نَهْجُ البُرْدَة
ريمٌ على القاعِ بين البانِ والعَلَمِ — أمير الشعراء أحمد شوقي (ت 1351هـ / 1932م)
عارض بها أمير الشعراء أحمد شوقي بردةَ البوصيري على وزنها ورويّها، فجاءت من أبدع ما قيل في المديح النبوي في العصر الحديث، وقد أُنشدت وتُغنّيت في المشارق والمغارب.
नहज अल-बुरदा — अमीर अल-शु'अरा अहमद शौक़ी
कवियों के राजकुमार, अहमद शौक़ी ने अल-बूसीरी की 'बुरदा' की नकल में इस कविता की रचना की, उसके छंद और तुकबंदी योजना का सावधानीपूर्वक पालन किया। यह आधुनिक युग में नबवी प्रशंसा के सबसे उत्कृष्ट कार्यों में से एक है, जिसे पूरब और पश्चिम दोनों में व्यापक रूप से पढ़ा और गाया गया है।
ريمٌ عَلى القاعِ بَينَ البانِوَالعَلَمِ
أَحَلَّ سَفكَ دَمي في الأَشهُرِ الحُرُمِमैदान में, बान के पेड़ों और पहाड़ के बीच एक हिरणी ने, पवित्र महीनों में भी मेरे रक्तपात को वैध ठहराया है।
رَمى القَضاءُ بِعَينَي جُؤذَرٍ أَسَداً
يا ساكِنَ القاعِ أَدرِك ساكِنَ الأَجَمِभाग्य ने एक हिरण के बच्चे की आँखों से एक शेर को मार गिराया; हे मैदान के निवासी, प्रेम के घने जंगल में रहने वाले की सहायता के लिए शीघ्र आओ।
لَمّا رَنا حَدَّثَتني النَفسُ قائِلَةً
يا وَيحَ جَنبِكَ بِالسَهمِ المُصيبِ رُميजब उसने अपनी नज़र डाली, तो मेरी आत्मा ने मुझसे फुसफुसाते हुए कहा, "तुम्हारे पहलू पर अमोघ तीर से वार हुआ है, हाय!"
جَحَدتُها وَكَتَمتُ السَهمَ في كَبِدي
جُرحُ الأَحِبَّةِ عِندي غَيرُ ذي أَلَمِमैंने उसकी सच्चाई से इनकार किया और तीर को अपने जिगर में गहरा छिपा लिया, क्योंकि प्रियजनों द्वारा दिए गए घाव मेरे लिए पीड़ा रहित होते हैं।
رُزِقتَ أَسمَحَ ما في الناسِ مِن خُلُقٍ
إِذا رُزِقتَ اِلتِماسَ العُذرِ في الشِيَمِआपको ﷺ मनुष्यों में सबसे उदार स्वभाव से नवाज़ा गया था, विशेषकर जब आपको दूसरों के स्वभाव के लिए बहाने खोजने की कृपा प्रदान की गई थी।
يا لائِمي في هَواهُ وَالهَوى قَدَرٌ
لَو شَفَّكَ الوَجدُ لَم تَعذِل وَلَم تَلُمِहे मेरे प्रेम के लिए मुझे दोष देने वाले, यद्यपि प्रेम नियति है, यदि जुनून ने तुम्हें भी घेर लिया होता, तो तुम न तो डांटते और न ही निंदा करते।
لَقَد أَنَلتُكَ أُذناً غَيرَ واعِيَةٍ
وَرُبَّ مُنتَصِتٍ وَالقَلبُ في صَمَمِवास्तव में, मैंने तुम्हें एक ऐसा कान दिया है जो वास्तव में समझता नहीं, क्योंकि अक्सर कोई ध्यान से सुनता है जबकि हृदय बहरा रहता है।
يا ناعِسَالطَرفِ لا ذُقتَ الهَوى أَبَداً
أَسهَرتَ مُضناكَ في حِفظِ الهَوى فَنَمِहे ऊँघती आँखों वाले, तुम्हें कभी प्रेम का स्वाद न मिले, क्योंकि तुमने अपने पीड़ित प्रेमी को इस प्रेम की रक्षा में जगाए रखा है, तो अब तुम सो जाओ।
أَفديكَ إِلفاً وَلا آلو الخَيالَ فِدىً
أَغراكَ باِلبُخلِ مَن أَغراهُ بِالكَرَمِमैं तुम्हारे लिए, प्रिय, स्वयं को बलिदान कर दूँगा और तुम्हारी मात्र छवि के लिए भी कोई प्रयास नहीं छोड़ूँगा; तुम्हें ऐसी कंजूसी के लिए किसने बहकाया, जबकि वह स्वयं उदारता से बहकाया गया था?
