुझ गया, जिससे उसके उपासकों को उसके अचानक बुझने से संकट और विपत्ति मिली।

وعيونٌ لِلْفُرسِ غارَتْ فهل كا
نَ لنِيرانِهِم بها إطفاءُ

और फ़ारसी लोगों के झरने सूख गए; क्या इसी कार्य से उनकी पवित्र अग्नि बुझ नहीं गई थी?

مَوْلِدٌ كان منهُ في طالعِ الكُفْ
رِ وبالٌ عليهِمُ ووباءُ

एक ऐसा जन्म जिससे, कुफ्र के भाग्य में, उसके अनुयायियों पर विनाश और एक महामारी आई।

فَهنيئاً به لآمِنَةَ الفَض
لُ الذي شُرِّفَتْ به حوَّاءُ

तो आमिना को उनके ﷺ लिए बधाई, क्योंकि उन्होंने एक ऐसा सद्गुण प्राप्त किया जिससे हव्वा (ईव) भी सम्मानित हुईं।

مَنْ لِحَوَّاءَ أنها حملَتْ أحْ
مدَ أو أنها به نُفَسَاءُ

क्योंकि हव्वा सहित, स्त्रियों में से कौन यह सम्मान का दावा कर सकती थी कि उसने अहमद ﷺ को गर्भ में धारण किया या उनके जन्म के बाद धन्य प्रसवोत्तर अनुभव किया?

يوْمَ نَالت بِوَضْعِهِ ابنَةُ وَهْبٍ
مِنْ فَخَارٍ ما لم تَنَلْهُ النِّساءُ

जिस दिन वहाब की बेटी (आमिना) ने, उनके जन्म के माध्यम से, ऐसी महिमा प्राप्त की जो किसी अन्य महिला ने कभी हासिल नहीं की थी।

وَأَتَتْ قومَها بأفضلَ مما
حَمَلَتْ قبلُ مريمُ العذراءُ

और वह अपने लोगों के पास कुछ ऐसा लेकर आईं जो कुंवारी मरियम ने पहले जो कुछ भी धारण किया था, उससे कहीं बेहतर था।

شمَّتته الأَملاكُ إذ وضَعَتْهُ
وشَفَتْنَا بِقَوْلِهَا الشَّفّاءُ

फरिश्तों ने उनके जन्म पर उन्हें बधाई दी, और अपने शांतिदायक वचनों से उन्होंने हमें सांत्वना दी।

رافعاً رأسَه وفي ذلك الرف
ع إلى كل سُؤْدُدٍ إيماءُ

वे ﷺ अपना सिर उठाए हुए पैदा हुए थे, और उस मुद्रा में भविष्य की सभी महिमा और श्रेष्ठता का संकेत था।

رامقاً طَرْفه السَّماءَ ومَرْمَى
عينِ مَنْ شَأْنُهُ العُلُوُّ العَلاءُ

उनकी नज़रें आसमान पर टिकी थीं, जो उस व्यक्ति का लक्ष्य है जिसका भाग्य सर्वोच्च ऊँचाई और उत्कर्ष है।

وتَدَلَّتْ زُهْرُ النُّجومِ إليهِ
فأضاءت بِضوئها الأَرجاءُ

और चमकीले तारे उनकी ओर उतरे, अपने प्रकाश से सभी आस-पास के क्षेत्रों को रोशन करते हुए।

وتراءت قصورُ قَيصَر بالرُّو
مِ يَرَاهَا مَنْ دَارُهُ البطحاءُ

रोम में सीज़र के महल दिखाई देने लगे, उन्हें उस व्यक्ति ने देखा जिसका घर मक्का की रेतीली घाटी थी।

وبَدَتْ فِي رَضَاعِهِ مُعْجِزَاتٌ
لَيْس فيها عنِ العيون خَفَاءُ

और उनके दूध पीने के दौरान, चमत्कार प्रकट हुए, जो सभी आँखों के लिए स्पष्ट और अकाट्य थे।

إذْ أَبَتْهُ لِيُتْمِهِ مُرْضِعاتٌ
قُلْنَ ما في اليتيمِ عنا غَنَاءُ

क्योंकि दूध पिलाने वाली दाइयों ने उनके अनाथ होने के कारण उन्हें मना कर दिया था, यह कहते हुए, "एक अनाथ से हमें कोई लाभ नहीं मिलेगा।"

فأتتهُ من آلِ سعدٍ فتاةٌ
قد أبَتْهَا لِفَقْرِهَا الرُّضَعاءُ

तब सअद जनजाति की एक युवती उनके पास आई, जिसे अन्य शिशुओं ने उसकी गरीबी के कारण मना कर दिया था।

أرْضَعتْهُ لِبَانَهَا فَسَقَتْهَا
وَبنِيها أَلْبَانَهُنَّ الشَّاءُ

उसने उन्हें अपना दूध पिलाया, और बदले में, उसकी भेड़ों ने उसे और उसके बच्चों को भरपूर दूध प्रदान किया।

أَصْبَحَتْ شُوَّلاً عِجافا وأمْسَتْ
ما بِها شائلٌ ولا عَجْفاءُ

उसकी भेड़ें, जो सुबह सूखी और कमजोर थीं, शाम तक न तो सूखी रहीं और न ही कमजोर।

أخْصَبَ العَيْشُ عِنْدَهَا بعدَ مَحْلٍ
إذ غَدا للنبيِّ منها غِذاءُ

सूखे की अवधि के बाद उसके लिए जीवन प्रचुर हो गया, क्योंकि पैगंबर ﷺ ने उससे अपना पोषण प्राप्त किया।

يا لَها مِنَّةً لقدْ ضُوعِفَ الأَجْ
رُ عليها من جِنْسِها والجزَاءُ

ओह, क्या आशीर्वाद है, क्योंकि उसके कार्य का प्रतिफल और इनाम कई गुना बढ़ गया, उसी प्रकार और उससे भी बढ़कर।

وإذا سخَّرَ الإِلهُ أُناساً
لسعيدٍ فإِنهم سُعَداءُ

और जब ईश्वर लोगों को किसी धन्य व्यक्ति के अधीन कर देता है, तो वे लोग स्वयं धन्य हो जाते हैं।

حَبَّة أَنْبَتَتْ سَنَابِلَ والعَص
فُ لَدَيْهِ يَسْتَشْرِفُ الضُّعَفَاءُ

वे ﷺ एक ऐसे दाने के समान थे जिससे कई बालियाँ निकलीं, जिससे कमजोर लोग भी उसके भूसे से पोषण प्राप्त करते थे।

وَأَتَتْ جَدَّهُ وقد فَصَلَتْهُ
وبِهَا مِنْ فِصَالِهِ البُرَحَاءُ

और वह उन्हें दूध छुड़ाने के बाद उनके दादा के पास आई, उनके बिछड़ने के दुख से अभिभूत होकर।

إذ أحاطتْ به ملائكةُ الل
هِ فظنَّتْ بأنهم قُرَنَاءُ

क्योंकि ईश्वर के फरिश्तों ने उन्हें घेर लिया था, जिससे उसे लगा कि वे उनके साथी हैं।

ورأى وَجْدَها به ومِنَ الوَج
دِ لهيبٌ تَصْلَى بهِ الأَحْشاءُ

और उन्होंने ﷺ उनके प्रति उसकी तीव्र भक्ति देखी, एक ऐसा प्रबल प्रेम जो उसके हृदय में जलती हुई लौ जैसा महसूस हुआ।

فَارَقَتْهُ كُرْهَاً وكان لَدَيْهَا
ثاوِياً لا يُمَلُّ مِنْهُ الثّواءُ

वह उनसे अनिच्छा से अलग हुई, क्योंकि उनके साथ उनका रहना एक ऐसा निवास था जिससे वह कभी नहीं ऊबी थी।

شُقَّ عَنْ قَلْبِهِ وأُخْرِجَ مِنْهُ
مُضْغَةٌ عِنْدَ غَسْلِهِ سوداءُ

उनके ﷺ हृदय को चीरकर शुद्धिकरण के समय उसमें से एक काला रक्त का थक्का निकाला गया।

خَتَمَتْهُ يُمْنَى الأَمينِ وقد أُو
دِعَ ما لم تُذَع له أَنْبَاءُ

विश्वसनीय फ़रिश्ते के दाहिने हाथ ने उनके ﷺ हृदय पर मुहर लगा दी, और उसमें ऐसे रहस्य सौंपे गए जिनकी ख़बरें अभी तक प्रकट नहीं हुई थीं।

صانَ أَسْرَارَه الخِتَامُ فلا الفَضْ
ضُ مُلِمٌّ بِهِ وَلا الإِفضاءُ

उस मुहर ने उसके रहस्यों की रक्षा की, जिससे न तो उसे तोड़ा जा सका और न ही उसकी सामग्री को उजागर किया जा सका।

أَلِفَ النُّسْكَ والعبادةَ والخَل
وةَ طِفلاً وهكذا النُّجَبَاءُ

बचपन से ही वे ﷺ भक्ति, उपासना और एकांत के आदी हो गए थे, क्योंकि कुलीन लोगों का यही स्वभाव होता है।

وإذا حَلَّتِ الْهِدَايَةُ قَلْبَاً
نَشِطَتْ في العبادة الأَعضاءُ

जब मार्गदर्शन किसी हृदय में बस जाता है, तो अंग उपासना में सक्रिय और उत्सुक हो जाते हैं।

بَعَثَ اللَّهُ عندَ مبعثهِ الشُّه
بَ حِراساً وضاقَ عنها الفضاءُ

उनके ﷺ आगमन पर, अल्लाह ने उल्काओं को पहरेदार के रूप में भेजा, और आकाश का विशाल विस्तार उनसे संकुचित हो गया।

تَطْرُدُ الجِنَّ عن مقاعدَ للسَّمْ
عِ كما تَطْرُدُ الذِّئابَ الرِّعاءُ

ये उल्काएँ जिन्नों को उनके सुनने के स्थानों से ऐसे भगाती थीं, जैसे चरवाहे भेड़ियों को भगाते हैं।

فَمَحَتْ آيةُ الكَهَانَةِ آيا
تٌ مِنَ الوحْيِ ما لَهنَّ امِّحاءُ

इस प्रकार, भविष्यवाणी के संकेत दिव्य रहस्योद्घाटन की उन आयतों द्वारा मिटा दिए गए, जिन्हें कभी मिटाया नहीं जा सकता।

ورأَتْهُ خديجةٌ والتُّقَى وال
زُّهْدُ فيه سجيَّةٌ والحياءُ

खदीजा ने उन्हें ﷺ देखा, और उन्होंने पाया कि पवित्रता, वैराग्य और लज्जा उनके अंतर्निहित स्वभाव में थे।

وأتاها أن الغمامةَ والسر
حَ أَظَلَّتْهُ منهما أفياءُ

उन्हें यह ख़बर मिली कि बादल और पेड़ ने उन्हें ﷺ अपनी सुरक्षात्मक छाया प्रदान की थी।

وأحاديث أنَّ وَعْدَ رسولِ ال
له بالبعثِ حانَ منه الوفاءُ

और ऐसी ख़बरें फैल रही थीं कि अल्लाह के रसूल ﷺ के आगमन से संबंधित वादा पूरा होने वाला था।

فدَعَتْهُ إلى الزواجِ وما أَحْ
سَنَ ما يبلغُ المُنَى الأَذكياءُ

तो उन्होंने उन्हें ﷺ विवाह के लिए आमंत्रित किया, और यह कितना उत्कृष्ट है कि बुद्धिमान लोग ऐसी बुद्धिमत्ता से अपनी इच्छाएँ प्राप्त करते हैं।

وأتاهُ في بيتها جَبْرَئيلٌ
ولِذي اللُّبِّ في الأُمورِ ارْتياءُ

और जिब्रील उनके ﷺ घर में उनके पास आए, क्योंकि बुद्धिमान व्यक्ति ऐसे महत्वपूर्ण मामलों में विवेक रखता है।

فأماطت عنها الخِمَارَ لتَدْري
أهُوَ الوحْيُ أم هو الإِغماءُ

तो उन्होंने यह जानने के लिए अपना सिर ढँकने वाला वस्त्र हटा दिया कि क्या यह वास्तव में रहस्योद्घाटन था या केवल एक बेहोशी।

فاختفى عند كشفِها الرأْسَ جِبْري
لُ فما عادَ أو أُعيدَ الغِطاءُ

जब उन्होंने अपना सिर खोला तो जिब्रील गायब हो गए, और जब तक आवरण वापस नहीं रखा गया, तब तक वे वापस नहीं आए।

فاستبانت خديجةٌ أنه الكنْ
زُ الذي حَاوَلَتْهُ والكِيميَاءُ

तब खदीजा को यकीन हो गया कि वे ﷺ वही खजाना थे जिसकी उन्हें तलाश थी और परिवर्तन का सच्चा रसायन थे।

ثم قام النبيُّ يدعو إلى الل
هِ وفي الكُفرِ نَجْدَةٌ وإباءُ

फिर पैगंबर ﷺ अल्लाह की ओर बुलाने के लिए खड़े हुए, भले ही उस समय कुफ्र (नास्तिकता) प्रबल और विद्रोही था।

أُمَمَاً أُشرِبَتُ قلوبُهُم الكُف
رَ فَدَاءُ الضَّلالِ فيهم عَيَاءُ

उन्होंने उन राष्ट्रों को बुलाया जिनके हृदय कुफ्र में डूबे हुए थे, जिससे उनकी गुमराही का इलाज असंभव लग रहा था।

ورأينا آياتِه فاهتدَيْنَا
وإذا الحقُّ جاء زالَ المِراءُ

और हमने उनके ﷺ संकेतों को देखा, तो हमें मार्गदर्शन मिला, क्योंकि जब सत्य आता है, तो सभी संदेह दूर हो जाते हैं।

رَبِّ إِنَّ الهُدى هُداك وَآيا
تُكَ نورٌ تَهْدِي بها من تشاءُ

मेरे रब, वास्तव में मार्गदर्शन आपका ही मार्गदर्शन है, और आपके संकेत एक प्रकाश हैं जिससे आप जिसे चाहें मार्गदर्शन देते हैं।

كم رأَيْنَا ما ليس يَعْقِلُ قد أُلْ
هم ما ليْس يُلْهَمُ العُقلاءُ

हमने कितनी बार देखा है कि जिसमें बुद्धि नहीं होती, उसे ऐसी अंतर्दृष्टि से प्रेरित किया जाता है जो सबसे बुद्धिमान प्राणियों को भी नहीं मिलती।

إذ أبى الفيلُ ما أتى صاحبُ الفي
لِ ولم ينفعِ الحِجا والذكاءُ

यह तब स्पष्ट हुआ जब हाथी ने अपने मालिक, हाथियों के मालिक की आज्ञा मानने से इनकार कर दिया, और न तो उसकी बुद्धिमत्ता और न ही उसकी चतुराई काम आई।

والجماداتُ أفصحت بالذي أُخ
رِسَ عنه لأَحمدَ الفُصحاءُ

यहाँ तक कि निर्जीव वस्तुओं ने भी अहमद ﷺ के लिए उन सच्चाइयों को स्पष्ट रूप से बताया, जिनके बारे में सबसे वाक्पटु वक्ता भी मौन रह गए थे।

ويْحَ قومٍ جَفَوا نَبِيَّاً بأرضٍ
أَلِفَتْهُ ضِبَابُها والظِّبَاءُ

धिक्कार है उन लोगों पर जिन्होंने एक ऐसे पैगंबर ﷺ को उस भूमि में ठुकरा दिया जहाँ के लकड़बग्घे और हिरण भी उनकी उपस्थिति के आदी हो गए थे।

وَسَلَوْهُ وَحَنَّ جِذعٌ إِليه
وَقَلَوْهُ وَوَدَّهٌ الغُرَباءُ

उन्होंने उन्हें छोड़ दिया, फिर भी एक पेड़ का तना उनके लिए तरसता था; उन्होंने उनसे घृणा की, फिर भी अजनबियों ने उन्हें प्रिय माना।

أخرَجوه منها وآوَاهُ غارٌ
وَحَمَتْهُ حَمامَةٌ وَرقاءُ

उन्होंने उन्हें उनके घर से निकाल दिया, लेकिन एक गुफा ने उन्हें आश्रय दिया, और एक भूरे कबूतर ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की।

وَكَفَتْهُ بِنَسْجِها عنكبوتٌ
ما كَفَتْهُ الحمامةُ الحَصْداءُ

एक मकड़ी ने अपने नाजुक बुनाई से उन्हें ऐसी सुरक्षा प्रदान की जो एक मजबूत कबूतर भी नहीं दे सकता था।

وَاختفى منهمُ على قُرْبٍ مَرْآ
هُ ومن شِدَّةِ الظهورِ الخَفَاءُ

वे उनसे छिपे रहे, भले ही वे उन्हें देखने के लिए काफी करीब थे, यह छिपाव विरोधाभासी रूप से उनकी उपस्थिति की तीव्रता से ही उत्पन्न हुआ था।

وَنَحا المصطفى المدينةَ وَاشتا
قتْ إليه من مكةَ الأَنحاءُ

फिर चुने हुए पैगंबर ﷺ मदीना की ओर चले, जबकि मक्का के क्षेत्र भी उनके लौटने के लिए तरस रहे थे।

وَتغنّتْ بِمَدْحِهِ الْجِنُّ حتَّى
أطرَبَ الإِنسَ منه ذاك الغِناءُ

जिन्नों ने उनकी ﷺ प्रशंसा में गीत गाए, उनकी धुनें इतनी मनमोहक थीं कि उन्होंने मनुष्यों को भी आनंदित कर दिया।

وَاقتفى إثْرَهُ سُراقَةُ فاستَهْ
وَتهُ في الأَرْضِ صافنٌ جَرْداءُ

सुराका ने उनके ﷺ पदचिह्नों का पीछा किया, लेकिन उसका तेज़, शक्तिशाली घोड़ा ज़मीन में धँस गया, जिससे वह फँस गया।

ثم ناداهُ بعدَما سِيمَتِ الخَس
فَ العُلا وَقَد يُنْجِدُ الغريقَ النِّداءُ

फिर सुराका ने उन्हें ﷺ पुकारा जब उसका महान घोड़ा अपमानित हो गया, क्योंकि वास्तव में, एक पुकार डूबते हुए व्यक्ति को बचा सकती है।

فطوى الأَرضَ سائرا وَالسموا
تِ العُلا فوقَها له إِسراءُ

उन्होंने पैदल ही धरती को पार किया, फिर भी ऊपर के ऊँचे आकाश भी उनकी चमत्कारी रात्रि यात्रा के दौरान उनका गंतव्य थे।

فصِفِ الليلةَ التي كان للمُخ
تارِ فيها على البُراقِ استواءُ

इसलिए, उस अद्भुत रात का वर्णन करें जब चुने हुए पैगंबर ﷺ बुराक पर सवार थे।

وترقى به إلى قابِ قَوْسَيْ
نِ وَتِلكَ السيادةُ القَعْساءُ

वे उसके साथ दो धनुष की दूरी तक ऊपर चढ़े, जो उनकी सर्वोच्च और अटूट संप्रभुता का प्रमाण है।

رُتَبٌ تَسْقُط الأَمانيُّ حَسْرَى
دونَها ما وراءهن وَرَاءُ

ये ऐसे ऊँचे पद हैं कि सभी आकांक्षाएँ उनके सामने पछतावे में कम पड़ जाती हैं, क्योंकि उनके परे कोई और उन्नति नहीं है।

ثم وافَى يحدِّثُ الناسَ شُكْرَاً
إذ أتته من ربِّه النَّعْماءُ

फिर वे लौटे, लोगों को कृतज्ञता के साथ उन अपार आशीषों के बारे में बताते हुए जो उनके रब ने उन्हें प्रदान की थीं।

وتَحَدَّى فارتابَ كلُّ مُريبٍ
أَوَ يَبْقَى مع السُّيُولِ الغُثاءُ

उन्होंने अपनी चुनौती दी, जिससे हर संदेह करने वाला डगमगा गया, क्योंकि शक्तिशाली बाढ़ के बीच केवल मैल कैसे टिक सकता है?

وَهْوَ يدعو إلى الإِلهِ وَإن شق
قَ عليه كفرٌ به وَازدِراءُ

वे ﷺ मानवता को ईश्वर की ओर बुलाते रहे, भले ही उनके अविश्वास और तिरस्कार ने उन्हें बहुत कठिनाई दी।

وَيَدُلُّ الورَى على اللَّهِ بالتَّوْ
حيدِ وَهْوَ المَحَجَّةُ البَيْضاءُ

वे ﷺ सभी रचनाओं को दिव्य एकता के सिद्धांत के माध्यम से ईश्वर की ओर मार्गदर्शन करते हैं, जो वास्तव में स्पष्ट और उज्ज्वल मार्ग है।

فَبِمَا رحمةٍ مِنَ اللَّهِ لانَتْ
صَخْرةٌ مِنْ إبائِهم صَمَّاءُ

अल्लाह की रहमत से, उनकी हठधर्मिता की बहरी चट्टान नरम पड़ गई।

وَاستجابَتْ له بنصرٍ وَفَتْحٍ
بعد ذاكَ الخضراء والغبراءُ

और उसके बाद, हरी-भरी और धूल भरी धरती ने विजय और फ़तह के साथ उनका साथ दिया।

وَأَطاعَتْ لأَمْرِهِ العَرَبُ العَرْ
باء وَالْجَاهِلِيَّةُ الْجَهْلاءُ

शुद्ध अरबों और घोर अज्ञानता में डूबे जाहिलियत के लोगों ने उनके आदेश का पालन किया।

وَتَوالَتْ للمصطفى الآيةُ الكبْ
رَى عليهمْ وَالغارةُ الشَّعْواءُ

चुने हुए नबी ﷺ के लिए, उन पर एक के बाद एक महान निशानियाँ और बिखरे हुए हमले हुए।

فإذا ما تلا كتابا من الل
هِ تَلَتْهُ كَتِيبَةٌ خضراءُ

जब उन्होंने अल्लाह की किताब का पाठ किया, तो एक हरा दस्ता उनके पीछे चला।

وَكفاهُ المستهزئينَ وَكم سا
ءَ نبِيَّاً من قومِه استهزاءُ

अल्लाह ने उन्हें उपहास करने वालों के विरुद्ध पर्याप्त कर दिया, क्योंकि कितनी बार अपने ही लोगों के उपहास ने एक नबी को हानि पहुँचाई है।

وَرَماهم بِدَعْوَةٍ من فِناءِ ال
بَيتِ فيهَا للظالمين فَنَاءُ

और उन्होंने ﷺ काबा के आँगन से उन पर एक दुआ फेंकी, जिसमें अत्याचारियों के लिए विनाश था।

خمسةٌ كُلُّهم أُصيبوا بداءٍ
والرَّدَى من جنودِهِ الأَدوَاءُ

पाँचों व्यक्ति एक बीमारी से ग्रस्त हुए, क्योंकि बीमारियाँ मृत्यु के सैनिकों में से हैं।

فدَهَى الأَسودَ بنَ مُطَّلِبٍ أَي
يُ عمىً مَيِّتٌ به الأَحياءُ

इसने अल-असवद बिन अल-मुत्तलिब को ऐसी अंधता से मारा कि जीवित भी इसके कारण मृत के समान हो गए।

وَدَهَى الأَسودَ بنَ عبدِ يغوثٍ
أن سَقَاهُ كأسَ الرَّدَى اسْتِسْقَاءُ

और इसने अल-असवद बिन अब्द यग़ूस को मृत्यु का प्याला इस तरह पिलाया जैसे प्यास बुझाई जा रही हो।

وأَصابَ الوليدَ خَدْشَةُ سَهْمٍ
قَصَّرَتْ عنها الْحَيَّةُ الرَّقْطاءُ

और अल-वलीद को एक तीर की मामूली खरोंच लगी, फिर भी उसका ज़हर इतना प्रबल था कि एक धब्बेदार साँप का डंक भी उसके प्रभाव के आगे कम पड़ जाता।

وَقَضَتْ شَوْكَةٌ على مَهْجَةِ العا
صِي فللّهِ النَّقْمَة الشَّوْكاءُ

और एक काँटे ने अवज्ञाकारी के जीवन का अंत कर दिया, क्योंकि अल्लाह ही काँटेदार प्रतिशोध का स्वामी है।

وَعَلا الحارثَ القُيُوحُ وَقد سا
لَ بِها رأسُه وَساء الوِعاءُ

और अल-हारिस को मवाद ने ढक लिया, जो उसके सिर से बह रहा था, और उसका सिर एक गंदा पात्र बन गया।

خمسةٌ طُهِّرَتْ بِقَطْعِهِم الأَر
ضُ فَكَفُّ الأَذى بهم شَلَّاءُ

इन पाँचों के निधन से धरती पवित्र हो गई, और उनके माध्यम से हानि पहुँचाने वाला हाथ लकवाग्रस्त हो गया।

فُدِيَتْ خمسةُ الصَّحيفةِ بالخَم
سةِ إن كان بالكرام فِدَاءُ

जिन पाँच ने दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए थे, उन्हें इन पाँचों के द्वारा छुड़ाया गया, यदि वास्तव में महान जीवन फिरौती का काम कर सकते हैं।

فِتْيَةٌ بَيَّتُوا على فِعلِ خَيْرٍ
حَمِد الصبحُ أمرَهم وَالمَساءُ

वे ऐसे युवक थे जिन्होंने भलाई करने का संकल्प लिया था, और सुबह और शाम दोनों ने उनके कार्य की प्रशंसा की।

يَا لأَمر أَتاهُ بعدَ هِشامٍ
زَمْعَةٌ إنه الفتَى الأَتَّاءُ

ओह, हिशाम के बाद ज़मआ के पास क्या मामला आया, क्योंकि वह ही वह युवक था जो आगे आया।

وَزُهَيْرٌ وَالْمُطْعِمُ بنُ عَدِيٍّ
وَأبو البَخْتَرِيِّ مِنْ حيث شاؤوا

और ज़ुहैर, अल-मुतइम बिन अदिय्य, और अबू अल-बख्तरी जहाँ से चाहते थे, उनसे आ मिले।

نَقَضُوا مُبْرَمَ الصَّحيفةِ إذ شد
دَت عليهم من العِدا الأَنداءُ

उन्होंने दृढ़ता से मुहरबंद दस्तावेज़ को तोड़ दिया, जब दुश्मनों की कठिनाई उन पर बढ़ गई थी।

أذْكَرَتْنَا بِأَكْلِهَا أكلَ مِنْسَا
ةِ سُلَيْمانَ الأَرْضَةُ الخَرساءُ

उसके खाने से, खामोश दीमक ने हमें सुलेमान की लाठी को खाने की याद दिलाई।

وَبهَا أخبَر النبيُّ وكم أخ
رَجَ خَبْئاً له الغُيُوبُ خِبَاءُ

और इसके माध्यम से, नबी ﷺ ने शुभ समाचार दिए, कई छिपी हुई सच्चाइयों को उजागर किया जिनके लिए अदृश्य लोक एक पर्दा था।

لا تَخَلْ جانِبَ النبيِّ مُضَاماً
حينَ مَسَّتْهُ منهمُ الأَسْواءُ

यह मत सोचो कि नबी ﷺ पर अन्याय हुआ जब उनके विरोधियों से बुराइयाँ उन तक पहुँचीं।

كلُّ أمرٍ نَابَ النبيِّينَ فالشد
دَةُ فيه محمودةٌ وَالرّخاءُ

नबियों पर जो भी मामला आया, चाहे वह कठिनाई हो या आसानी, वह प्रशंसनीय था।

لو يَمسُّ النُّضَارَ هُونٌ مِنَ النا
رِ لما اختيرَ للنُّضَارِ الصِّلاءُ

यदि सोने को आग से अपमानित होना पड़ता, तो उसे शुद्ध करने के लिए आग को नहीं चुना जाता।

كم يَدٍ عن نَبِيِّهِ كَفَّهَا الل
هُ وَفي الخَلْقِ كَثْرَةٌ وَاجتراءُ

अल्लाह ने अपने नबी ﷺ से कितने हाथों को रोका, जबकि सृष्टि में बहुतायत और दुस्साहस था।

إذ دعا وَحْدَهُ العبادَ وَأَمْسَتْ
مِنه في كلِّ مُقلَةٍ أَقْذاءُ

जब उन्होंने ﷺ अकेले ही मानवता को ईश्वर की ओर बुलाया, फिर भी हर आँख में उनके प्रति घृणा के कण थे।

هَمَّ قومٌ بِقَتْلِهِ فأَبى السَّيْ
فُ وَفاءً وَفاءتِ الصَّفْواءُ

एक कौम ने उन्हें ﷺ मारने का इरादा किया, लेकिन तलवार ने वफ़ादारी के कारण मना कर दिया, और साफ चट्टान झुक गई।

وَأبو جهلٍ إذ رأى عُنُقَ الفح
لِ إليه كأنه العنقَاءُ

और अबू जहल ने जब देखा कि घोड़े की गर्दन उसकी ओर बढ़ रही है, तो वह ऐसा था मानो वह पौराणिक 'अनक़ा' हो।

وَاقتضَاهُ النبيُّ دَيْنُ الإِراشي
يِ وَقد سَاء بيعُهُ وَالشِّرَاءُ

और नबी ﷺ ने इराशी व्यक्ति का कर्ज चुकाया, हालाँकि उसकी खरीद-बिक्री खराब हो गई थी।

وَرأى المصطفى أَتَاهُ بما لَمْ
يُنْجِ منه دونَ الوفاء النَّجَاءُ

और चुने हुए नबी ﷺ ने उसे एक ऐसी माँग के साथ आते देखा जिससे वादा पूरा किए बिना कोई बच नहीं सकता था।

هوَ ما قد رآهُ مِن قبلُ لكنْ
ما عَلَى مِثْلِهِ يُعَدُّ الخَطَاءُ

यह वही था जो उन्होंने ﷺ पहले देखा था, फिर भी उनके जैसे व्यक्ति के विरुद्ध कोई गलती नहीं गिनी जाती।

وَأَعَدَّتْ حَمَّالَةُ الحَطَبِ الفِه
رَ وَجَاءَتْ كأَنها الوَرْقاءُ

और लकड़ियाँ ढोने वाली ने पत्थर तैयार किया और ऐसे आई जैसे वह एक क्रोधित कबूतरी हो।

يومَ جاءَت غَضْبَى تقولُ أفي مِث
لِيَ مِنْ أحمدٍ يُقالُ الهِجَاءُ

जिस दिन वह क्रोध में आई, यह कहते हुए, "क्या अहमद ﷺ द्वारा मेरे जैसी के बारे में व्यंग्य कहा जाता है?"

وَتَولَّتْ وَمَا رأته وَمِنْ أَيْ
نَ تَرَى الشمسَ مُقْلَةٌ عمياءُ

और वह मुड़ गई, उन्हें ﷺ देखे बिना, क्योंकि एक अंधी आँख सूरज को कैसे देख सकती है?

ثم سَمّتْ له اليهوديَّةُ الشَا
ةَ وَكم سَامَ الشِّقْوَةَ الأَشقِيَاءُ

फिर यहूदी महिला ने उनके ﷺ लिए भेड़ में ज़हर मिलाया, और दुष्ट लोग दूसरों पर कितना दुख थोपते हैं?

فأَذاعَ الذِّراعُ مَا فيه مَن شر
رٍ بِنُطْقٍ إخفاؤُهُ إبداءُ

तो अग्रबाहु ने अपने अंदर की बुराई को एक ऐसी वाणी से प्रकट किया जिसका छिपाना ही एक रहस्योद्घाटन था।

وَبِخُلقٍ مِنَ النبيِّ كريمٍ
لَمْ تُقَاصَصْ بِجرحهَا العَجْماءُ

और नबी ﷺ के एक नेक चरित्र के कारण, जिसने चोट पहुँचाई थी, उससे बदला नहीं लिया गया।

مَنَّ فَضْلاً عَلَى هَوَازِنَ إذْ كا
نَ له قبلَ ذَاكَ فيهِمِ رِبَاءُ

उन्होंने ﷺ हवाज़िन पर कृपा की, हालाँकि उनके बीच उनका पहले से ही रिश्तेदारी का दावा था।

وَأتى السَّبيُ فيه أُختُ رَضَاعٍ
وَضَعَ الكُفْرُ قَدْرَهَا وَالسِّبَاءُ

और बंदियों में एक दूध-बहन भी आई, जिसकी प्रतिष्ठा को कुफ्र और कैद ने कम कर दिया था।

فَحَبَاهَا بِرّاً تَوَهَّمَتِ النَّا
سُ به أنَّما السِّبَاء هِداءُ

तो उन्होंने ﷺ उस पर ऐसी दया बरसाई कि लोगों ने सोचा कि कैद ही एक उपहार है।

بَسَطَ المصطفى لها مِن رِداءٍ
أيُّ فضل حَوَاهُ ذاكَ الرِّداءُ

चुने हुए पैगंबर ﷺ ने उसके लिए अपनी चादर फैलाई, और उस चादर में कितनी महान खूबी समाई हुई थी!