سَرى فَصادَفَ جُرحاً دامِياً فَأَسا
وَرُبَّ فَضلٍ عَلى العُشّاقِ لِلحُلُمِवह आगे बढ़ा और एक बहते हुए घाव से मिला, जिसे उसने फिर ठीक कर दिया, और वास्तव में, प्रेमियों पर धैर्य के माध्यम से अक्सर एक बड़ा उपकार होता है।
مَنِ المَوائِسُ باناً بِالرُبىوَقَناً
اللاعِباتُ بِروحي السافِحاتُ دَميये कौन सी स्त्रियाँ हैं, जो पहाड़ियों पर बान के पेड़ों और पतले भालों की तरह झूमती हैं, जो मेरी आत्मा से खेलती हैं और मेरा रक्त बहाती हैं?
السافِراتُ كَأَمثالِ البُدورِ ضُحىً
يُغِرنَ شَمسَ الضُحى بِالحَليِ وَالعِصَمِवे अनावृत हैं, दोपहर के पूर्ण चंद्रमाओं की तरह, जिनके आभूषण और कंगन दोपहर के सूरज को भी ईर्ष्या से भर देते हैं।
القاتِلاتُ بِأَجفانٍ بِها سَقَمٌ
وَلِلمَنِيَّةِ أَسبابٌ مِنَ السَقَمِवे अपनी पलकों से हत्या करने वाली हैं, जिनमें एक मंद बीमारी है, क्योंकि वास्तव में, मृत्यु अक्सर अपनी वजहें बीमारी में पाती है।
العاثِراتُ بِأَلبابِ الرِجالِ وَما
أُقِلنَ مِن عَثَراتِ الدَلِّ في الرَسَمِवे ऐसी हैं जो पुरुषों के मन को ठोकर खिलाती हैं, फिर भी वे अपने आकर्षक नखरे की ठोकरों को उनके मूल स्वभाव में कभी कम नहीं करतीं।
المُضرِماتُ خُدوداً أَسفَرَت وَجَلَت
عَن فِتنَةٍ تُسلِمُ الأَكبادَ لِلضَرَمِवे प्रज्वलित करने वाली हैं, जिनके गाल अनावृत और दीप्तिमान हैं, एक ऐसा प्रलोभन प्रकट करती हैं जो दिलों को जलते हुए जुनून के हवाले कर देता है।
الحامِلاتُ لِواءَ الحُسنِ مُختَلِفاً
أَشكالُهُ وَهوَ فَردٌ غَيرُ مُنقَسِمِवे सौंदर्य के ध्वजवाहक हैं, जिनके रूप विविध हैं, फिर भी सौंदर्य स्वयं अद्वितीय और अविभाजित रहता है।
مِن كُلِّ بَيضاءَ أَو سَمراءَ زُيِّنَتا
لِلعَينِ وَالحُسنُ في الآرامِ كَالعُصُمِप्रत्येक गोरी या साँवली स्त्री से, आँखों के लिए सजी हुई, उनकी सुंदरता, हिरणियों की तरह, ताबीज़ों जितनी ही मनमोहक है।
يُرَعنَ لِلبَصَرِ السامي وَمِن عَجَبٍ
إِذا أَشَرنَ أَسَرنَ اللَيثَ بِالغَنَمِवे उच्चतम दृष्टि को भी चौंका देती हैं, और यह आश्चर्यजनक है कि कैसे, एक मात्र इशारे से, वे भेड़ के साथ शेर को भी बंदी बना सकती हैं।
وَضَعتُ خَدّي وَقَسَّمتُ الفُؤادَ رُبيً
يَرتَعنَ في كُنُسٍ مِنهُ وَفي أَكَمِमैंने अपना गाल बिछा दिया है और अपने हृदय को पहाड़ियों में बाँट दिया है, जहाँ वे उसके गुफाओं और टीलों पर स्वतंत्र रूप से चर सकें।
يا بِنتَ ذي اللَبَدِ المُحَمّى جانِبُهُ
أَلقاكِ في الغابِ أَم أَلقاكِ في الأُطُمِहे सुरक्षित अयाल वाले की बेटी, क्या मैं तुम्हें जंगल में पाऊँगा या किले के भीतर?
ما كُنتُ أَعلَمُ حَتّى عَنَّ مَسكَنُهُ
أَنَّ المُنى وَالمَنايا مَضرِبُ الخِيَمِमुझे तब तक एहसास नहीं हुआ, जब तक उसका निवास प्रकट नहीं हुआ, कि आकांक्षाएँ और नियतियाँ दोनों एक ही स्थान पर अपने तम्बू गाड़ती हैं।
مَن أَنبَتَ الغُصنَ مِن صَمصامَةٍ ذَكَرٍ
وَأَخرَجَ الريمَ مِن ضِرغامَةٍ قَرِمِकिसने एक शक्तिशाली, तीखी तलवार से कोमल शाखा को अंकुरित किया, और एक भूखे, भयंकर शेर से सुंदर हिरणी को बाहर निकाला?