فَغَدَتْ فيه وَهْيَ سيِّدةُ النِّسْ
وَةِ وَالسيِّدَاتُ فيه إمَاءُ

तो वह उसमें सभी स्त्रियों की स्वामिनी बन गई, जबकि अन्य सभी कुलीन महिलाएँ उसकी तुलना में केवल दासियाँ थीं।

فتَنَزَّهْ في ذاتِه وَمَعَانيهِ
استماعاً إنْ عَزَّ مِنهَا اجتِلاءُ

तो उनकी आत्मा और उनके अर्थों में सुनकर आनंदित होइए, यदि उनका सीधा दर्शन करना कठिन हो।

وَاملأ السّمْعَ مِن محَاسِنَ يُمْلِي
هَا عليك الإنشَادُ وَالإِنْشَاءُ

और अपने कानों को उन गुणों से भर लीजिए जो पाठ और रचना आपको बताते हैं।

كلُّ وَصْفٍ له ابْتَدَأتَ به استَوْ
عَبَ أخبَارَ الفضلِ مِنه ابتداءُ

उनका हर वह वर्णन जिससे आप शुरुआत करते हैं, सभी गुणों के वृत्तांतों को अपनी शुरुआत से ही समाहित कर लेता है।

سَيِّدٌ ضِحْكُهُ التَّبَسُّمُ وَالْمَش
يُ الهَوَيْنَا وَنَومُهُ الإِغفاءُ

वे ऐसे स्वामी हैं जिनकी हँसी केवल मुस्कान है, जिनकी चाल धीमी है, और जिनकी नींद हल्की झपकी है।

مَا سِوَى خُلْقِهِ النسيمُ وَلا غَيْ
رَ مُحَيَّاهُ الرَّوْضَةُ الغَنَّاءُ

उनकी नैतिकता के सिवा कुछ भी मंद समीर नहीं है, और उनके मुखमंडल के सिवा कुछ भी हरा-भरा बाग नहीं है।

رحمةٌ كلُّهُ وَحَزْمٌ وَعَزْمٌ
وَوَقَارٌ وَعِصْمَةٌ وَحَيَاءُ

वे पूरी तरह से दया, दृढ़ता, संकल्प, गरिमा, अचूकता और विनम्रता हैं।

لا تَحُلُّ البأْسَاء مِنه عُرَا الصَّبْ
رِ وَلا تَسْتَخِفُّهُ السَّرَّاءُ

विपत्ति उनके भीतर धैर्य के बंधन को ढीला नहीं करती, और न ही समृद्धि उन्हें चंचल बनाती है।

كَرُمَتْ نَفْسُهُ فما يخْطُرُ السُّو
ء عَلَى قَلْبِهِ وَلا الفحشَاءُ

उनकी आत्मा इतनी महान है कि बुराई कभी उनके दिल में नहीं आती, और न ही अश्लीलता।

عَظُمَتْ نِعْمَةُ الإِله عليه
فاستَقَلَّتْ لِذِكْرِهِ العُظَمَاءُ

उन पर ईश्वर की कृपा इतनी महान थी कि उनके स्मरण में सभी महान लोग तुच्छ प्रतीत होते थे।

جَهِلَتْ قومُهُ عليه فأَغْضَى
وَأخو الحِلْم دَأبُهُ الإِغْضَاءُ

उनके लोगों ने उनके प्रति अज्ञानता दिखाई, फिर भी उन्होंने उसे अनदेखा कर दिया, क्योंकि सहनशील का स्वभाव ही अनदेखा करना होता है।

وَسِعَ العَالَمِين عِلْمَاً وَحِلْمَاً
فهْوَ بحرٌ لم تُعْيِهِ الأَعبَاءُ

उन्होंने ज्ञान और सहनशीलता से सभी लोकों को समाहित कर लिया, क्योंकि वे एक ऐसे सागर हैं जिसे बोझ थकाते नहीं।

مُسْتَقِلٌّ دُنْيَاكَ أن يُنْسَبَ الإِم
ساكُ منها إليه والإِعطاءُ

आपकी सांसारिक संपत्ति इतनी तुच्छ है कि उन्हें उससे कुछ रोकने या देने से जोड़ना उचित नहीं।

شمسُ فضلٍ تَحَقَّقَ الظنُّ فيه
أنه الشمسُ رِفْعَةً والضِّياءُ

वे गुणों के ऐसे सूर्य हैं, जिनके बारे में यह अनुमान पुष्ट हो गया कि वे ऊँचाई और चमक में स्वयं सूर्य हैं।

فإذا ما ضحا محا نورُه الظِّل
لَ وقد أثْبَتَ الظِّلالَ الضَّحَاءُ

तो जब वे चमके, उनके प्रकाश ने छाया को मिटा दिया, जबकि सुबह का प्रकाश आमतौर पर छायाएँ बनाता है।

فكأنَّ الغمامةَ استَوْدَعَتْهُ
مَنْ أظَلَّتْ مَنْ ظِلِّهِ الدُّفَفَاءُ

मानो बादल ने उन्हें उस छाया की शीतलता सौंप दी थी जो उसने डाली थी, एक ऐसी छाया जो स्वयं उनकी अपनी छाया से निकली थी।

خَفِيَتْ عِنْدَهُ الفضائلُ وانجا
بَتْ به عن عقولِنَا الأهواءُ

उनकी उपस्थिति में, अन्य सभी गुण छिप गए, और उनके माध्यम से, हमारी बुद्धि से मनमानी इच्छाएँ दूर हो गईं।

أمَعَ الصُّبحِ للنجومِ تَجَلٍّ
أمْ مع الشمسِ للظلامِ بَقاءُ

क्या भोर के साथ तारे चमक सकते हैं, या सूर्य के साथ अंधकार रह सकता है?

مُعجزُ القَوْلِ والفِعَالِ كريمُ ال
خلقِ وَالخُلْقِ مُقْسِطٌ مِعْطاءُ

वे वाणी और कर्मों में चमत्कारी हैं, शारीरिक रूप और चरित्र में कुलीन हैं, न्यायप्रिय और उदार हैं।

لا تَقِسْ بالنبيِّ في الفضل خَلْقَاً
فهو البحر والأنامُ إضاءُ

किसी भी रचना की तुलना पैगंबर ﷺ से श्रेष्ठता में न करें, क्योंकि वे सागर हैं जबकि अन्य सभी प्राणी उसकी केवल परछाइयाँ हैं।

كلُّ فضل في العالَمين فمن فَض
لِ النبيِّ استعارَهُ الفُضَلاءُ

संसार में पाया जाने वाला हर गुण पैगंबर ﷺ की अपनी श्रेष्ठता से श्रेष्ठ लोगों द्वारा उधार लिया गया था।

شُقَّ عَنْ صَدْرِهِ وشُقَّ لَهُ البَدْ
رُ وَمِنْ شَرْطِ كلِّ شَرْطٍ جَزاءُ

उनका सीना चीरा गया, और उनके लिए पूर्णिमा का चाँद भी चीरा गया, क्योंकि ऐसा हर संकेत एक ईश्वरीय विधान है।

ورَمَى بالحَصَى فأَقْصَدَ جَيشاً
ما العَصَا عِنْدَه وَمَا الإِلقاءُ

उन्होंने कंकड़ फेंके और एक सेना को परास्त कर दिया, जिससे मूसा की लाठी और उसका फेंकना तुलना में तुच्छ लगने लगा।

ودعا للأنامِ إذ دَهَمَتْهُم
سَنَةٌ مِنْ مُحولِها شَهْباءُ

और उन्होंने लोगों के लिए प्रार्थना की जब वे एक गंभीर, बंजर सूखे के वर्ष से पीड़ित थे।

فاسْتَهَلّتْ بالغَيْثِ سَبْعَةَ أَيَّا
مٍ عليهم سحابةٌ وَطْفاءُ

तो एक भारी, गहरे बादल ने उन पर सात दिनों तक वर्षा की।

تَتَحَرّى مَواضِعَ الرَّعْيِ وَالسَّقْ
يِ وحيث العِطاشُ تُوهَى السِّقاءُ

उसने चरागाह और पानी के स्थानों को खोजा, और जहाँ प्यासे थे, वहाँ उसने भरपूर पानी बरसाया।

وأتى الناسُ يَشْتَكُونَ أذاها
وَرَخَاءٌ يُؤْذِي الأنام غلاءُ

और लोग उसकी हानि की शिकायत करने आए, क्योंकि अत्यधिक प्रचुरता भी अपने अतिरेक से मानवता को नुकसान पहुँचा सकती है।

فدعا فانجلى الغمام فقلت في
وصف غيث إِقْلاعَه استسقاءُ

तो उन्होंने प्रार्थना की, और बादल छँट गए, जिससे मैंने कहा कि ऐसी वर्षा का रुकना स्वयं वर्षा के लिए एक प्रार्थना थी।

ثم أَثْرى الثَّرَى فقرَّتْ عُيونٌ
بقُراهَا وَأُحْيِيَتْ أَحْيَاءُ

फिर धरती उपजाऊ हो गई, अपने फलते-फूलते बस्तियों से आँखों को प्रसन्न करती हुई, और जीवित प्राणी पुनर्जीवित हो गए।

فترى الأرضَ غِبَّهُ كسماءٍ
أشْرَقَتْ مِنْ نُجومِهَا الظَّلْمَاءُ

तो आप उसके बाद धरती को ऐसे आकाश की तरह देखते जिसकी अंधेरी रात उसके तारों से रोशन हो जाती है।

تُخْجِلُ الدُّرَّ واليواقيتَ من نَوْ
رِ رُباها البَيْضَاءُ والحَمراءُ

उसकी पहाड़ियों के सफेद और लाल फूल मोतियों और माणिकों को भी लज्जित करते थे।

لَيْتَهُ خَصَّنِي بِرُؤْيَةِ وَجْهٍ
زَالَ عن كلِّ من رآه الشّقاءُ

काश, उन्होंने ﷺ मुझे ऐसे मुखमंडल के दर्शन का सौभाग्य दिया होता जिससे हर देखने वाले का सारा दुख दूर हो जाता।

مُسْفِرٌ يَلْتَقِي الكَتِيبَةَ بَسَّا
ماً إذا أسْهَمَ الوُجُوهَ اللِّقاءُ

तेजस्वी, वे ﷺ सेना से मुस्कान के साथ मिलते थे, भले ही उस मुलाकात से दूसरों के चेहरे गंभीर हो जाते थे।

جُعِلَتْ مَسْجِدَاً له الأرضُ فاهْتز
زَ به للصلاةِ فيها حِرَاءُ

धरती उनके ﷺ लिए एक मस्जिद बनाई गई, तो उस पर नमाज़ के लिए हीरा (पहाड़) भी खुशी से काँप उठा।

مُظْهِرٍ شَجّةَ الْجَبِينِ عَلَى البُرْ
ءِ كما أَظهرَ الهلالَ البَرَاءُ

उन्होंने ﷺ अपने माथे पर निशान को ठीक होने के बाद भी दिखाया, ठीक वैसे ही जैसे नया चाँद अपनी पतली आकृति को प्रकट करता है।

سُتِرَ الحُسْنُ منه بالحسنِ فاعجَبْ
لِجَمِالٍ له الْجَمالُ وِقاءُ

उनकी सुंदरता ﷺ सुंदरता से ढकी हुई थी, तो उस सुंदरता पर आश्चर्य करें जिसके लिए सुंदरता स्वयं एक ढाल का काम करती है।

فهْوَ كالزّهْرِ لاحَ من سَجَفِ الأك
مام والعودِ شُقَّ عنه اللّحاءُ

वे ﷺ एक ऐसे फूल की तरह हैं जो अपनी कलियों के खोल से निकलता है, और एक ऐसी शाखा की तरह हैं जिससे छाल उतार दी गई हो।

كَادَ أَنْ يُغشِيَ العُيونَ سناً مِنْ
هُ لِسِرٍّ فيه حَكَتْهُ ذُكاءُ

उनकी ﷺ चमक ने आँखों को लगभग अंधा कर दिया था, उनके भीतर एक ऐसे रहस्य के कारण जिसे स्वयं सूर्य ने बताया था।

صانَهُ الحُسْنُ وَالسّكِينَةُ أَنْ تُظ
هِرَ فيه آثارها البأساءُ

सुंदरता और शांति ने उन्हें ﷺ कठिनाई के प्रभावों को अपने ऊपर दिखाने से बचाए रखा।

وتَخَالُ الوجوهَ إنْ قابَلَتْه
أَلْبَسَتْهَا ألوانَهَا الحِرْبَاءُ

ऐसा लगेगा मानो उनके ﷺ सामने आने पर चेहरे अपने रंग बदल लेते हैं, जैसे गिरगिट ने उन्हें अपने रंग दिए हों।

فإذا شِمْتَ بِشْرَهُ وَنَدَاهُ
أذْهَلَتْكَ الأنوارُ والأنواءُ

यदि आप उनकी ﷺ प्रसन्नता और उदारता को देखते, तो प्रकाश और वरदान आपको पूरी तरह चकित कर देते।

أَوْ بتقبيلِ راحةٍ كانَ لل
هِ وباللَّه أخذها والعطاءُ

या उस हथेली ﷺ को चूमकर, जिसका हर लेना और देना अल्लाह के लिए और उसकी दिव्य इच्छा से था।

تَتَّقِي بأْسَها الملوكُ وَتحْظَى
بالغِنَى من نَوَالِهَا الفُقَراءُ

बादशाह उस हाथ ﷺ की शक्ति से डरते थे, जबकि गरीब उसकी उदारता से धन प्राप्त करते थे।

لا تَسَلْ سَيْلَ جُودِها إنما يَك
فِيك مِنْ وكْفِ سُحْبها الأنداءُ

उसकी ﷺ उदारता की बाढ़ के बारे में मत पूछो, क्योंकि उसके बादलों से गिरी ओस की बूंदें ही तुम्हारे लिए पर्याप्त हैं।

دَرَّتِ الشاةُ حينَ مرَّتْ عَلَيها
فلها ثَرْوَةٌ بها وَنَماءُ

जब वे ﷺ उसके पास से गुज़रे, तो भेड़ ने दूध दिया, और उनके कारण उसे समृद्धि और विकास मिला।

نَبَعَ الماءُ أَثْمَرَ النخلُ في عا
مٍ بها سَبَّحَتْ بها الحصباءُ

पानी फूट पड़ा, खजूर के पेड़ों ने उनके ﷺ माध्यम से एक ही वर्ष में फल दिए, और यहां तक कि कंकड़ों ने भी उनकी उपस्थिति से अल्लाह की महिमा की।

أحْيَتِ المُرْمِلِينَ مِنْ مِوْتِ جَهْدٍ
أَعْوَزَ القَوْمَ فيه زادٌ وماءُ

उन्होंने ﷺ अभावग्रस्त लोगों को कठिनाई की मृत्यु से पुनर्जीवित किया, ऐसी स्थिति से जिसमें लोगों के पास न तो भोजन था और न ही पानी।

فتغَدَّى بالصَّاعِ أَلْفٌ جِياعٌ
وتَرَوَّى بالصَّاعِ ألفٌ ظِمَاءُ

इस प्रकार, एक सा' (नाप) भोजन से एक हज़ार भूखे लोगों को भोजन मिला, और एक सा' पानी से एक हज़ार प्यासे लोगों की प्यास बुझाई गई।

وَوَفَى قدرُ بَيْضَةٍ مِنْ نُضَارٍ
دَيْنَ سَلْمَانَ حِينَ حانَ الوفاءُ

और एक अंडे के वज़न के बराबर शुद्ध सोने ने सलमान का कर्ज़ चुका दिया, जब चुकाने का समय आया।

كانَ يُدْعَى قِنّاً فأُعْتِقَ لَمَّا
أيْنَعَتْ مِنْ نَخيلِه الأَقْنَاءُ

उन्हें (सलमान को) गुलाम कहा जाता था, लेकिन जब उनके खजूर के पेड़ों के गुच्छे पक गए, तो उन्हें आज़ाद कर दिया गया।

أفلا تَعْذُرُونَ سَلْمَانَ لَمَّا
أَنْ عَرَتْهُ مِنْ ذِكْرِهِ العُروَاءُ

तो क्या आप सलमान को माफ़ नहीं करेंगे, जब उनके ﷺ मात्र उल्लेख से उन्हें श्रद्धा की सिहरन महसूस हुई?

وَأَزالَت بِلَمْسِهَا كلَّ دَاءٍ
أكْبَرَتْهُ أطِبَّةٌ وَإِسَاءُ

और उसके स्पर्श से, उसने हर उस बीमारी को दूर कर दिया जिसे चिकित्सकों और वैद्यों ने असाध्य मान लिया था।

وعُيُونٌ مَرَّتْ بها وَهْي رُمْدٌ
فأَرَتْهَا مَا لَمْ تَرَ الزَّرْقَاءُ

और आँखें उनके ﷺ पास से गुज़रीं जबकि वे दुखती थीं, फिर भी उन्होंने उन्हें वह दिखाया जो तेज़ नज़र वाले भी नहीं देख सकते थे।

وأَعادَتْ عَلَى قَتَادَةَ عَيْنَاً
فَهْيَ حتى مماتِه النَّجْلاءُ

और उसने क़तादा को एक आँख वापस दी, जो उनकी मृत्यु तक चौड़ी और सुंदर बनी रही।

أَوْ بِلَثْمِ التُّرَابِ مِنْ قَدَمٍ لا
نَتْ حَياءً من مَشْيِهَا الصَّفْواءُ

या उस पैर ﷺ की धूल को चूमकर, जिसकी चाल से कठोर चट्टान भी लज्जा से नरम पड़ गई।

مَوْطِئُ الأخمَصِ الَّذِي منه للقل
لبِ إذا مَضْجَعي أَقَضَّ وِطاءُ

उनके ﷺ पैर के तलवे का वह स्थान, जहाँ उन्होंने कदम रखा, हृदय के लिए एक नरम विश्राम स्थल प्रदान करता है, जब मेरा अपना बिस्तर असहज हो जाता है।

حَظيَ المسجدُ الحرامُ بمَمْشا
ها ولم يَنْس حَظه إِيلِيَاءُ

पवित्र मस्जिद उनके ﷺ कदमों से धन्य हुई, और यरूशलेम भी उनके आशीर्वाद का अपना हिस्सा नहीं भूला।

وَرَمَتْ إذْ رَمَى بها ظُلَمَ اللي
لِ إلى اللَّه خوفُه والرَّجاءُ

और उनके ﷺ पैर ने रात के अंधेरे को दूर कर दिया, क्योंकि उन्होंने उसके साथ अपना डर और आशा अल्लाह की ओर निर्देशित की।

دَمِيَتْ في الوَغَى لِتَكْسِبَ طِيباً
ما أراقتْ من الدَّمِ الشُّهداءُ

युद्ध में उनके ﷺ पैर से खून बहा ताकि ऐसी सुगंध प्राप्त हो सके जो शहीदों के रक्तपात से भी प्राप्त नहीं हो सकती थी।

فَهْيَ قُطْبُ المحرابِ وَالْحَرْبِ كم دا
رت عليها في طاعة أَرحاءُ

वह प्रार्थना स्थल और युद्ध दोनों की धुरी हैं, जिसके चारों ओर आज्ञाकारिता में कई चक्कियां घूमती रही हैं।

وَأُرَاهُ لو لم يُسَكِّنْ بها قب
لُ حِراءً ماجَتْ بِهِ الدَّأْمَاءُ

और मेरा मानना है कि यदि वे ﷺ हिरा से पहले इसमें (दुनिया में) नहीं बसे होते, तो अस्तित्व की विशालता उथल-पुथल में डूब जाती।

عَجَباً للكُفّارِ زادوا ضلالاً
بالذي فيه للعقول اهتداءُ

काफ़िर कितने आश्चर्यजनक हैं, जो उसी चीज़ से अपनी गुमराही बढ़ाते गए जिसमें सभी बुद्धिमत्ता के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन है।

والذي يسألون منه كتابٌ
مُنْزَلٌ قد أتاهم وارتقاءُ

और जो वे मांगते हैं, वह एक अवतरित किताब है जो पहले ही उनके पास आ चुकी है, जो उत्थान और उन्नति प्रदान करती है।

أَوَ لم يَكْفِهِمْ من اللَّهِ ذِكْرٌ
فيه للناس رحمةٌ وشفاءُ

क्या उनके लिए अल्लाह की ओर से एक स्मरण पर्याप्त नहीं था, जिसमें सभी मानवजाति के लिए दया और उपचार है?

أَعجزَ الإِنسَ آية منه والجن
نَ فَهَلَّا يأتي بها البُلَغاءُ

इसका एक भी आयत मानवजाति और जिन्न दोनों को बेबस कर चुका है, तो फिर उनमें से सबसे वाक्पटु लोग इसके जैसा क्यों नहीं लाते?

كلّ يومٍ تُهدَى إلى سامِعِيه
مُعجِزاتٍ من لفظِه القُرَّاءُ

हर दिन, पाठक इसके शब्दों से ही चमत्कार उन लोगों के सामने प्रस्तुत करते हैं जो सुनते हैं।

تَتَحَلَّى به المسامِعُ والأف
واه فَهْو الحُلِيُّ وَالحَلْوَاءُ

कान और मुंह इससे सुशोभित होते हैं, क्योंकि यह आभूषण भी है और मधुर आनंद भी।

رَقَّ لَفْظاً وراق معنىً فجاءَتْ
في حُلاها وحَلْيِها الخَنْسَاءُ

शब्दों में कोमल और अर्थ में उदात्त, यह अपनी सुंदरता और अलंकरण में अल-खंसा की कविता की तरह सामने आया।

وأرَتْنَا فيه غوامضَ فضلٍ
رِقَّةٌ مِنْ زُلالِهَا وَصَفاءُ

और इसने हमें इसमें गहन उत्कृष्टताएँ दिखाईं, एक ऐसी कोमलता जो इसके शुद्ध, स्पष्ट सार और पवित्रता से उत्पन्न होती है।

إنما تُجْتَلَى الوُجُوهُ إذَا ما
جُلِيَتْ عِنْ مِرْآتِهَا الأصْداءُ

चेहरे तभी वास्तव में प्रकट होते हैं जब उनके दर्पणों से कलंक को चमकाकर हटा दिया जाता है।

سُوَرٌ منه أشْبَهَتْ صُوَراً مِن
نَا ومِثْلُ النَّظَائِر النُّظَراءُ

इसके अध्याय हमसे निकली आकृतियों के समान थे, और वास्तव में, समान की तुलना समान से की जाती है।

والأقاويل عندَهمْ كالتماثي
لِ فلا يُوهِمَنَّكَ الخطباءُ

और उनके कथन बेजान मूर्तियों के समान हैं, इसलिए वक्ता तुम्हें धोखा न दें।

كم أبانَتْ آياتُهُ من علومٍ
عن حُروفٍ أبانَ عنها الهجاءُ

इसकी आयतों ने केवल अक्षरों से कितने विज्ञान प्रकट किए हैं, जिन्हें उच्चारण ने स्पष्ट कर दिया है।

فهْي كالحَبِّ والنَّوَى أعجبَ الزُّر
راعَ منهُ سنابلٌ وَزَكاءُ

तो यह अनाज और खजूर की गुठली के समान है, जिससे निकली बालियों और प्रचुर वृद्धि ने किसानों को चकित कर दिया है।

فأطالوا فيه التردُّدَ وَالرَّي
بَ فقالوا سِحْرٌ وقالوا افتراءُ

तो उन्होंने इसके बारे में अपनी हिचकिचाहट और संदेह को लंबा खींचा, यह कहते हुए, "यह जादू है," और "यह एक मनगढ़ंत बात है।"

وإذا البيِّنَاتُ لَمْ تُغْنِ شيئاً
فَالتماسُ الهُدَى بِهِنَّ عَناءُ

और यदि स्पष्ट प्रमाण कुछ भी काम न आएं, तो उनके माध्यम से मार्गदर्शन खोजना एक व्यर्थ प्रयास है।

وإذا ضلَّتِ العُقول على عِلْ
مٍ فماذا تقوله الفُّصَحاءُ

और यदि बुद्धि ज्ञान के बावजूद भटक जाए, तो वाक्पटु लोग और क्या कह सकते हैं?

قومَ عيسى عاملْتم قومَ موسى
بالذي عامَلَتْكُم الحُنفاءُ

हे ईसा के लोगों, तुमने मूसा के लोगों के साथ वैसा ही व्यवहार किया जैसा सच्चे एकेश्वरवादियों ने तुम्हारे साथ किया।

صَدَّقوا كُتْبَكُمُ وكذَبْتُمْ
كُتبَهُمُ إنّ ذا لَبِئْسَ البَواءُ

उन्होंने (सच्चे एकेश्वरवादियों ने) तुम्हारी किताबों पर विश्वास किया, फिर भी तुमने उनकी किताबों पर अविश्वास किया; वास्तव में, यह एक बुरा प्रतिफल है।

لو جحدنا جُحُودَكم لاستويْنَا
أوَ للحقِّ بالضَّلالِ استواءُ

यदि हम भी तुम्हारी तरह इनकार करें, तो हम बराबर हो जाएँगे, परंतु क्या सत्य और असत्य में वास्तव में समानता हो सकती है?

مَا لَكُم إِخْوَةَ الكِتابِ أُناساً
ليس يُرْعَى للحقِّ منكم إخاءُ

तुम्हें क्या हो गया है, ऐ अहले किताब, कि तुम ऐसे लोग हो जिनके लिए सत्य के नाम पर भाईचारे का कोई बंधन नहीं माना जाता?

يَحْسُدُ الأولُ الأخيرَ وما زا
لَ كذا المُحْدَثُونَ وَالقُدَمَاءُ

पहला अंतिम से ईर्ष्या करता है, और नई तथा पुरानी पीढ़ियों के साथ हमेशा ऐसा ही होता रहा है।

قد عَلِمْتُم بِظلمِ قابيل هابي
لَ ومظلومُ الإِخْوَةِ الأَتْقِيَاءُ

तुम निश्चित रूप से क़ाबिल के हाबिल के प्रति अन्याय और धर्मनिष्ठ भाइयों में से उत्पीड़ितों के बारे में जानते हो।

وسمِعْتم بكَيْدِ أَبناءِ يعقو
بَ أَخَاهم وكلُّهم صُلَحَاءُ

और तुमने याक़ूब के बेटों की अपने भाई के ख़िलाफ़ साज़िश के बारे में सुना है, हालाँकि वे सभी नेक थे।

حِينَ أَلْقَوْهُ في غَيابَةِ جُبٍّ
وَرَمَوْهُ بالإفْكِ وَهْوَ بَراءُ

जब उन्होंने उसे एक कुएँ की छिपी गहराइयों में फेंक दिया और उस पर झूठा आरोप लगाया, जबकि वह निर्दोष था।

فتأَسَّوْا بِمَن مَضَى إذْ ظَلَمتمْ
فالتَّأَسِّي لِلنَّفْسِ فيه عَزَاءُ

तो उनसे सांत्वना प्राप्त करो जो पहले गुज़र चुके हैं, क्योंकि तुमने अन्याय किया है, और ऐसी सांत्वना में आत्मा को आराम मिलता है।

أتُرَاكُم وَفَّيْتُم حينَ خَانُوا
أم تُرَاكُمْ أَحْسَنْتُمُ إذْ أساؤُوا

क्या तुम सोचते हो कि जब उन्होंने धोखा दिया तब तुम वफ़ादार थे, या जब उन्होंने बुराई की तब तुमने नेक काम किया?

بَلْ تَمَادَتْ عَلَى التَّجَاهُلِ آبَا
ءٌ تَقَفَّتْ آثَارِهَا الأَبناءُ

बल्कि, पिता अज्ञानता में लगे रहे, और उनके बच्चों ने उनके पदचिह्नों का अनुसरण किया।

بَيَّنَتْهُ تَوْراتُهُمْ وَالأَناجِي
لُ وَهم في جُحُودِهِ شُرَكاءُ

उनकी तौरात और इंजील ने उन्हें ﷺ स्पष्ट किया, फिर भी वे उनके इनकार में भागीदार हैं।

إنْ تقولوا ما بَيَّنَتْهُ فما زَا
لَتْ بها عن عيونهم غشوَاءُ

यदि तुम दावा करते हो कि उन्होंने उन्हें ﷺ स्पष्ट नहीं किया, तो उनकी आँखों से हमेशा एक पर्दा उन्हें ढके रहा है।

أو تقولوا قد بَيَّنَتْهُ فما لِلْ
أُذْنِ عما تقوله صَمَّاءُ

या यदि तुम दावा करते हो कि उन्होंने उन्हें ﷺ स्पष्ट किया, तो कान उसकी घोषणाओं के प्रति बहरे क्यों हैं?

عَرَفُوهُ وَأنْكَرَوهُ وَظُلمَاً
كَتَمَتْهُ الشَّهَادَةَ الشُّهَدَاءُ

उन्होंने उन्हें ﷺ पहचाना और फिर इनकार किया, और गवाहों ने अन्यायपूर्वक गवाही को छिपाया।

أوَ نُورُ الإِلهِ تُطْفِئُهُ الأَفْ
واهُ وَهْوَ الذي به يُسْتَضاءُ

क्या ईश्वर के प्रकाश को केवल मुँह से बुझाया जा सकता है, जबकि इसी प्रकाश से सब कुछ प्रकाशित होता है?

أوَلا يُنْكِرُونَ مَن طَحَنَتْهُم
بِرَحاها عِنْ أمْرِهِ الْهَيجاءُ

क्या वे उन्हें ﷺ इनकार नहीं करते जिन्होंने युद्ध की चक्की से उन्हें अपने आदेश पर कुचल दिया?

وَكَساهم ثَوْبَ الصَّغارِ وقد
طُلَّت دِماً منهم وصِينَتْ دِمَاءُ

और उन्हें अपमान के वस्त्र पहनाए, जबकि उनसे ख़ून बहाया गया और अन्य ख़ून बख़्श दिया गया।

كيف يَهدِي الإِله منهم قلوباً
حَشْوُها من حَبِيبِهِ الْبَغْضاءُ

ईश्वर उनके दिलों को कैसे राह दिखा सकता है जिनके मूल में उनके प्रिय ﷺ के प्रति घृणा भरी हुई है?

خَبِّرونَا أهلَ الكِتَابَيْنِ من أَيْ
نَ أَتَاكُم تَثْليثكم والبَداءُ

हमें बताओ, ऐ दो किताबों के लोगों, तुम्हारी त्रिमूर्ति और 'बदा' (ईश्वरीय इच्छा में परिवर्तन) की अवधारणा तुम्हें कहाँ से मिली?

مَا أتى بالعقِيدَتَيْنِ كتابٌ
واعتقادٌ لا نَصَّ فيه ادِّعاءُ

किसी भी ईश्वरीय किताब ने इन दो सिद्धांतों को नहीं लाया, और किसी भी शास्त्र-आधारित पाठ के बिना कोई भी विश्वास केवल एक दावा है।

والدَّعاوَى ما لم تُقيموا عليها
بَيِّنَاتٍ أبناؤُها أَدْعِياءُ

और दावे, जब तक तुम उन्हें स्पष्ट प्रमाणों से स्थापित नहीं करते, उनकी संतानें अवैध हैं।

ليت شعري ذِكرُ الثلاثةِ وَالوا
حِدِ نَقْصٌ في عَدِّكم أمْ نَماءُ

मुझे आश्चर्य है कि तीन और एक का उल्लेख तुम्हारी गणना में कमी है या वृद्धि।

كيف وَحَّدْتُم إِلهاً نَفَى التَّو
حِيدَ عنه الآباءُ والأَبناءُ

तुमने उस ईश्वर को कैसे एकीकृत किया जिससे पिता और पुत्र दोनों ने एकता की अवधारणा को ही नकार दिया?

أإِلهٌ مُرَكَّبٌ ما سَمِعْنَا
بإِلهٍ لذاتِهِ أَجْزَاءُ

क्या वह एक मिश्रित ईश्वर है, क्योंकि हमने कभी ऐसे देवता के बारे में नहीं सुना जिसकी सत्ता में अलग-अलग हिस्से हों?

أَلِكُلٍّ منهم نَصِيبٌ مِنَ المُل
كِ فَهَلَّا تَمَيَّزُ الأَنْصِبَاءُ

क्या उनमें से प्रत्येक का प्रभुत्व में एक हिस्सा है, और यदि ऐसा है, तो ये हिस्से स्पष्ट रूप से अलग क्यों नहीं हैं?

أم هُمُ حَلّلوُا بها شِرْكَةَ الأب
دَانِ أمْ هُمْ لبعضِهم كُفَلاءُ

या उन्होंने इसके माध्यम से शरीरों की साझेदारी की अनुमति दी है, या वे एक-दूसरे के लिए गारंटर के रूप में खड़े हैं?

أتراهم لحاجةٍ واضطرارٍ
خَلَطُوهَا ومَا بَغَى الخُلَطَاءُ

क्या तुम सोचते हो कि उन्होंने इसे ज़रूरत और मजबूरी से मिलाया, और यह कि मिलाने वालों ने कोई उल्लंघन नहीं किया?

أهُوَ الرَّاكِبُ الحمارَ فيا عَجْ
زَ إِلهٍ يَمَسُّهُ الإِعْيَاءُ

क्या वह वही है जो गधे पर सवार हुआ, क्योंकि एक ईश्वर को क्या कमज़ोरी हो सकती है जिसे थकान छू सकती है?

أمْ جميعٌ عَلَى الحمار لقد جَل
لَ حِمَارٌ بِجَمْعِهِم مَشَّاءُ

या वे सभी गधे पर हैं; वास्तव में, एक गधा जो उन सभी को लेकर चलता है, वह वास्तव में शक्तिशाली है!

أم سِواهم هُو الإِلهُ فما نِسْ
بَةُ عيسى إليه والإِنْتِمَاءُ

या उनसे अलग कोई और सच्चा ईश्वर है, और यदि ऐसा है, तो ईसा का उनसे क्या संबंध और जुड़ाव है?

أم أردتُم بها الصفاتِ فلمْ خُص
صَتْ ثُلاثٌ بِوصفِه وَثُناءُ

या तुमने इससे ईश्वरीय गुणों का इरादा किया, और यदि ऐसा है, तो उनके वर्णन और प्रशंसा के लिए केवल तीन को ही क्यों चुना गया?

أم هُو ابنٌ للَّه ما شاركته
في معاني النُّبُوَّةِ الأَنبياءُ

या वह ईश्वर का पुत्र है, जिसे पैग़म्बरों ने पैग़म्बरी के गहरे अर्थों में साझा नहीं किया?

قتلَتْهُ اليهودُ فيما زَعَمْتُم
وَلأَمْواتِكم به إحياءُ

यहूदियों ने उन्हें मार डाला, जैसा कि तुम दावा करते हो, फिर भी उनके माध्यम से तुम्हारे मृतकों के लिए पुनरुत्थान है।

إنَّ قَوْلاً أَطْلَقْتُمُوهُ عَلَى الل
هِ تعالى ذِكْرا لقَوْلٌ هُراءُ

वास्तव में, तुमने ईश्वर के बारे में जो बयान दिया है, उनकी याददाश्त बुलंद हो, वह सरासर बकवास के अलावा कुछ नहीं है।

مِثْلَ مَا قَالَت اليهودُ وكلٌّ
لَزِمَتْهُ مقالَةٌ شَنعاءُ

यह वैसा ही है जैसा यहूदियों ने कहा, और उनमें से प्रत्येक एक घृणित बात से बंधा हुआ है।

إذْ همُ اسْتَقْرَؤُوا البَداءَ وكم سا
قَ وَبَالاً إِليهم اسْتِقْرَاءُ

क्योंकि उन्होंने ईश्वर की इच्छा में परिवर्तन का अनुमान लगाया, और ऐसे अनुमान ने उन पर कितनी आपदा लाई!