بَيني وَبَينُكِ مِن سُمرِ القَنا حُجُبٌ
وَمِثلُها عِفَّةٌ عُذرِيَّةُ العِصَمِमेरे और तुम्हारे बीच गहरे भालों की बाधाएँ खड़ी हैं, साथ ही पवित्र, कुंवारी शुद्धता के समान दुर्जेय परदे भी हैं।
لَم أَغشَ مَغناكِ إِلّا في غُضونِ كِرىً
مَغناكَ أَبعَدُ لِلمُشتاقِ مِن إِرَمِमैंने तुम्हारे निवास का दौरा कभी नहीं किया सिवाय नींद की परतों के भीतर, क्योंकि तुम्हारी बस्ती तरसती आत्मा के लिए पौराणिक शहर इरम से भी अधिक दूर है।
يا نَفسُ دُنياكِ تُخفى كُلَّ مُبكِيَةٍ
وَإِن بَدا لَكِ مِنها حُسنُ مُبتَسَمِहे मेरी आत्मा, तुम्हारा सांसारिक जीवन हर रोने के कारण को छिपाता है, भले ही उसमें से तुम्हें एक सुंदर मुस्कान दिखाई दे।
فُضّي بِتَقواكِ فاهاً كُلَّما ضَحِكَت
كَما يَفُضُّ أَذى الرَقشاءِبِالثَرَمِअपनी धर्मनिष्ठा से, जब भी वह मुस्कुराए, उसके मुँह को तोड़ दो, जैसे कोई चितकबरे साँप के विषैले दाँतों को तोड़ता है।
مَخطوبَةٌ مُنذُ كانَ الناسُ خاطِبَةٌ
مِن أَوَّلِ الدَهرِ لَم تُرمِل وَلَم تَئَمِजब से मनुष्य पहली बार प्रस्तावक बने, तब से उसे विवाह के लिए माँगा गया है, और समय के भोर से, वह न तो विधवा हुई है और न ही अनाथ।
يَفنى الزَمانُ وَيَبقى مِن إِساءَتِها
جُرحٌ بِآدَمَ يَبكي مِنهُ في الأَدَمِसमय बीत जाएगा, फिर भी उसकी दुर्भावना से आदम में एक घाव रहेगा, जिससे वह अपने ही शरीर के भीतर रोता है।
لا تَحفَلي بِجَناها أَو جِنايَتِها
المَوتُ بِالزَهرِ مِثلُ المَوتِ بِالفَحَمِउसके फलों या उसके अपराधों की परवाह मत करो, क्योंकि फूलों के बीच मृत्यु कोयले के बीच मृत्यु से भिन्न नहीं है।
كَم نائِمٍ لا يَراها وَهيَ ساهِرَةٌ
لَولا الأَمانِيُّ وَالأَحلامُ لَم يَنَمِकितने ही सोने वाले उसे (दुनिया की) सतर्कता को नहीं देख पाते, क्योंकि यदि आशाएँ और सपने न होते, तो वह कभी आराम नहीं पाता।
طَوراً تَمُدُّكَ في نُعمى وَعافِيَةٍ
وَتارَةً في قَرارِ البُؤسِ وَالوَصَمِएक पल वह तुम्हें आराम और कल्याण प्रदान करती है, और दूसरे पल वह तुम्हें दुख और अपमान के गर्त में धकेल देती है।
كَم ضَلَّلَتكَ وَمَن تُحجَب بَصيرَتُهُ
إِن يَلقَ صابا يَرِد أَو عَلقَماً يَسُمُउसने तुम्हें कितनी बार गुमराह किया है, क्योंकि जिसकी अंतर्दृष्टि ढकी हुई है, वह यदि कड़वा एलोवेरा पाएगा तो उसे पी लेगा, या कड़वी तुरई से खुद को ज़हर दे देगा।
يا وَيلَتاهُ لِنَفسي راعَها وَدَها
مُسوَدَّةُ الصُحفِ في مُبيَضَّةِ اللَمَمِओह, मेरी आत्मा पर धिक्कार है, जो बुढ़ापे के सफेद बालों के बीच कर्मों के काले पन्नों से भयभीत और अभिभूत है।
رَكَضتُها في مَريعِ المَعصِياتِ وَما
أَخَذتُ مِن حِميَةِ الطاعاتِ لِلتُخَمِमैंने इसे अवज्ञा के उपजाऊ चरागाहों में स्वतंत्र रूप से दौड़ने दिया, और इसकी लोलुपता के खिलाफ अच्छे कर्मों के संयम से कोई निवारक उपाय नहीं किया।
هامَت عَلى أَثَرِ اللَذّاتِ تَطلُبُها
وَالنَفسُ إِن يَدعُها داعي الصِبا تَهِمِयह सुखों की तलाश में भटकता रहा, क्योंकि आत्मा, जब युवावस्था की पुकार से बुलाई जाती है, तो इच्छा में सिर के बल दौड़ पड़ती है।
صَلاحُ أَمرِكَ لِلأَخلاقِ مَرجِعُهُ
فَقَوِّمِ النَفسَ بِالأَخلاقِ تَستَقِمِतुम्हारे मामलों की सत्यनिष्ठा अच्छे नैतिकता में निहित है, इसलिए अपनी आत्मा को सद्गुणों से अनुशासित करो, और वह सीधी हो जाएगी।
وَالنَفسُ مِن خَيرِها في خَيرِ عافِيَةٍ
وَالنَفسُ مِن شَرِّها في مَرتَعٍوَخِمِआत्मा, अपनी अच्छाई से, सर्वोत्तम कल्याण में निवास करती है, जबकि अपनी बुराई से, वह एक हानिकारक चरागाह में रहती है।
تَطغى إِذا مُكِّنَت مِن لَذَّةٍ وَهَوىً
طَغيَ الجِيادِ إِذا عَضَّت عَلى الشُكُمِयह तब अतिचार करती है जब इसे सुख और इच्छा की खुली छूट दी जाती है, ठीक वैसे ही जैसे उत्साही घोड़े अपनी लगाम को काटते हैं और अनियंत्रित हो जाते हैं।
إِن جَلَّ ذَنبي عَنِ الغُفرانِ لي أَمَلٌ
في اللَهِ يَجعَلُني في خَيرِ مُعتَصِمِभले ही मेरा पाप क्षमा के लिए बहुत बड़ा हो, मुझे अल्लाह में आशा है, जो मुझे सर्वोत्तम आश्रय में रखेगा।
أَلقى رَجائي إِذا عَزَّ المُجيرُ عَلى
مُفَرِّجِ الكَرَبِ في الدارَينِ وَالغَمَمِमैं अपनी आशा, जब सहायक कम हों, दोनों लोकों में संकट और दुखों को दूर करने वाले पर डालता हूँ।
إِذا خَفَضتُ جَناحَ الذُلِّ أَسأَلُهُ
عِزَّ الشَفاعَةِ لَم أَسأَل سِوى أُمَمِजब मैं उनसे ﷺ शत की महिमा मांगने के लिए विनम्रतापूर्वक झुकता हूँ, तो मैं राष्ट्रों के उद्धार से कम कुछ नहीं मांगता।
وَإِن تَقَدَّمَ ذو تَقوى بِصالِحَةٍ
قَدَّمتُ بَينَ يَدَيهِ عَبرَةَ النَدَمِऔर यदि कोई धर्मनिष्ठ आत्मा कोई नेक कार्य प्रस्तुत करती है, तो मैं उनके ﷺ समक्ष केवल पश्चाताप के आँसू ही अर्पित करूँगा।
لَزِمتُ بابَ أَميرِ الأَنبِياءِ وَمَن
يُمسِك بِمِفتاحِ بابِ اللَهِ يَغتَنِمِमैं पैगंबरों के राजकुमार ﷺ के द्वार से चिपका रहा हूँ, क्योंकि जो कोई भी ईश्वर के द्वार की कुंजी रखता है, वह निश्चित रूप से महान लाभ प्राप्त करेगा।
فَكُلُّ فَضلٍ وَإِحسانٍ وَعارِفَةٍ
ما بَينَ مُستَلِمٍ مِنهُ وَمُلتَزِمِक्योंकि हर कृपा, दया और अनुग्रह उन लोगों के बीच प्रवाहित होता है जो उनसे ﷺ प्राप्त करते हैं और जो उनसे जुड़े रहते हैं।
عَلَّقتُ مِن مَدحِهِ حَبلاً أُعَزُّ بِهِ
في يَومِ لا عِزَّ بِالأَنسابِ وَاللُحَمِमैंने उनकी ﷺ प्रशंसा से एक रस्सी पकड़ी है, जिसके द्वारा मुझे उस दिन सम्मानित किया जाएगा जब न तो वंश और न ही रिश्तेदारी कोई महिमा प्रदान करेगी।
يُزري قَريضي زُهَيراً حينَ أَمدَحُهُ