وَأَرَاهم لم يجعلُوا الواحِدَ القَه
هارَ في الخَلْقِ فاعلاً ما يشاءُ

और मैं देखता हूँ कि उन्होंने एक, सर्वशक्तिमान को सृष्टि में जो कुछ वह चाहता है, उसका कर्ता नहीं माना।

جَوَّزُوا النَّسْخَ مِثْلَما جوَّزُوا المس
خَ عَلَيْهِم لو أنهم فُقهاءُ

उन्होंने निरसन की अनुमति दी, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने अपने ऊपर परिवर्तन की अनुमति दी, काश वे सच्चे न्यायविद होते।

هُوَ إِلَّا أَن يُرْفَعَ الحكمُ بالحك
مِ وخَلْقٌ فيه وأمرٌ سَواءُ

यह और कुछ नहीं बल्कि एक हुक्म का दूसरे हुक्म से उठा लिया जाना है, और इसमें सृष्टि और आदेश समान रूप से उनकी इच्छा के अधीन हैं।

ولحُكمٍ من الزمانِ انتهاءٌ
ولحُكم من الزمانِ ابتداءُ

समय के एक हुक्म का अंत होता है, और समय के एक हुक्म की शुरुआत होती है।

فَسَلُوهم أكان في مسخِهِم نَسْ
خٌ لآيات اللَّه أم إنشاءُ

तो उनसे पूछो: क्या उनका परिवर्तन ईश्वर के आयतों का निरसन था या एक नई रचना?

وَبَدَاءٌ في قَوْلِهمْ نَدِمَ الل
هُ عَلَى خَلْقِ آدمٍ أمْ خَطاءُ

क्या यह उनके इस दावे में मन का बदलना है कि ईश्वर को आदम के सृजन पर पछतावा हुआ, या यह केवल एक त्रुटि है?

أم مَحَا اللَّهُ آية الليل ذكراً
بعدَ سَهْوٍ ليوجَدَ الإِمْساءُ

या क्या ईश्वर ने भूलवश रात के निशान को स्मृति से मिटा दिया, ताकि शाम का अस्तित्व हो सके?

أم بدا للإِلهِ في ذَبْحِ إِسْحَا
قَ وقد كان الأمر فيه مَضاءُ

या क्या इसहाक के बलिदान के संबंध में ईश्वर को कुछ स्पष्ट हुआ, जबकि उसके विषय में आदेश पहले ही निर्णायक रूप से जारी हो चुका था?

أوَ ما حَرَّمَ الإِلهُ نِكَاحَ ال
أُختِ بعدَ التحليلِ فَهْوَ الزِّناءُ

या क्या ईश्वर ने बहन से विवाह को अनुमति देने के बाद वर्जित कर दिया, जिससे वह व्यभिचार बन गया?

لا تُكَذِّبْ إنَّ اليَهُودَ وقد زا
غُوا عن الحقِّ مَعْشَرٌ لُؤَماءُ

अविश्वास न करो, क्योंकि यहूदी, सत्य से भटककर, वास्तव में एक नीच कौम हैं।

جَحَدُوا المصطفى وآمن بالطا
غُوتِ قومٌ همْ عندهمْ شُرَفاءُ

उन्होंने चुने हुए पैगंबर ﷺ का इनकार किया, जबकि मूर्तियों में विश्वास रखा, ऐसे लोग जिन्हें वे स्वयं सम्मानित मानते हैं।

قتَلوا الأَنبياءَ وَاتَّخَذُوا العِج
لَ أَلا إنهم هم السُّفَهاءُ

उन्होंने नबियों की हत्या की और बछड़े को (पूजा के लिए) अपना लिया; निःसंदेह, वे ही वास्तव में मूर्ख हैं।

وسَفيهٌ من ساءَه المنُّ والسَّلْ
وَى وأَرضاهُ الفُومُ وَالقِثَّاءُ

और मूर्ख है वह जिसे मन्ना और बटेर नापसंद थे, फिर भी लहसुन और खीरे से संतुष्टि मिली।

مُلِئَتْ بالخبيثِ منهم بُطُونٌ
فَهْيَ نَارٌ طِباقُها الأمعاءُ

उनके पेट दुष्टता से भरे हुए थे, इसलिए वे एक ऐसी आग हैं जिसकी परतें उनकी अपनी आँतें हैं।

لو أُرِيدُوا في حال سَبْتٍ بخيرٍ
كان سَبْتَاً لديهمُ الأَربِعاءُ

यदि उन्हें सब्त के दिन भलाई के लिए चाहा जाता, तो बुधवार ही उनके लिए सब्त का दिन होता।

هُوَ يومٌ مُبارَكٌ قيلَ للتص
ريفِ فيه من اليهود اعتداءُ

वह एक धन्य दिन है, फिर भी कहा गया कि यहूदियों ने उसके पालन में उल्लंघन किया।

فَبِظُلْمٍ منهمُ وكفْرٍ عَدَتْهُم
طَيِّبَاتٌ في تَرْكِهنَّ ابْتِلاءُ

इस प्रकार, उनके अन्याय और अविश्वास के कारण, अच्छी चीजें उनसे छीन ली गईं, और उनके त्याग में एक गंभीर परीक्षा निहित थी।

خُدِعوا بالمنافقين وهل يَنْ
فُقُ إلَّا على السفيهِ الشَّقاءُ

वे पाखंडियों द्वारा धोखा दिए गए, क्योंकि क्या मूर्खों के अलावा किसी और पर दुख आता है?

واطمأنوا بقَوْلِ الَاحزاب إِخوا
نِهِمُ إِننا لكم أولياءُ

और उन्हें अपने भाइयों, सहयोगियों के शब्दों में आश्वासन मिला, जिन्होंने घोषणा की, "निश्चित रूप से, हम तुम्हारे मित्र हैं।"

حالَفوهم وخالفوهم ولمْ أَدْ
رِ لماذا تخالَفَ الحُلفاءُ

उन्होंने उनके साथ गठबंधन किया और फिर उनका विरोध किया, और मुझे नहीं पता कि सहयोगी स्वयं क्यों असहमत हो गए।

أسلَمُوهم لأَوَّلِ الحَشْرِ لا مِي
عادُهم صادقٌ ولا الإِيلاءُ

उन्होंने उन्हें पहले ही जमावड़े में छोड़ दिया, क्योंकि न तो उनका वादा सच्चा था और न ही उनकी शपथ बाध्यकारी।

سكَنَ الرُّعْبُ والخَرابُ قلوباً
وبُيُوتاً منهمُ نعاها الجَلاءُ

आतंक और विनाश उनके दिलों और घरों में बस गए, जिनकी उनके निष्कासन ने ही शोक मनाया।

وَبِيَوْمِ الأحزابِ إِذْ زاغتِ الأَب
صَارُ فيهم وضلتِ الآراءُ

और अहज़ाब के दिन, जब उनकी आँखें भटक गईं और सभी राय भ्रमित हो गईं।

وتَعَدَّوْا إلى النبيّ حدوداً
كان فيها عليهم العُدَوَاءُ

और उन्होंने पैगंबर ﷺ के विरुद्ध सीमाएँ लांघीं, ऐसी सीमाएँ जिन्हें पार करने से उन पर शत्रुता आ पड़ी।

وَنَهَتْهُم وما انتهت عنه قوم
فأُبيدَ الأَمَّارُ والنَّهاءُ

और उसने उन्हें मना किया, फिर भी एक कौम उससे बाज नहीं आई, तो आज्ञा देने वाला और आज्ञा मानने वाला दोनों ही पूरी तरह नष्ट हो गए।

وتعاطَوْا في أحمدٍ مُنْكَرَ القَوْ
لِ وَنُطقُ الأَراذِلِ العَوْراءُ

उन्होंने अहमद ﷺ के विरुद्ध बुरी बातें कीं, क्योंकि नीचों का कथन स्वाभाविक रूप से भ्रष्ट और अंधा होता है।

كلُّ رِجْسٍ يَزِيدُه الخُلُقُ السُّو
ءُ سِفاهاً والمِلَّةُ العَوْجاءُ

हर नीच व्यक्ति अपने बुरे चरित्र और अपनी कुटिल धर्म के कारण मूर्खता में ही बढ़ता है।

فانظروا كيف كان عاقبة القوْ
مِ وَما ساق لِلْبَذِيِّ البَذَاءُ

तो देखो उस कौम का क्या हश्र हुआ और उनकी अश्लीलता ने बदजुबान को किस अंजाम तक पहुँचाया।

وجَد السَّبَّ فيه سُمَّاً وَلم يَدْ
رِ إِذْ المِيمُ في مواضِعَ بَاءُ

उसने उनके ﷺ विरुद्ध अपमान को ज़हर पाया, यह न जानते हुए कि 'सुम्मुन' (ज़हर) में 'मीम' कुछ संदर्भों में 'बा' (सब्बन - अपमान) में बदल जाता है, इस प्रकार अपमान ही बोलने वाले के लिए ज़हर बन गया।

كانَ مِن فيه قتلُه بِيَدَيْهِ
فهو في سوء فِعله الزَّبَّاءُ

उसका अपना मुँह ही उसके अपने हाथों से उसकी मृत्यु का साधन बना, जिससे वह अपने बुरे कर्म में अज़-ज़ब्बा' जैसा हो गया।

أوْ هُوَ النحلُ قَرْصُهَا يَجْلُبُ الحَت
فَ إليها وما له إنْكَاءُ

या वह उस मधुमक्खी के समान है जिसका डंक स्वयं उसके लिए मृत्यु लाता है, फिर भी वह अपने लक्ष्य को कोई स्थायी हानि नहीं पहुँचाता।

صَرَعَتْ قومَهُ حبائِلُ بَغْيٍ
مَدَّها المكرُ منهم والدَّهاءُ

अन्याय के फंदे, जिन्हें उनकी अपनी चालाकी और धोखे ने बिछाया था, ने उसके लोगों को गिरा दिया।

فأتتهم خيلٌ إلى الحرب تختا
لُ وللخيْلِ في الوغَى خُيَلاءُ

फिर युद्ध के लिए घोड़े उनके पास आए, शान से इतराते हुए, क्योंकि युद्ध में घोड़ों में एक स्वाभाविक अभिमान होता है।

قَصَدَتْ فيهم القنا فقَوافِي ال
طعْنِ منها ما شأنها الإيطاءُ

भालों ने उन्हें निशाना बनाया, और उनके वारों की 'लय' दोहराव की परवाह नहीं करती थी, निर्णायक रूप से प्रहार करती थी।

وأثَارَتْ بأرضِ مكةَ نَقْعَاً
ظُنَّ أن الغُدُوَّ منها عِشاءُ

और उन्होंने मक्का की भूमि में इतनी धूल उड़ाई कि सुबह को शाम समझ लिया गया।

أحْجَمَتْ عندهُ الحجُون وأكْدى
عِنْد إعطائه القليلَ كَدَاءُ

उनके ﷺ सामने, यहाँ तक कि ऊबड़-खाबड़ पहाड़ भी पीछे हटते हुए प्रतीत हुए, और बंजरपन ने भी फल दिया जब उन्होंने ﷺ थोड़ी सी भी चीज़ प्रदान की।

وَدَهَتْ أَوْجُهاً بها وبيوتاً
مُلّ منها الإكفاءُ والإقواءُ

और इसने वहाँ चेहरों और घरों पर ऐसा प्रहार किया, इतनी निर्दयता से कि 'इकफ़ा' और 'इक़वा' जैसे काव्य दोष भी इसके वर्णन से थक जाते।

فَدَعَوْا أحْلَمَ البريَّةِ والعفْ
وُ جوابُ الحليمِ والإغْضاءُ

तो उन्होंने सभी सृष्टियों में सबसे अधिक सहनशील ﷺ को पुकारा, क्योंकि क्षमा और अनदेखी करना वास्तव में सहनशील व्यक्ति की स्वाभाविक प्रतिक्रियाएँ हैं।

ناشدوه القُرْبَى التي من قُرَيْش
قطعَتْهَا التِّراتُ والشَّحْناءُ

उन्होंने उनसे ﷺ कुरैश के रिश्ते की दुहाई दी, एक ऐसा बंधन जिसे झगड़ों और शत्रुता ने बहुत पहले ही तोड़ दिया था।

فعَفا عَفْوَ قَادرٍ لم يُنَغِّصْ
هُ عليهم بما مضى إغراءُ

तो उन्होंने ﷺ एक शक्तिशाली व्यक्ति की क्षमा के साथ माफ कर दिया, एक ऐसी क्षमा जो उनके विरुद्ध पिछली शिकायतों से किसी भी उकसावे से दूषित नहीं हुई थी।

وإذا كان القطْع وَالوصلُ لل
هِ تَسَاوَى التَّقْرِيبُ وَالإِقْصاءُ

और जब संबंध तोड़ना और जोड़ना दोनों ही केवल ईश्वर के लिए किए जाते हैं, तो निकट आना और दूर रहना समान रूप से महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

وسواءٌ عليه فيما أتاهُ
مِنْ سِواهُ المَلامُ وَالإطْراءُ

और उनके ﷺ लिए यह सब एक समान था, जो दूसरों से उनके पास आता था, चाहे वह निंदा हो या प्रशंसा।

وَلَو انَّ انتقامَهُ لِهَوَى النَّف
سِ لَدَامَتْ قطيعةٌ وَجَفَاءُ

और यदि उनका ﷺ प्रतिशोध व्यक्तिगत इच्छा से प्रेरित होता, तो अलगाव और कठोरता अनिश्चित काल तक बनी रहती।

قام للَّه في الأُمورِ فأَرْضَى ال
لهَ منه تَبايُنٌ وَوَفاءُ

उन्होंने ﷺ सभी मामलों में ईश्वर के लिए खड़े रहे, और इस प्रकार ईश्वर उनकी ﷺ अद्वितीय विशिष्टता और अटूट निष्ठा से प्रसन्न हुए।

فِعْلُهُ كلُّهُ جَمِيلٌ وَهل يَنْ
صَحُ إلّا بمَا حَوَاهُ الإناءُ

उनके ﷺ सभी कार्य सुंदर हैं, क्योंकि क्या कोई पात्र वही नहीं उंडेलता जो उसमें समाहित होता है?

أطْربَ السامعينَ ذِكْرُ عُلاهُ
يا لَرَاحٍ مَالَتْ بهَا النُّدَماءُ

अल्लाह के रसूल ﷺ की महानता का स्मरण श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देता है, जैसे मादक आनंद साथियों को झूमने पर मजबूर कर देता है।

النبيُّ الأميُّ أعلمُ مَنْ أس
نَدَ عنه الرُّوَاةُ وَالحكَماءُ

अनपढ़ नबी ﷺ उन सभी में सबसे ज्ञानी हैं जिनसे कथावाचकों और बुद्धिमानों ने ज्ञान प्राप्त किया है।

وَعَدَتْنِي ازْدِيَارَهُ العامَ وَجْنا
ءٌ وَمَنَّتْ بِوَعْدِها الوجْناءُ

एक तेज़ ऊँटनी ने मुझसे इस साल उनसे ﷺ मिलने का वादा किया था, और उस मज़बूत सवारी ने अपना वादा निभाया।

أفلا أنْطَوِي لها في اقْتضائِي
ه لِتُطْوَى ما بَيْنَنا الأَفْلاءُ

तो क्या मुझे उस यात्रा को पूरा करने के लिए उसके साथ तेज़ी से नहीं चलना चाहिए, ताकि हमारे बीच के विशाल रेगिस्तान तेज़ी से पार हो सकें?