وَلا يُقاسُ إِلى جودي لَدى هَرِمِजब मैं उनकी ﷺ प्रशंसा करता हूँ, तो मेरी कविता ज़ुहैर की कविता को कम कर देती है, और मेरे इनाम को हरिम से उनकी उदारता के मुकाबले मापा नहीं जा सकता।
مُحَمَّدٌ صَفوَةُ الباري وَرَحمَتُهُ
وَبُغيَةُ اللَهِ مِن خَلقٍ وَمِن نَسَمِमुहम्मद ﷺ सृष्टिकर्ता के चुने हुए और उनकी दया हैं, समस्त सृष्टि और हर आत्मा से ईश्वर की सच्ची इच्छा हैं।
وَصاحِبُ الحَوضِ يَومَ الرُسلِ سائِلَةٌ
مَتى الوُرودُ وَجِبريلُ الأَمينُ ظَميवे ﷺ उस दिन हौज़ (कौसर) के स्वामी हैं जब स्वयं पैगंबर भी पूछेंगे, "आगमन कब है?" और विश्वसनीय जिब्रील भी प्यासे होंगे।
سَناؤُهُ وَسَناهُ الشَمسُ طالِعَةً
فَالجِرمُ في فَلَكٍ وَالضَوءُ في عَلَمِउनकी ﷺ महिमा और प्रकाश उगते सूरज के समान हैं, क्योंकि जबकि सूर्य का पिंड अपनी कक्षा में है, उनका प्रकाश एक ऊँचाई पर लहराता ध्वज है।
قَد أَخطَأَ النَجمَ ما نالَت أُبُوَّتُهُ
مِن سُؤدُدٍ باذِخٍ في مَظهَرٍ سَنِمِतारे भी उस उच्च महिमा और उदात्त अभिव्यक्ति तक पहुँचने में विफल रहे जो उनके ﷺ वंश ने प्राप्त की।
نُموا إِلَيهِ فَزادوا في الوَرى شَرَفاً
وَرُبَّ أَصلٍ لِفَرعٍ في الفَخارِ نُميउनके पूर्वज उनकी ﷺ ओर बढ़े, जिससे मानवता के बीच उनका सम्मान बढ़ा, क्योंकि अक्सर एक मूल अपनी शाखा से अपनी महिमा प्राप्त करता है।
حَواهُ في سُبُحاتِ الطُهرِ قَبلَهُمُ
نورانِ قاما مَقامَ الصُلبِ وَالرَحِمِउनसे पहले, दो प्रकाशों ने उन्हें ﷺ पवित्रता के क्षेत्रों में समाहित किया, जो कमर और गर्भ के स्थान पर खड़े थे।
لَمّا رَآهُ بَحيرا قالَ نَعرِفُهُ
بِما حَفِظنا مِنَ الأَسماءِ وَالسِيَمِजब भिक्षु बहिरा ने उन्हें ﷺ देखा, तो उन्होंने घोषणा की, "हम उन्हें उन नामों और विशेषताओं से पहचानते हैं जिन्हें हमने संरक्षित रखा है।"
سائِل حِراءَ وَروحَ القُدسِ هَل عَلِما
مَصونَ سِرٍّ عَنِ الإِدراكِ مُنكَتِمِहीरा और पवित्र आत्मा (जिब्रील) से पूछो कि क्या उन्होंने उस संरक्षित रहस्य को समझा, जो सभी समझ से छिपा हुआ था, और वहाँ प्रकट हुआ था।
كَم جيئَةٍ وَذَهابٍ شُرِّفَت بِهِما
بَطحاءُ مَكَّةَ في الإِصباحِ وَالغَسَمِउनकी ﷺ उपस्थिति से मक्का की घाटी को सुबह और शाम, कितनी बार आने-जाने से सम्मानित किया गया।
وَوَحشَةٍ لِاِبنِ عَبدِ اللَهِ بينَهُما
أَشهى مِنَ الأُنسِ بِالأَحسابِ وَالحَشَمِऔर उन समयों के बीच अब्दुल्ला के पुत्र ﷺ का एकांत, कुलीन वंशों और अनुचरों की संगति से अधिक प्रिय था।
يُسامِرُ الوَحيَ فيها قَبلَ مَهبِطِهِ
وَمَن يُبَشِّر بِسيمى الخَيرِ يَتَّسِمِवे ﷺ वहाँ पूर्ण अवतरण से पहले रहस्योद्घाटन के साथ संवाद करते थे, क्योंकि जिसे अच्छाई के संकेतों द्वारा सूचित किया जाता है, वह वास्तव में उससे चिह्नित होता है।