بألُوفِ البَطْحاءِ يُجْفِلُهَا النِّي
لُ وقد شَفَّ جَوْفَهَا الإِظْماءُ

हज़ारों घाटी के ऊँट, नील नदी द्वारा हाँके गए, प्यास से उनके पेट सूख गए हैं।

أنْكَرَتْ مِصْرَ فَهيَ تَنْفِرُ ما لا
حَ بِنَاءٌ لِعَيْنِهَا أوْ خَلاءُ

उसने (ऊँटनी ने) मिस्र को अस्वीकार कर दिया, अपनी आँखों के सामने आने वाली किसी भी इमारत या खुले मैदान से दूर भागते हुए।

فأَقَضّتْ عَلَى مبَارِكها بِرْ
كَتهَا فالبُّوَيْبُ فالخَضْراءُ

इस प्रकार, उसने अपने विश्राम स्थल बिरकेट में, फिर बुवैब में, और फिर अल-खदरा में पार किए।

فالقِبَابُ التي تَلِيها فبِئْرُ ال
نخْلِ وَالرَّكْبُ قائِلُونَ رِوَاءُ

फिर उसके बाद के गुंबद, फिर बीर अल-नखल, जहाँ सवार विश्राम करते हैं, उनकी प्यास बुझ चुकी है।

وَغَدَتْ أَيْلَةُ وَحِقْلٌ وَقُرٌّ
خَلْفَها فَالمَغَارَةُ الفَيْحَاءُ

और ऐला, हिक्ल और कुर्र उसके पीछे छूट गए, उसके बाद विशाल गुफा आई।

فعيونُ الأَقْصَابِ يَتبعُها النَّب
كُ وَيتْلو كُفَافَةَ العَوْجاءُ

फिर अल-अकसाब के झरने, उसके बाद अल-नबक, और फिर कफ़ाफ़त अल-अवजा।

حاوَرَتْهَا الحوراءُ شَوْقاً فينبو
عٌ فَرَقَّ اليَنْبُوعُ وَالْحَوْراءُ

सुंदर आँखों वाली ने लालसा से उससे (ऊँटनी से) बात की, फिर यानबू' आया, जहाँ झरना और सुंदर आँखों वाली दोनों कोमलता से भर गए।

لاحَ بالدَّهْنَوَيْنِ بَدْرٌ لها بَع
دَ حُنَيْنٍ وَحَنَّتِ الصَّفْرَاءُ

हुनैन के बाद अल-दहना'एन में उसे एक पूर्णिमा दिखाई दी, और अल-सफ़रा' तरस गई।

ونَضَتْ بَزْوَةٌ فرابغُ فالجُحْ
فَةُ عنها ما حاكه الإِنضاءُ

और बज़वा, फिर राबिग, फिर अल-जुहफ़ा उसके पीछे छूट गए, साथ ही वह थकावट भी जो उसे लगी थी।

وأرَتْهَا الخَلاصَ بئْرُ عَليٍّ
فَعِقَابُ السَّوِيقِ فالخَلصاءُ

और बीर अली ने उसे यात्रा का अंत दिखाया, फिर इक़ाब अल-सवीक़, फिर अल-खलसा।

فهْيَ من ماء بئْرِ عُسفَانَ أو مِنْ
بَطْنِ مَرٍّ ظمآنةٌ خَمْصَاءُ

इस प्रकार, वह बीर उसफ़ान के पानी से, या मर्र की घाटी से है, फिर भी प्यासी और कमज़ोर।

قَرَّبَ الزَّاهِرَ المساجِدُ منها
بخُطاها فالبُطءُ منها وَحاءُ

मस्जिदों ने अपनी चाल से अल-ज़ाहिर को उसके करीब ला दिया, जिससे उसकी कोई भी धीमी गति एक बोझ बन गई।

هذه عِدَّةُ المنازلِ لا ما
عدَّ فيه السّماكُ وَالعَوَّاءُ

ये यात्रा के पड़ावों की सही गिनती है, न कि वे जो अल-सिमाक और अल-अव्वा' (आकाशीय पिंडों) द्वारा गिने गए हैं।

فكأَني بها أُرَحِّلُ منْ مَك
كَةَ شمساً سماؤُها البَيْداءُ

ऐसा लगता है जैसे मैं उसके साथ मक्का से प्रस्थान कर रहा हूँ, एक सूरज जिसका आकाश विशाल रेगिस्तान है।

مَوْضِعُ البَيْتِ مَهْبِطُ الوَحْي مأْوى ال
رسلِ حيثُ الأنوارُ حيثُ البَهاءُ

यह घर का स्थान है, रहस्योद्घाटन का अवतरण स्थल, पैगंबरों का आश्रय, जहाँ प्रकाश और वैभव प्रचुर मात्रा में हैं।

حيثُ فرضُ الطَّوَافِ والسَّعْيُ وَالحل
قُ وَرَمْيُ الجِمار وَالإِهداءُ

जहाँ तवाफ़, सई, सिर मुंडवाना, पत्थरों को मारना और बलिदान देना सभी अनिवार्य हैं।

حَبَّذا حَبَّذَا معاهِدُ منها
لم يُغَيِّرْ آياتِهِنَّ البِلاءُ

कितने उत्कृष्ट, कितने उत्कृष्ट हैं वे पवित्र स्थल जिनके चिह्नों को विपत्ति ने नहीं बदला है।

حَرَمٌ آمِن وَبَيْتٌ حَرامٌ
وَمَقَامٌ فيه المُقامُ تَلاءُ

यह एक सुरक्षित अभयारण्य और एक पवित्र घर है, और एक ऐसा स्थान जहाँ निवास करना ही एक गौरव है।

فَقَضَيْنَا بها مَناسِكَ لا يُح
مَدُ إلّا في فِعْلِهِنَّ القضاءُ

तो हमने वहाँ ऐसे अनुष्ठान किए जिनके दिव्य विधान की प्रशंसा केवल उनके वास्तविक प्रदर्शन के माध्यम से की जाती है।

وَرَمَيْنَا بها الفِجَاجَ إلَى طَيْ
بَةَ والسَّيْرُ بالمطايا رِماءُ

और हमने उनके साथ तैयबा की ओर चौड़े रास्ते पार किए, हमारी यात्रा सवारियों द्वारा तीर की तरह तेज़ थी।

فأصَبْنا عَنْ قَوْسِها غَرضَ القُر
بِ وَنِعْمَ الخَبِيئَةُ الكَوْمَاءُ

तो हमने उसके धनुष से निकटता का लक्ष्य साधा, और कितनी उत्कृष्ट थी वह मोटी ऊँटनी, हमारी यात्रा के लिए हमारा छिपा हुआ खजाना।

فرأينا أرضَ الحَبيبِ يَغُضُّ ال
طرفَ منها الضياءُ وَالْلأْلاءُ

फिर हमने प्रिय ﷺ की भूमि देखी, जहाँ से प्रकाश और चमक स्वयं श्रद्धा में अपनी नज़रें झुका लेते हैं।

فكأنَّ البَيْدَاءَ مِنْ حيثُما قا
بَلَتِ العَينَ رَوْضَة غَنَّاءُ

तो ऐसा था मानो रेगिस्तान, जहाँ भी आँख उसे देखती, एक हरे-भरे, जीवंत बगीचे में बदल जाता।

وكأَنَّ البِقاعَ زَرَّتْ عليها
طَرَفَيْها مُلاءَةٌ حَمْرَاءُ

और ऐसा था मानो क्षेत्रों को सजाया गया था, उनके दोनों सिरे एक गहरे लाल रंग के वस्त्र से बंधे हुए थे।

وكأَنَّ الأَرجاء تَنشُر نَشْر ال
مِسْكِ فيها الجَنُوبُ وَالجِرْبِياءُ

और ऐसा था मानो आसपास का वातावरण, दक्षिण और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के साथ, उनमें कस्तूरी की सुगंध फैला रहा था।

فإذا شِمتَ أو شَمِمْتَ رُبَاها
لاحَ منها برقٌ وفاحَ كِباءُ

तो यदि आप उसकी ऊँची ज़मीनों को देखते या सूंघते, तो उसमें से बिजली चमकती और एक मीठी सुगंध फैल जाती।

أيَّ نُورٍ وَأيَّ نَوْرٍ شَهِدْنا
يَوْمَ أَبْدَت لَنا القِبَابَ قُباءُ

हमने क्या प्रकाश और क्या फूल देखे उस दिन जब क़ुबा ने अपने गुंबद हमें दिखाए!

قَرَّ منها دَمْعِي وفَرَّ اصْطبَارِي
فدُمُوعي سَيْلٌ وصَبْرِي جُفاءُ

मेरी आँखों से आँसू बह निकले और मेरा धैर्य भाग गया, तो मेरे आँसू एक धारा बन गए और मेरा धैर्य झाग की तरह गायब हो गया।

فترى الرَّكْبَ طائرِينَ من الشَّوْ
قِ إِلى طَيْبَةٍ لَهُمْ ضَوْضاءُ

तो आप कारवां को तैयबा की ओर लालसा से उड़ते हुए देखते हैं, वे शोर मचा रहे हैं।

وكأَنَّ الزُّوَّارَ مَا مَسَّتِ البَأْ
ساءُ منهم خَلْقاً ولا الضَّرَّاءُ

और ऐसा था मानो आगंतुकों के अस्तित्व को कभी किसी कठिनाई या विपत्ति ने छुआ ही न हो।

كلُّ نفسٍ منها ابتهال وسؤْلٌ
ودُعاءٌ وَرَغْبَة وَابْتِغَاءُ

उनमें से हर आत्मा प्रार्थना और अनुरोध, दुआ, इच्छा और उत्कट खोज से भरी थी।

وَزَفيرٌ تَظُنُّ منه صُدوراً
صادحاتٍ يَعْتادُهُنَّ زُقاءُ

और एक आह, जिससे आप कल्पना करेंगे कि छातियाँ गाने वाले पक्षी हैं जिनकी चीखें आदत बन गई थीं।

وَبُكَاءٌ يُغْرِيِهِ بالعين مَدّ
وَنجيبٌ يَحُثُّه اسْتِعلاءُ

और रोना जो आँखों को बहने के लिए उकसाता है, और एक महान विलाप जो आध्यात्मिक उत्थान द्वारा प्रेरित होता है।

وجُسومٌ كَأَنَّمَا رَحَضَتْهَا
منْ عظيم المَهَابَةِ الرُّحَضاءُ

और ऐसे शरीर मानो उन्हें अत्यधिक भय के पसीने से धोया गया हो।

وَوجُوهٌ كأَنَّما ألْبَسَتْها
منْ حياءٍ ألوانَها الحرْباءُ

और ऐसे चेहरे मानो गिरगिट ने उन्हें अपनी शर्म से अपने रंग पहना दिए हों।

ودموعٌ كأنّما أرسلتها
من جفونٍ سحابةٌ وطفاءُ

और ऐसे आँसू मानो उन्हें पलकों से एक भारी बादलों ने भेजा हो।

فَحَطَطْنا الرِّحالَ حيثُ يحَطُّ ال
وِزْرُ عنّا وترفع الحوجاءُ

हमने अपने बोझ वहाँ उतारे जहाँ हमारे पाप उतर जाते हैं और हमारी आवश्यकताएँ पूरी होती हैं।

وَقَرَأْنا السلامَ أكْرَمَ خلق ال
لَه مِنْ حيثُ يُسمَعُ الإقْراءُ

और हमने अल्लाह की सबसे श्रेष्ठ रचना को सलाम पढ़ा, ऐसी जगह से जहाँ ऐसी तिलावतें सुनी और स्वीकार की जाती हैं।

وذهلنا عند اللقاء وكم أَذْ
هَلَ صَبَّاً من الحَبيبِ لِقاءُ

और हम उस मुलाकात पर मंत्रमुग्ध हो गए, क्योंकि महबूब से आशिक की मुलाकात उसे कितनी बार पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर देती है!

وَوَجمنَا مِنَ المَهَابَةِ حتَّى
لا كلامٌ منا ولا إيماءُ

और हम ऐसी श्रद्धा से स्तब्ध रह गए कि न हमसे कोई बात निकली और न कोई इशारा।

وَرَجَعْنا وَللقلُوبِ التفاتا
تٌ إليه وللجُسوم انْثِناءُ

और हम लौट आए, हालाँकि हमारे दिल तरसती निगाहों से उनकी ओर मुड़ते रहे, और हमारे शरीर उनकी दिशा में झुके रहे।

وَسَمحْنا بما نُحِبُّ وقد يَس
مَحُ عند الضرورةِ البُخلاءُ

और हमने अपनी प्रिय वस्तुओं को उदारतापूर्वक दिया, क्योंकि आवश्यकता पड़ने पर सबसे कंजूस भी अपने खजाने दे देते हैं।

يا أبا القاسمِ الذي ضِمنَ إِقسا
مِي عليه مَدْحٌ لهُ وَثَنَاءُ

हे अबुल क़ासिम ﷺ, मेरी गंभीर शपथें आपकी प्रशंसा और स्तुति के लिए समर्पित हैं।

بالعلومِ التي عَليكَ مِن الل
هِ بلا كاتِبٍ لها إِمْلاءُ

उन दिव्य ज्ञानों की कसम जो अल्लाह की ओर से आप पर अवतरित हुए, जिन्हें बिना किसी लेखक के आपको लिखवाया गया।

ومسير الصَّبا بنصْرِك شَهْرا
فكأَنَّ الصَّبا لَدَيكَ رُخاءُ

और उस पूर्वी हवा की कसम जो एक महीने तक आपकी सहायता के लिए चली, मानो आपके आदेश पर वही हवा कोमल और आज्ञाकारी हो गई।

وَعَلِيٍّ لمَّا تَفَلْتَ بِعَيْنَيْ
هِ وكلتاهما مَعاً رمْداءُ

और अली की कसम, जब आपने ﷺ उनकी आँखों पर फूँका, जो दोनों एक साथ आँखों की बीमारी से पीड़ित थीं।

فَغَدا ناظراً بِعَيْنَيْ عُقَابٍ
في غَزاةٍ لها العُقَابُ لِواءُ

तो वह एक बाज की आँखों की तीक्ष्णता से देखने में सक्षम हो गए, एक ऐसी लड़ाई में जहाँ बाज स्वयं एक विजयी ध्वज के रूप में कार्य करता था।

وَبِرَيْحانَتَيْنِ طيبُهُما مِن
كَ الذي أودعتهُما الزَّهْراءُ

और उन दो मीठे तुलसी के पौधों की कसम, जिनकी सुगंध आपसे निकलती थी, और जिन्हें ज़हरा ने आपकी प्यारी देखभाल में सौंपा था।

كُنْتَ تُؤْوِيهِمَا إليك كما آ
وَتْ من الخَطِّ نُقْطَتَيْهَا اليَاءُ

आप उन्हें अपने करीब ऐसे गले लगाते थे, जैसे 'या' अक्षर अपनी दो बिन्दुओं को अपनी रेखा के नीचे आश्रय देता है।

مِنْ شهيدَيْنِ ليس يُنْسِيَني الطَّف
فُ مُصابَيْهِما وَلا كَرْبَلاءُ

उन दो शहीदों की कसम, जिनकी विपत्तियों को न तो अत्-तफ़ की भूमि और न ही कर्बला मुझे कभी भुला सकती है।

مَا رَعَى فيهما ذِمامَك مرؤو
سٌ وَقد خانَ عَهْدَكَ الرُّؤساءُ

किसी भी नेता ने उनके संबंध में आपकी पवित्र अमानत का सम्मान नहीं किया, और वास्तव में, शासकों ने आपसे किए गए वादे को धोखा दिया।

أبْدَلوا الودَّ وَالحَفيظَةَ في القُرْ
بَى وَأَبدَتْ ضِبَابها النَّافِقاءُ

उन्होंने रिश्तेदारी के लिए प्रेम और सुरक्षा को दुश्मनी से बदल दिया, और पाखंड की छिपी हुई दुर्भावना ने अपना असली रूप दिखाया।

وَقَسَتْ منهم قلوبٌ عَلَى مَنْ
بَكَتِ الأرضُ فقدَهم والسماءُ

और उनके दिल उन लोगों के खिलाफ कठोर हो गए जिनके नुकसान पर स्वयं धरती और आकाश ने आँसू बहाए।

فابْكِهِمْ ما اسْتَطَعْتَ إنَّ قليلاً
في عَظيمٍ مِن المُصابِ البُكاءُ

तो उनके लिए जितना हो सके रोओ, क्योंकि ऐसी विशाल विपत्ति के सामने थोड़ा सा भी रोना कम है।

كلَّ يوْمٍ وَكلُّ أَرْضٍ لِكَرْبي
منهمُ كَرْبَلا وَعاشورَاءُ

उनके लिए मेरे दुख में, हर दिन आशूरा जैसा लगता है और हर भूमि कर्बला बन जाती है।

آلَ بَيْتِ النبيِّ إِنَّ فُؤادِي
ليسَ يُسْلِيهِ عَنْكم التَّأْسَاءُ

हे पैगंबर ﷺ के परिवार, वास्तव में मेरा दिल आपकी दुर्दशा के संबंध में कोई सांत्वना या आराम नहीं पाता।

غيرَ أَنِّي فَوَّضْتُ أَمْرِي إِلَى الل
هِ وَتَفْوِيضِيَ الأُمورَ بَراءُ

सिवाय इसके कि मैंने अपना मामला अल्लाह को सौंप दिया है, और सभी मामलों को सौंपना सभी दोषों से मुक्ति है।

رُبَّ يومٍ بِكَربَلاءَ مُسيئٍ
خَفَّفَتْ بعض وِزْرِهِ الزَّوْراءُ

कर्बला में कितने ही दिन, एक गलत करने वाले के लिए, ज़ौरा ने उसके पापों का कुछ बोझ हल्का कर दिया है।

وَالأَعادِي كَأَنَّ كلَّ طَرِيحٍ
منهمُ الزَّقُّ حُلَّ عَنْه الوِكاءُ

और दुश्मन, मानो उनमें से हर गिरा हुआ व्यक्ति एक शराब की थैली था जिससे डाट हटा दी गई थी, पूरी तरह से जीवन से खाली।

آلَ بيتِ النبيِّ طبتُم فطابَ الْ
مَدْحُ لِي فيكُمُ وَطابَ الرّثاءُ

हे पैगंबर ﷺ के परिवार, आप पवित्र और उत्कृष्ट हैं, इसलिए आपके लिए मेरी प्रशंसा और मेरा विलाप दोनों ही अच्छे और उचित हैं।

أنا حَسَّانُ مَدْحِكم فإذَا نُحْ
تُ عليكمْ فإنَّنِي الخنساءُ

मैं आपकी प्रशंसा का हस्सान हूँ, और यदि मैं आपके लिए विलाप करता हूँ, तो मैं अल-खंसा हूँ।

سُدْتُمُ النّاسَ بالتُّقَى وَسِواكم
سَوَّدَتْهُ البَيْضاءُ والصَّفْراءُ

आपने लोगों का नेतृत्व पवित्रता के माध्यम से किया, जबकि दूसरों को चांदी और सोने से नेता बनाया गया।

وَبِأصحابك الذين همُ بَعْ
دَكَ فينا الهُداةُ وَالأوْصِياءُ

और आपके उन साथियों की कसम, जो आपके बाद हम में मार्गदर्शक और उत्तराधिकारी हैं।

أَحْسَنُوا بعدكَ الخِلافَةَ فِي الدي
نِ وَكلٌّ لِما تَوَلَّى إزَاءُ

उन्होंने आपके बाद धर्म में खिलाफत का उत्कृष्ट प्रबंधन किया, और हर कोई उस कार्य के लिए एक आदर्श मेल था जिसे उसने संभाला।

أَغْنياءٌ نزاهَةً فُقَرَاء
عُلَمَاءٌ أَئمَّةٌ أُمَرَاءُ

वे ईमानदारी में धनी थे फिर भी सांसारिक संपत्ति में गरीब थे, विद्वान, नेता और सेनापति थे।

زَهِدُوا في الدُّنَا فما عُرِفَ المَي
لُ إلَيْهَا منهم وَلا الرَّغْبَاءُ

उन्होंने सांसारिक जीवन का त्याग किया, इसलिए उनसे कभी भी इसकी ओर कोई झुकाव या तीव्र इच्छा ज्ञात नहीं हुई।

أَرْخَصُوا في الوغَى نُفُوسَ مُلُوكٍ
حارَبُوها أسلابُها إغْلاءُ

युद्ध में, उन्होंने उन राजाओं के जीवन को सस्ता कर दिया जिनसे उन्होंने लड़ाई लड़ी, हालाँकि उनकी लूट कीमती थी।

كلُّهُمْ في أحكامه ذو اجتهادٍ
وَصَوابٍ وَكُلُّهمْ أَكفاءُ

उनमें से सभी, अपने निर्णयों में, लगन और शुद्धता रखते थे, और सभी समान रूप से सक्षम थे।

رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمُ وَرَضُوا عَنْ
هُ فأنَّى يَخطو إليهم خَطَاءُ

अल्लाह उनसे प्रसन्न था, और वे उससे प्रसन्न थे, तो गलती कभी उनके पास कैसे आ सकती थी?