لَمّا دَعا الصَحبُ يَستَسقونَ مِن ظَمَإٍ
فاضَت يَداهُ مِنَ التَسنيمِ بِالسَنَمِजब उनके साथियों ﷺ ने अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी मांगा, तो उनके हाथ सबसे शुद्ध झरने (तस्नीम) से भर गए, जिससे प्रचुर धाराएँ निकलीं।
وَظَلَّلَتهُ فَصارَت تَستَظِلُّ بِهِ
غَمامَةٌ جَذَبَتها خيرَةُ الدِيَمِएक बादल ने उन्हें ﷺ छाया दी, फिर स्वयं उनसे छाया मांगी, एक बादल जो निरंतर वर्षा की सर्वोत्तम बूंदों से आकर्षित हुआ था।
مَحَبَّةٌ لِرَسولِ اللَهِ أُشرِبَها
قَعائِدُ الدَيرِ وَالرُهبانُ في القِمَمِईश्वर के पैगंबर ﷺ के प्रति प्रेम मठों के एकांतवासियों और पहाड़ों की चोटियों पर रहने वाले भिक्षुओं में भी भर गया था।
إِنَّ الشَمائِلَ إِن رَقَّت يَكادُ بِها
يُغرى الجَمادُ وَيُغرى كُلُّ ذي نَسَمِवास्तव में, जब चरित्र के गुण परिष्कृत होते हैं, तो निर्जीव वस्तुएँ भी उनसे लगभग मोहित हो जाती हैं, और हर जीवित प्राणी मंत्रमुग्ध हो जाता है।
وَنودِيَ اِقرَأ تَعالى اللَهُ قائِلُها
لَم تَتَّصِل قَبلَ مَن قيلَت لَهُ بِفَمِऔर यह घोषित किया गया, "पढ़ो!" ईश्वर महान हैं, उसके वक्ता, क्योंकि यह पहले कभी किसी मुख से उस व्यक्ति को नहीं कहा गया था जिसे यह संबोधित किया गया था।
هُناكَ أَذَّنَ لِلرَحَمَنِ فَاِمتَلَأَت
أَسماعُ مَكَّةَ مِن قُدسِيَّةِ النَغَمِवहाँ, उन्होंने अत्यंत दयालु के लिए प्रार्थना का आह्वान किया, और मक्का के कान उस पवित्र धुन की पवित्रता से भर गए।
فَلا تَسَل عَن قُرَيشٍ كَيفَ حَيرَتُها
وَكَيفَ نُفرَتُها في السَهلِ وَالعَلَمِतो कुरैश के बारे में मत पूछो, उनकी हैरानी कितनी बड़ी थी, और मैदानों और पहाड़ों में उनकी घृणा कितनी व्यापक थी।
تَساءَلوا عَن عَظيمٍ قَد أَلَمَّ بِهِم
رَمى المَشايِخَ وَالوِلدانِ بِاللَمَمِउन्होंने एक महान मामले के बारे में सवाल किया जो उन पर आ पड़ा था, जिसने बड़ों और बच्चों दोनों को पागलपन के स्पर्श से मारा था।
يا جاهِلينَ عَلى الهادي وَدَعوَتِهِ
هَل تَجهَلونَ مَكانَ الصادِقِ العَلَمِहे तुम जो मार्गदर्शक और उनके आह्वान से अनभिज्ञ हो, क्या तुम वास्तव में सच्चे, प्रतिष्ठित व्यक्ति के कद को अनदेखा करते हो?
لَقَّبتُموهُ أَمينَ القَومِ في صِغَرٍ
وَما الأَمينُ عَلى قَولٍ بِمُتَّهَمِतुमने स्वयं उन्हें अपनी युवावस्था में लोगों के बीच "विश्वसनीय" की उपाधि दी थी, और विश्वसनीय व्यक्ति पर कभी झूठ का आरोप नहीं लगाया जाता।
فاقَ البُدورَ وَفاقَ الأَنبِياءَ فَكَم
بِالخُلقِ وَالخَلقِ مِن حُسنٍ وَمِن عِظَمِउन्होंने पूर्ण चंद्रमाओं को पार कर लिया और पैगंबरों को भी पार कर लिया, चरित्र और रचना दोनों में उनकी सुंदरता और महानता कितनी प्रचुर थी!