جاء قَوْمٌ مِنْ بَعْدِ قَوْمٍ بحَقٍّ
وَعَلَى المَنْهَجِ الحَنِيفِيِّ جاؤوا

पीढ़ियाँ एक के बाद एक आईं, सत्य को कायम रखते हुए, और उन्होंने सीधे इब्राहीमी मार्ग का अनुसरण किया।

ما لموسى وَلا لعِيسى حَوارِي
يُونَ في فَضْلِهم وَلا نُقَبَاءُ

न तो मूसा और न ही ईसा के पास ऐसे शिष्य या सरदार थे जिनकी नेकी सहाबा के बराबर हो।

بأَبي بَكْرٍ اِلذي صَحَّ لِلنَّا
سِ به في حياتك الإِقتِداءُ

अबू बक्र की कसम, जिनका लोगों ने आपके ﷺ जीवनकाल में सही ढंग से अनुसरण किया।

والمُهَدِّي يَوْمَ السَّقِيفَةِ لَما
أرْجَفَ الناسُ أنه الدَّأْدَاءُ

और वह जिसने सक़ीफ़ा के दिन मार्गदर्शन किया, जब लोगों ने अफवाहें फैलाईं कि यह एक बड़ी विपत्ति थी।

أَنقذَ الدينَ بعدَ ما كان للد
دينِ عَلَى كلِّ كُرْبَةٍ إشْفَاءُ

उन्होंने धर्म को बचाया जब वह हर संकट के कगार पर था।

أَنْفَقَ المالَ في رِضَاكَ وَلا مَن
نٌ وَأَعْطَى جَمَّاً وَلا إكْداءُ

उन्होंने आपकी खुशी के लिए धन खर्च किया, अपनी उदारता का घमंड किए बिना, और उन्होंने प्रचुर मात्रा में दिया, कभी पीछे नहीं हटे।

وأبي حَفْصٍ الذي أظهر الل
هُ به الدينَ فارعَوى الرُّقباءُ

और अबू हफ़्स (उमर) की कसम, जिनके माध्यम से अल्लाह ने धर्म को प्रकट किया, जिससे चौकस दुश्मनों को रोका गया।

والذي تَقْرُبُ الأباعِدُ في الل
هِ إليه وَتَبْعُدُ القُرَباءُ

और वह जिसके माध्यम से दूर वाले अल्लाह के करीब आते हैं, और करीब वाले दूर हो जाते हैं।

عُمَر بن الخطابِ مَنْ قَوْلُهُ الفَص
لُ ومَنْ حُكْمُهُ السَّوِيُّ السّواءُ

उमर इब्न अल-खत्ताब, जिनका वचन निर्णायक है और जिनका न्याय पूर्णतः निष्पक्ष है।

فَرَّ منه الشيطانُ إذْ كانَ فارو
قاً فلِلنَّارِ مِنْ سَنَاهُ انْبِراءُ

शैतान उनसे भाग गया, क्योंकि वे अल-फारूक थे, और उनके तेजस्वी प्रकाश से नरक की आग भी पीछे हट जाती है।

وَابْن عفَّانَ ذِي الأيادي التي طا
لَ إلى المصطفى بها الإِسْدَاءُ

और इब्न अफ्फान, उन कर्मों के स्वामी जिनकी परोपकारिता चुने हुए पैगंबर ﷺ के प्रति चिरस्थायी थी।

حَفَر البِئْرَ جَهَّزَ الجَيْشَ أهْدَى الْ
هَدْيَ لما أنْ صَدَّهُ الأعْداءُ

उन्होंने कुआँ खोदा, सेना को सुसज्जित किया, और जब दुश्मनों ने उन्हें रोका, तब भी कुर्बानी के जानवर पेश किए।

وَأبَى أنْ يَطُوفَ بالبيتِ إذْ لمْ
يَدْنُ منه إلى النبيِّ فِناءُ

और उन्होंने काबा का तवाफ़ करने से इनकार कर दिया, जब पैगंबर ﷺ के दल का कोई भी सदस्य उसके पास नहीं था।

فَجَزَتْهُ عنها بِبِيعَةِ رِضْوا
نٍ يَدٌ مِنْ نَبِيِّهِ بَيْضَاءُ

तो, उनके पैगंबर ﷺ के एक धन्य हाथ ने उन्हें उस कार्य के लिए रिजवान की प्रतिज्ञा से पुरस्कृत किया।

أدَبٌ عنده تَضَاعَفَتِ الأع
مالُ بالترْكِ حَبَّذَا الأُدَباءُ

ऐसी थी उनकी विनम्रता, जिससे संयम के माध्यम से कर्म कई गुना बढ़ गए; कितने उत्कृष्ट होते हैं वे लोग जो सुसंस्कृत होते हैं!

وَعَلِيٍّ صِنْوِ النبيّ وَمَنْ دِي
نُ فُؤادِي وِدادُهُ وَالوَلاءُ

और अली, पैगंबर ﷺ के रिश्तेदार, जिनका प्रेम और वफादारी मेरे हृदय का धर्म है।

وَوَزيرِ ابن عَمِّه في المعالي
ومِنَ الأهلِ تُسْعَدُ الوُزَراءُ

और अपने चचेरे भाई के नेक कामों में मंत्री, क्योंकि परिवार से आए मंत्री धन्य होते हैं।

لم يَزِدْهُ كَشْفُ الغِطاءِ يَقِيناً
بَل هُوَ الشمْسُ ما عليه غِطاءُ

परदे का हटना उनकी निश्चितता को नहीं बढ़ा सका, क्योंकि वे उस सूर्य के समान हैं जिस पर कोई परदा नहीं होता।

وبباقِي أصحابِكَ المُظْهِرِ التَّرْ
تيبِ فينا تَفْضِيلُهم والولاءُ

और आपके बाकी साथियों के द्वारा, जिनकी श्रेष्ठता और वफादारी हमारे बीच उनकी पदवी में प्रकट होती है।

طَلْحَةِ الخَيْرِ المُرْتَضِيهِ رَفيقاً
وَاحداً يومَ فَرَّت الرُّفَقَاءُ

तलहा अल-खैर, जिन्हें उन्होंने ﷺ एकमात्र साथी के रूप में चुना, उस दिन जब अन्य साथी भाग गए थे।

وَحَوارِيِّكَ الزُّبَيْرِ أبي القَرْ
مِ الذي أَنْجَبَتْ بِهِ أسماءُ

और आपके शिष्य अल-जुबैर, उस महान व्यक्ति के पिता, जिन्हें असमा ने जन्म दिया था।

وَالصَّفِيَّيْنِ تَوْأَمِ الفضل سَعْدٍ
وسَعِيدٍ إنْ عُدَّتِ الأصْفياءُ

और दो चुने हुए, सद्गुणों के जुड़वाँ, साद और सईद, यदि पवित्र लोगों की गिनती की जाए।

وابْنِ عَوْفٍ مَنْ هَوَّنَتْ نفسُه الدُّن
يَا بِبَذْلٍ يُمِدُّهُ إثْراءُ

और इब्न औफ, जिनकी आत्मा ने उदारता के माध्यम से दुनिया को तुच्छ समझा, जिसे उनके धन ने बनाए रखा।

والمُكَنَّى أبا عُبيْدَةَ إذْ يَعْ
زِي إليه الأمانةَ الأُمَناءُ

और वे जो अबू उबैदा के नाम से जाने जाते हैं, जिन्हें विश्वसनीय लोग विश्वसनीयता का श्रेय देते हैं।

وَبِعَمَّيْكَ نَيِّرَي فَلَكِ المَج
دِ وكلٌّ أتَاهُ منك إتاءُ

और आपके दोनों चाचाओं के द्वारा, महिमा के आकाशगंगा के दो प्रकाशमान सितारे, और आपसे ही प्रत्येक को वरदान मिला।

وبأمِّ السِّبْطَيْنِ زَوْجِ عَلِيٍّ
وَبَنِيها وَمَنْ حَوَتْهُ العَبَاءُ

और दोनों नवासे की माँ, अली की पत्नी, और उनके बेटों, और उन सभी के द्वारा जिन्हें चादर ने ढका।

وَبِأَزواجكَ اللَّواتي تَشَرَّفْ
ن بأنْ صانَهُنَّ منك بِناءُ

और आपकी पत्नियों के द्वारा, जिन्हें आपसे मिली सुरक्षा की संरचना से सम्मानित किया गया।

الأمانَ الأمانَ إنَّ فُؤادِي
من ذُنوبٍ أَتَيْتُهُنَّ هَواءُ

शरण, शरण! क्योंकि मेरा हृदय उन पापों से पूरी तरह से उजागर और काँप रहा है जो मैंने किए हैं।

قد تَمَسَّكْتُ مِنْ وِدَادِكَ بالحَب
لِ الذي اسْتَمْسَكَتْ به الشفَعاءُ

मैं आपके प्रेम की रस्सी से लिपट गया हूँ, वही रस्सी जिससे सभी सिफारिश करने वाले मजबूती से चिपके रहे हैं।

وَأبى اللَّهُ أنْ يَمَسَّنِيَ السُّو
ءُ بحالٍ وَلِي إليك الْتِجاءُ

अल्लाह ने मना कर दिया है कि मुझे कभी कोई नुकसान पहुँचे, क्योंकि मैंने आप में शरण ली है।

قد رَجَوْناكَ للأُمورِ الّتي أب
رَدُها فِي فُؤَادِنا رَمْضاءُ

हमने अपनी आशाएँ आप में रखी हैं सभी मामलों के लिए, जिनमें से सबसे छोटा भी हमारे दिलों में जलती हुई रेत जैसा महसूस होता है।

وَأَتَيْنا إليكَ أَنْضاءَ فَقْرٍ
حَمَلَتْنا إلى الغِنَى أَنْضاءُ

हम आपके पास गरीबी से थके हुए आए हैं, क्योंकि यह थकावट की यही स्थिति है जिसने हमें सच्ची समृद्धि की ओर बढ़ाया है।

وانْطَوَتْ في الصُّدُورِ حاجاتُ نفسٍ
ما لها عَنْ نَدَى يَدَيْكَ انْطِوَاءُ

और हमारे हृदयों में आत्मा की आवश्यकताएँ छिपी हुई हैं, जिन्हें आपके हाथों की उदारता के सिवा न तो सुलझाया जा सकता है और न ही संतुष्ट किया जा सकता है।

فأَغِثْنَا يَا مَنْ هُوَ الغَوثُ والغَيْ
ثُ إذا أَجْهَدَ الورَى اللّأْوَاءُ

तो हमारी सहायता करें, हे आप जो सहायता और राहत की वर्षा हैं, जब मानवता कठिनाई से थक जाती है ﷺ।

وَالجَوَادُ الذِي به تُفْرَجُ الغُم
مَةُ عَنا وتُكْشَفُ الحَوْباءُ

और वह उदार व्यक्ति जिसके माध्यम से हम पर से संकट दूर होता है, और आपदा का पर्दा हटता है।

يا رحيماً بالمؤمنين إذا ما
ذَهِلَت عن أبنائها الرُّحَماءُ

हे आप जो मोमिनों पर दयालु हैं, तब भी जब लोगों में सबसे दयालु अपने बच्चों को भूल जाते हैं।

يا شفيعاً في المُذنبين إذا أش
فقَ مِنْ خَوفِ ذَنْبِهِ البُرَآءُ

हे पापियों के लिए सिफारिश करने वाले, तब भी जब निर्दोष अपने ही पापों के डर से काँपते हैं।

جُدْ لعاصٍ ومَا سِوايَ هُوَ العا
صِي وَلكنْ تَنَكُّرِي اسْتِحْياءُ

एक पापी पर उदारता दिखाएँ, और यद्यपि मैं ही पापी हूँ, मेरा इनकार केवल विनम्रता का एक पर्दा है।

وتَدَارَكْهُ بالعناية ما دا
مَ له بالذِّمامِ منك ذماءُ

और अपनी देखभाल से उस तक पहुँचें, जब तक उसमें आपकी सुरक्षा और प्रतिज्ञा का कोई भी अवशेष बाकी है।

أخَّرَتْهُ الأعمالُ والمالُ عَمَّا
قدَّمَ الصَّالحُونَ والأغنياءُ

उसके कर्मों और धन ने उसे उस भलाई से रोक रखा है जो नेक और धनी लोगों ने प्रस्तुत की है।

كل يومٍ ذُنُوبُهُ صاعداتٌ
وعليها أنفاسُهُ صُعَدَاءُ

हर दिन उसके पाप ऊपर चढ़ रहे हैं, और उसकी साँसें उनके बोझ तले भारी आहें हैं।

أَلِفَ البِطْنَةَ المُبَطِّئَة السَّيْ
رِ بدار بها البِطانُ بِطَاءُ

वह पेटूपन का आदी हो गया, जो यात्रा को धीमा कर देता है, एक ऐसे निवास में जहाँ पेटू लोग स्वाभाविक रूप से सुस्त होते हैं।

فَبَكَى ذَنْبَهُ بِقَسْوَةِ قَلْبٍ
نَهَتِ الدَّمْعَ فالبُكاءُ مُكاءُ

तो उसने अपने पाप के लिए एक कठोर हृदय से रोया जिसने आँसुओं को मना किया, जिससे उसका रोना केवल एक खोखली ध्वनि बन गया।

وغَدَا يَعْتِبُ القَضَاءُ ولا عذ
ر لعاص فيما يسوق القضاءُ

और उसने ईश्वरीय विधान को दोष देना शुरू कर दिया, फिर भी एक पापी के लिए कोई बहाना नहीं है कि भाग्य क्या लाता है।

أوثقته من الذنوب دُيُونٌ
شَدَّدَتْ فِي اقْتِضائِها الغُرَماءُ

पापों के कर्ज ने उसे बाँध रखा है, और लेनदार लगातार अपने भुगतान की माँग कर रहे हैं।

ما لَهُ حِيلَةٌ سِوَى حِيلَةِ المُو
ثَقِ إِمَّا تَوَسُّلٌ أَوْ دُعَاءُ

उसके पास बंधे हुए व्यक्ति के सिवा कोई और सहारा नहीं है: या तो सिफारिश की तलाश करना या प्रार्थना करना।

رَاجِياً أَنْ تعودَ أعمالُه السُّو
ءُ بِغُفْرَانِ اللَّهِ وَهْيَ هَباءُ

इस उम्मीद में कि उसके बुरे कर्म अल्लाह की क्षमा से शून्य में बदल जाएँगे।

أَوْ تُرَى سَيِّئاتُهُ حَسَناتٍ
فيقَالُ اسْتحالتِ الصَّهْباءُ

या क्या उसके दुष्कर्मों को नेकियाँ समझा जाता है, इस प्रकार कि यह घोषित किया जाए कि लाल मदिरा भी परिवर्तित हो गई है?

كلُّ أمْرٍ تُعنَى به تُقْلَبُ الأعْ
يانُ فيه وتَعْجَبُ البُصَراءُ

हर वह मामला जिस पर आप ध्यान देते हैं, उसका मूल स्वरूप बदल जाता है, जिससे गहरी अंतर्दृष्टि वाले लोग भी चकित रह जाते हैं।

رُبَّ عَيْنٍ تَفَلْتَ في مائها المِلْ
حِ فأضْحَى وَهْوَ الفُراتُ الرَّوَاءُ

कितने ही झरने थे, जिनके खारे पानी में आपने ﷺ थूका, और उसके बाद वे मीठे, बहते हुए फ़रात बन गए।

آهِ مِما جَنَيْتُ إنْ كانَ يُغْنِي
ألِفٌ مِنْ عَظيمِ ذنْبٍ وهاءُ

आह, मैंने जो किया है, काश एक बड़े पाप का एक छोटा सा अंश भी पर्याप्त होता!