جاءَ النبِيّونَ بِالآياتِ فَاِنصَرَمَت
وَجِئتَنا بِحَكيمٍ غَيرِ مُنصَرِمِपैगंबर ऐसे संकेतों के साथ आए जो अंततः समाप्त हो गए, लेकिन आप ﷺ हमारे पास एक ऐसी बुद्धिमान पुस्तक के साथ आए जो कभी समाप्त नहीं होती।
آياتُهُ كُلَّما طالَ المَدى جُدُدٌ
يَزينُهُنَّ جَلالُ العِتقِ وَالقِدَمِइसके छंद, जितना अधिक समय बीतता है, उतने ही नए होते जाते हैं, अपनी प्राचीनता और कालातीतता की महिमा से सुशोभित होते हैं।
يَكادُ في لَفظَةٍ مِنهُ مُشَرَّفَةٍ
يوصيكَ بِالحَقِّ وَالتَقوى وَبِالرَحِمِउनके ﷺ हर सम्मानित शब्द में लगभग, वे आपको सच्चाई, धर्मपरायणता और रिश्तेदारी का उपदेश देते हैं।
يا أَفصَحَ الناطِقينَ الضادَ قاطِبَةً
حَديثُكَ الشَهدُ عِندَ الذائِقِ الفَهِمِहे अरबी भाषा बोलने वालों में सबसे वाक्पटु, आपकी वाणी समझदार पारखी के लिए शहद के समान है।
حَلَّيتَ مِن عَطَلٍ جيدَ البَيانِ بِهِ
في كُلِّ مُنتَثِرٍ في حُسنِ مُنتَظِمِआपने वाक्पटुता के गले को सुशोभित किया, जो कभी नग्न था, इससे, हर बिखरे हुए विचार को खूबसूरती से व्यवस्थित किया।
بِكُلِّ قَولٍ كَريمٍ أَنتَ قائِلُهُ
تُحيِ القُلوبَ وَتُحيِ مَيِّتَ الهِمَمِआपके ﷺ हर नेक शब्द से, आप दिलों को पुनर्जीवित करते हैं और मृत आकांक्षाओं को फिर से जीवन देते हैं।
سَرَت بَشائِرُ باِلهادي وَمَولِدِهِ
في الشَرقِ وَالغَربِ مَسرى النورِ في الظُلَمِमार्गदर्शक और उनके जन्म की शुभ सूचनाएँ पूरब और पश्चिम में फैल गईं, जैसे प्रकाश अंधेरे में यात्रा करता है।
تَخَطَّفَت مُهَجَ الطاغينَ مِن عَرَبٍ
وَطَيَّرَت أَنفُسَ الباغينَ مِن عُجُمِइसने अरब के अत्याचारियों की आत्माओं को छीन लिया और विदेशी उत्पीड़कों की आत्माओं को बिखेर दिया।
ريعَت لَها شَرَفُ الإيوانِ فَاِنصَدَعَت
مِن صَدمَةِ الحَقِّ لا مِن صَدمَةِ القُدُمِऐवान (फ़ारसी महल) की महिमा इससे चौंक गई और टूट गई, सत्य के आघात से, न कि पैरों के आघात से।
أَتَيتَ وَالناسُ فَوضى لا تَمُرُّ بِهِم
إِلّا عَلى صَنَمٍ قَد هامَ في صَنَمِआप ﷺ तब आए जब लोग अराजकता में थे, और आप उनके पास से बिना एक मूर्ति को दूसरी मूर्ति के प्रति आसक्त देखे बिना नहीं गुजरते।
وَالأَرضُ مَملوءَةٌ جَوراً مُسَخَّرَةٌ
لِكُلِّ طاغِيَةٍ في الخَلقِ مُحتَكِمِऔर पृथ्वी अन्याय से भरी हुई थी, हर उस अत्याचारी के अधीन थी जो सृष्टि पर शासन करता था।
مُسَيطِرُ الفُرسِ يَبغي في رَعِيَّتِهِ
وَقَيصَرُ الرومِ مِن كِبرٍ أَصَمُّ عَمِफ़ारस का शासक अपनी प्रजा पर अत्याचार करता था, और रोम का कैसर, अहंकार के कारण, बहरा और अंधा था।
يُعَذِّبانِ عِبادَ اللَهِ في شُبَهٍ
وَيَذبَحانِ كَما ضَحَّيتَ بِالغَنَمِवे अल्लाह के बंदों को संदेहों से सताते हैं और उन्हें ऐसे काटते हैं जैसे आपने ﷺ भेड़ें कुर्बान कीं।
وَالخَلقُ يَفتِكُ أَقواهُم بِأَضعَفِهِم
كَاللَيثِ بِالبَهمِ أَو كَالحوتِ بِالبَلَمِऔर सृष्टि में, सबसे बलवान सबसे कमज़ोर पर ऐसे शिकार करता है, जैसे शेर मेमनों पर या व्हेल छोटी मछलियों पर।
أَسرى بِكَ اللَهُ لَيلاً إِذ مَلائِكُهُ