أرْتَجِي التَّوْبَةَ النَّصُوحَ وفِي القَلْ
بِ نفَاقٌ وفي اللسانِ رِياءُ

मैं सच्ची तौबा की कामना करता हूँ, फिर भी मेरे हृदय में कपट और मेरी ज़बान पर दिखावा रहता है।

ومتى يَسْتَقيمُ قَلْبِي ولِلْجِسْ
مِ اعْوِجَاجٌ مِنْ كَبْرتي وانْحِناءُ

और मेरा हृदय कब सीधा होगा, जबकि मेरा शरीर मेरे बुढ़ापे और कमज़ोरी के कारण झुका हुआ और टेढ़ा है?

كُنْتُ في نَوْمَةِ الشَّبابِ فما اسْتَيْ
قَظْتُ إِلَّا ولِمَّتي شَمْطاءُ

मैं जवानी की नींद में खोया हुआ था, और तब तक नहीं जागा जब तक मेरे बाल सफ़ेद नहीं हो गए।

وتمادَيْتُ أَقْتَفي أَثَرَ القَوْ
مِ فطالَتْ مَسَافَةٌ واقْتِفَاءُ

और मैं दूसरों के पदचिह्नों पर चलता रहा, जिससे यात्रा और पीछा करना अत्यधिक लंबा हो गया।

فوَرا السائرينَ وهْوَ أمامِي
سُبُلٌ وَعْرَةٌ وأرضٌ عَراءُ

नेक यात्रियों के पीछे, फिर भी मेरे सामने, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और बंजर, वीरान ज़मीनें पड़ी हैं।

حَمِدَ المُدلِجونَ غِبَّ سُرَاهُم
وكَفَى مَنْ تَخَلَّف الإِبْطاءُ

जिन्होंने रात भर लगन से यात्रा की, उन्हें अपनी यात्रा के बाद प्रशंसा मिली, जबकि जो पीछे रह गए, उनके लिए केवल देरी ही पर्याप्त परिणाम थी।

رِحلةٌ لَمْ يَزَلْ يُفنِّدني الصَّي
فُ إِذَا مَا نَوَيْتُها والشِّتاءُ

यह एक ऐसी यात्रा है जिससे गर्मी हमेशा मुझे रोकती है, जब भी मैं इसका इरादा करता हूँ, और सर्दी भी।

يَتَّقِي حُرُّ وجْهِي الحَرَّ والبَرْ
دَ وَقَدْ عَزَّ مِنْ لَظى الاتِّقاءُ

मेरा पवित्र चेहरा गर्मी और सर्दी दोनों से बचना चाहता है, फिर भी भयंकर लपटों से बचना अत्यंत कठिन हो गया है।

ضِقْتُ ذَرْعاً مِمَّا جَنَيْتُ فَيوْمِي
قَمْطَرِيرٌ وليلَتي دَرْعاءُ

मैंने जो किया है उससे मैं पूरी तरह व्यथित हूँ, इसलिए मेरा दिन उदास और मेरी रात काली है।

وَتَذَكَّرْتُ رَحْمَةَ اللَّهِ فالبِش
رُ لِوَجْهِي أنّى انْتَحَى تِلْقاءُ

तब मुझे अल्लाह की रहमत याद आई, और खुशी ने मेरे चेहरे को रोशन कर दिया, जहाँ भी वह मुड़ा।

فألحَّ الرَّجاء والخوفُ بالقَلْ
بِ ولِلْخَوفِ والرَّجا إِخْفاءُ

तो आशा और भय मेरे हृदय में बने रहे, क्योंकि भय और आशा दोनों में एक सूक्ष्म छिपाव होता है।

صَاحِ لا تأسَ إنْ ضَعُفْتَ عَنِ الطَّا
عةِ واسْتَأْثَرَتْ بها الأقوياءُ

दोस्त, निराश मत हो अगर तुम आज्ञाकारिता में कमज़ोर हो, और ताक़तवरों ने उस पर एकाधिकार कर लिया है।

إنَّ للَّهِ رَحمةً وأحَقُّ ال
ناسِ منه بالرَّحمةِ الضُّعَفَاءُ

वास्तव में, अल्लाह दयालु है, और उसकी दया के सबसे योग्य कमज़ोर लोग हैं।

فابقَ في العُرْجِ عندَ مُنْقَلَبِ الذَّوْ
دِ ففِي العَوْدِ تَسْبِقُ العَرْجاءُ

तो झुंड के मोड़ पर लंगड़ों के बीच रहो, क्योंकि वापसी में, लंगड़ा भी आगे निकल सकता है।

لا تَقُلْ حاسداً لِغَيْرِك هذَا
أثْمَرَتْ نَخْلَهُ ونَخْلِي عَفاءُ

दूसरे से ईर्ष्या के कारण यह मत कहो, "उसके खजूर के पेड़ पर फल लगे, जबकि मेरा खजूर का पेड़ बंजर है।"

وائْتِ بالمَسْتَطاع مِنْ عَمَل البر
ر فقدْ يُسْقِطُ الثِّمارَ الإِتاءُ

और जो नेक कर्म तुम कर सकते हो, वह करो, क्योंकि फलों की अधिकता भी कुछ को गिरा सकती है।

وبِحُبِّ النبيِّ فابْغِ رِضَى الل
هِ فَفِي حُبِّهِ الرِّضا والحِبَاءُ

इसलिए, पैगंबर ﷺ से प्रेम करके, अल्लाह की रज़ा तलाशो, क्योंकि उनके प्रेम में ईश्वरीय संतुष्टि और प्रचुर इनाम दोनों पाए जाते हैं।

يا نبيَّ الهُدَى اسْتِغَاثَةَ مَلْهو
فٍ أَضَرَّتْ بحالِه الحوْبَاءُ

हे मार्गदर्शन के पैगंबर ﷺ, यह एक गहरे संकट में पड़े व्यक्ति की हार्दिक प्रार्थना है, जिसकी हालत पाप से बुरी तरह प्रभावित हुई है।

يَدَّعِي الحُبَّ وهْوَ يأْمُرُ بالسُّو
ءِ ومَنْ لِي أنْ تَصْدُقَ الرَّغْبَاءُ

वह प्रेम का दावा करता है, फिर भी वह बुराई का आदेश देता है, और मैं अपनी ईमानदारी की इच्छा को कैसे सच्चा मानूँ?

أَيُّ حُبٍّ يَصِحُّ منه وطَرْفِي
لِلْكَرَى واصِلٌ وطَيْفُكَ رَاءُ

उससे कौन सा सच्चा प्रेम निकल सकता है जिसकी आँखें लगातार नींद की ओर खिंची रहती हैं, जबकि आपकी पवित्र छवि ﷺ हमेशा देखने के लिए मौजूद है?

ليت شِعرِي أَذَاكَ مِنْ عُظمِ ذَنْبٍ
أمْ حُظُوظُ المُتَيَّمِينَ حُظَاءُ

काश मुझे पता होता कि यह स्थिति मेरे पाप की विशालता के कारण है, या ये केवल उन भावुक भक्तों के नियत हिस्से हैं।

إنْ يكُنْ عُظْمُ زَلَّتي حَجْبَ رُؤْيَا
كَ فقدْ عَزَّ داءَ قلبي الدَّواءُ

यदि मेरे अपराध की विशालता ने वास्तव में आपकी ﷺ दृष्टि को मुझसे छिपा दिया है, तो मेरे हृदय के कष्ट का उपचार पूरी तरह से अप्राप्य हो गया है।

كيف يَصدا بالذَّنْبِ قلبُ مُحِبٍّ
وله ذِكْرُكَ الجميلُ جِلاءُ

एक प्रेमी का हृदय पाप से कैसे कलंकित हो सकता है, जब आपकी सुंदर याद ﷺ उसकी चमकदार पॉलिश का काम करती है?

هذه عِلَّتي وأنت طبيبي
ليسَ يَخفَى عليك في القلبِ داءُ

यह मेरी बीमारी है, और आप ﷺ मेरे चिकित्सक हैं, क्योंकि हृदय की कोई भी बीमारी आपके ज्ञान से छिपी नहीं रहती।

ومِنَ الفَوْزِ أنْ أبُثَّكَ شكوَى
هِيَ شكوَى إليكَ وهْيَ اقْتضاءُ

यह वास्तव में एक विजय है कि मैं अपनी शिकायत आप ﷺ के सामने रख सकता हूँ, एक शिकायत जो आप पर निर्देशित है और एक वैध दावा भी है।

ضُمِّنتها مَدَائح مُستطابٌ
فيك منها المَديحُ والإصغاءُ

मैंने इसमें प्रशंसाएँ समाहित की हैं, जिनसे स्तुति और ध्यानपूर्वक सुनना दोनों ही आनंददायक लगते हैं जब वे आप ﷺ की ओर निर्देशित होते हैं।

قلما حاوَلتْ مَدِيحكَ إِلّا
سَاعَدَتْهَا مِيمٌ ودالٌ وحَاءُ

मैंने शायद ही कभी आपकी ﷺ प्रशंसा रचने का प्रयास किया हो, जब मीम, दाल और हा अक्षरों ने मेरे प्रयास में आसानी से सहायता न की हो।

حقَّ لِي فيكَ أنْ أُسَاحِلَ قوْماً
سَلَّمَتْ منهم لَدَلْوِي الدِّلاءُ

आप ﷺ के संबंध में यह मेरा वैध दावा है कि मैं उन कवियों से मुकाबला करूँ जिनकी बाल्टियाँ काव्य कौशल में मेरी बाल्टी के आगे झुक गई हैं।

إنَّ لِي غيرةً وقد زَاحَمَتْني
في معاني مَديحِكَ الشُّعراءُ

वास्तव में, मुझमें एक तीव्र ईर्ष्या है, क्योंकि अन्य कवियों ने आपकी ﷺ प्रशंसा के गहरे अर्थों को पकड़ने में मुझसे प्रतिस्पर्धा की है।

ولقلبي فيك الغُلوُّ وأنَّى
لِلِساني في مَدْحِكَ الغُلواءُ

मेरा हृदय आपके लिए ﷺ अत्यधिक प्रेम रखता है, फिर भी मेरी ज़बान आपकी प्रशंसा व्यक्त करने में ऐसी चरम सीमा तक कैसे पहुँच सकती है?

فأَثِبْ خاطِراً يَلَذُّ له مَدْ
حُك عِلْماً بأَنه اللَّأْلاءُ

इसलिए, एक ऐसे मन को पुरस्कृत करें जो आपकी प्रशंसा ﷺ में आनंद पाता है, यह अच्छी तरह जानते हुए कि ऐसी प्रशंसा शुद्ध प्रतिभा है।

حاكَ مِنْ صَنْعَةِ القَرِيض بُرُوداً
لَكَ لم تحْكِ وشْيَها صَنْعَاءُ

इसने कविता की कला से आपके लिए ﷺ शानदार वस्त्र बुने हैं, जिसकी जटिल कढ़ाई को सना के कुशल कारीगर भी दोहरा नहीं सकते थे।

أعجزَ الدُّرَّ نَظمُهُ فاستوتْ في
هِ اليَدَانِ الصَّناعُ والخَرْقَاءُ

इसकी रचना ने मोतियों को भी अपर्याप्त बना दिया है, जिससे कुशल और अनाड़ी दोनों हाथ इसकी रचना में समान हो गए हैं।

فَارْضَهُ أفْصَحَ امرئٍ نطقَ الضَّا
دَ فقامتْ تَغَارُ منها الظاءُ

तो इसे स्वीकार करें, हे पुरुषों में सबसे वाक्पटु ﷺ, जिन्होंने दाद अक्षर का इतनी पूर्णता से उच्चारण किया कि ज़ा अक्षर उससे ईर्ष्या में उठ खड़ा हुआ।

أبِذِكْرِ الآياتِ أُوفِيكَ مَدْحَاً
أيْنَ مِنى وأَيْنَ منها الوفَاءُ

क्या मैं वास्तव में आपकी प्रशंसा ﷺ पूरी कर सकता हूँ केवल दिव्य आयतों का उल्लेख करके, जब मेरी अपनी क्षमता इतनी सीमित है और उनसे सच्ची पूर्ति कहाँ है?

أمْ أُمَارِي بهِنَّ قَوْمَ نَبِيٍّ
ساءَ ما ظَنَّهُ بِيَ الأغبياءُ

या क्या मुझे इन आयतों के साथ एक पैगंबर ﷺ के लोगों के खिलाफ़ मुकाबला करना चाहिए, अज्ञानियों ने वास्तव में मुझे कितना बुरा आंका है!

ولَكَ الأُمَّةُ التي غَبَطَتْهَا
بكَ لَمَّا أتيْتَها الأنبياءُ

और आपको वह उम्मत (समुदाय) प्राप्त है जिससे पैगंबरों ने भी ईर्ष्या की, जब आप उनके पास आए।

لَمْ نَخَفْ بَعْدَكَ الضَّلالَ وفينا
وَارِثُوا نُورِ هَدْيِكَ العُلَماءُ

आपके बाद हमें गुमराही का कोई डर नहीं, क्योंकि हमारे बीच आपके मार्गदर्शन के नूर (प्रकाश) के वारिस (उत्तराधिकारी) उलमा (विद्वान) मौजूद हैं।

فانْقَضَتْ آيُ الَانبياءُ وَآيا
تُكَ في الناس ما لَهُنَّ انْقضاءُ

क्योंकि पैगंबरों के निशान (चिह्न) समाप्त हो गए, लेकिन लोगों के बीच आपके निशान ऐसे हैं जिनका कोई अंत नहीं।

والكراماتَ منهمُ مُعجزاتٌ
حازَهَا مِنْ نَوَالِكَ الأولياءُ

और उनसे प्रकट होने वाली करामात (चमत्कार) ऐसे अजूबे हैं जो औलिया (संतों) ने आपकी उदारता से प्राप्त किए।

إنَّ مِنْ مُعجزاتِكَ العَجزَ عَنْ وص
فِكَ إذْ لا يَحُدُّهُ الإحصاءُ

निःसंदेह, आपके चमत्कारों में से एक यह भी है कि आपका वर्णन करने में असमर्थता है, क्योंकि कोई भी गणना आपके सार को समाहित नहीं कर सकती।

كيفَ يَسْتَوعِبُ الكلامُ سَجَايا
كَ وَهَلْ تَنْزِحُ البحار الرِّكَاءُ

कैसे केवल शब्द आपके महान गुणों को समाहित कर सकते हैं, और क्या उथले समुद्रों को कभी सुखाया जा सकता है?

ليسَ مِنْ غايَةٍ لِوَصْفِكَ أَبغي
ها وللْقَوْلِ غايَةٌ وانتهاءُ

मैं आपके वर्णन की कोई सीमा नहीं चाहता, हालांकि वाणी की अपनी एक सीमा और अंत होता है।

إنما فضلُكَ الزَّمَانُ وآيا
تُكَ فيما نَعُدُّهُ الآناءُ

वास्तव में, आपकी श्रेष्ठता स्वयं समय है, और आपके निशान वे क्षण हैं जिनकी हम गणना करते हैं।

لَمْ أُطِلْ في تَعْدادِ مَدْحِكَ نُطْقي
ومُرادِي بذلك استقصاءُ

मैंने आपकी प्रशंसा की गणना में अपनी बात को लंबा नहीं किया है, हालांकि मेरा इरादा पूरी तरह से वर्णन करने का है।

غير إنيَ ظمآنُ وَجْدٍ ومَا لي
بِقَليلٍ مِنَ الورودِ ارْتِواءُ

फिर भी मैं तीव्र प्रेम से प्यासा हूँ, और कोई छोटा घूँट मेरी प्यास नहीं बुझा सकता।

فسلامٌ عليك تَتْرَى مِنَ الل
هِ وَتَبْقَى به لَكَ البَأواءُ

तो आप पर अल्लाह की ओर से निरंतर शांति हो ﷺ, और इसके द्वारा आपकी महिमा बनी रहे।

وسلامٌ عليك منكَ فما غَي
رُك منه لكَ السلام كِفاءُ

और आप पर आपकी ओर से शांति हो ﷺ, क्योंकि आपके सिवा कोई और उस शांति के लिए उपयुक्त नहीं है।

وَسَلامٌ مِنْ كلِّ ما خَلَقَ الل
هُ لِتحْيا بِذِكْرِكَ الأملاءُ

और अल्लाह की बनाई हर चीज़ से शांति हो, ताकि पीढ़ियाँ आपके स्मरण से जीवित रहें।

وَصلاةٌ كالمِسْكِ تَحْمِله مِن
ني شمَالٌ إليكَ أَو نكْباءُ

और एक प्रार्थना जो कस्तूरी जैसी हो, जिसे उत्तरी हवा या विपरीत हवा मेरे पास से आप तक पहुँचाए ﷺ।

وَسَلامٌ عَلَى ضَرِيحِكَ تخْضَل
لُ به منه تُرْبَةٌ وَعْساءُ

और आपकी कब्र पर शांति हो ﷺ, जिससे उसकी नरम, रेतीली मिट्टी नम हो जाए।

وَثَنَاءٌ قَدَّمْتَ بينَ يَدَيْ نَجْ
وَايَ إذْ لم يكن لَديَّ ثَراءُ

और वह प्रशंसा जो मैंने अपनी प्रार्थना से पहले अर्पित की, क्योंकि मेरे पास कोई धन नहीं था।

ما أَقَامَ الصلاةَ مَنْ عَبَدَ الل
هِ وقامتْ بِربِّهَا الأشياءُ

जिसने अल्लाह की इबादत की, उसने नमाज़ को कितनी पूर्णता से स्थापित किया, जबकि सभी चीज़ें अपने रब के सहारे खड़ी थीं!