وَالرُسلُ في المَسجِدِ الأَقصى عَلى قَدَمِअल्लाह आपको ﷺ रात में ले गया, जब उसके फ़रिश्ते और पैगंबर अल-अक्सा मस्जिद में इंतज़ार में खड़े थे।
لَمّا خَطَرتَ بِهِ اِلتَفّوا بِسَيِّدِهِم
كَالشُهبِ بِالبَدرِ أَو كَالجُندِ بِالعَلَمِजब आप ﷺ उसमें दाखिल हुए, तो वे अपने सरदार के चारों ओर ऐसे जमा हो गए, जैसे तारे पूर्णिमा के चाँद के गिर्द या सिपाही अपने झंडे के इर्द-गिर्द।
صَلّى وَراءَكَ مِنهُم كُلُّ ذي خَطَرٍ
وَمَن يَفُز بِحَبيبِ اللَهِ يَأتَمِمِउनमें से हर उच्च पद वाले ने आपके ﷺ पीछे नमाज़ पढ़ी, क्योंकि जिसे अल्लाह के महबूब का सानिध्य प्राप्त हो, वही इमामत करता है।
جُبتَ السَماواتِ أَو ما فَوقَهُنَّ بِهِم
عَلى مُنَوَّرَةٍ دُرِّيَّةِ اللُجُمِआप ﷺ उनके साथ आसमानों या उनसे भी परे के स्थानों से गुज़रे, एक चमकदार सवारी पर जिसके लगाम मोतियों के थे।
رَكوبَةً لَكَ مِن عِزٍّ وَمِن شَرَفٍ
لا في الجِيادِ وَلا في الأَينُقِ الرُسُمِयह आपके ﷺ लिए गौरव और सम्मान की एक सवारी थी, जो किसी भी श्रेष्ठ घोड़े या तेज़ ऊँटनी जैसी नहीं थी।
مَشيئَةُ الخالِقِ الباري وَصَنعَتُهُ
وَقُدرَةُ اللَهِ فَوقَ الشَكِّ وَالتُهَمِयह सृष्टिकर्ता, बनाने वाले की इच्छा और रचना थी, और अल्लाह की शक्ति सभी संदेहों और आरोपों से परे है।
حَتّى بَلَغتَ سَماءً لا يُطارُ لَها
عَلى جَناحٍ وَلا يُسعى عَلى قَدَمِजब तक आप ﷺ ऐसे आसमान तक नहीं पहुँचे जहाँ पंखों से उड़ान नहीं भरी जा सकती, और न ही पैदल यात्रा की जा सकती है।
وَقيلَ كُلُّ نَبِيٍّ عِندَ رُتبَتِهِ
وَيا مُحَمَّدُ هَذا العَرشُ فَاِستَلِمِऔर यह घोषणा की गई, "हर पैगंबर अपने पद पर है, लेकिन ऐ मुहम्मद ﷺ, यह अर्श है, तो इसके पास आइए।"
خَطَطتَ لِلدينِ وَالدُنيا عُلومَهُما
يا قارِئَ اللَوحِ بَل يا لامِسَ القَلَمِआपने ﷺ धर्म और दुनिया दोनों के विज्ञानों की रूपरेखा खींची, ऐ लौह-ए-महफूज़ के पढ़ने वाले, बल्कि ऐ कलम को छूने वाले।
أَحَطتَ بَينَهُما بِالسِرِّ وَاِنكَشَفَت
لَكَ الخَزائِنُ مِن عِلمٍ وَمِن حِكَمِआपने ﷺ उनके बीच के रहस्य को घेर लिया, और ज्ञान तथा बुद्धिमत्ता के ख़ज़ाने आप पर प्रकट हो गए।
وَضاعَفَ القُربُ ما قُلِّدتَ مِن مِنَنٍ
بِلا عِدادٍ وَما طُوِّقتَ مِن نِعَمِऔर इस निकटता ने उन अनगिनत एहसानों को बढ़ा दिया जिनसे आपको ﷺ नवाज़ा गया था, और उन नेमतों को जिनसे आप सुशोभित थे।
سَل عُصبَةَ الشِركِ حَولَ الغارِ سائِمَةً
لَولا مُطارَدَةُ المُختارِ لَم تُسَمِगुफा के चारों ओर चर रहे मुशरिकों के समूह से पूछो; अगर उन्होंने चुने हुए ﷺ का पीछा न किया होता, तो उनका नाम भी न लिया जाता।
هَل أَبصَروا الأَثَرَ الوَضّاءَ أَم سَمِعوا
هَمسَ التَسابيحِ وَالقُرآنِ مِن أُمَمِक्या उन्होंने उस चमकदार निशान को देखा, या अनदेखी क़ौमों से तस्बीहात और क़ुरआन की फुसफुसाहट सुनी?
وَهَل تَمَثَّلَ نَسجُ العَنكَبوتِ لَهُم
كَالغابِ وَالحائِماتُ وَالزُغبُ كَالرُخَمِऔर क्या मकड़ी का जाला उन्हें घने जंगल जैसा लगा, और मंडराते पक्षी और उनके बच्चे गिद्धों जैसे?
فَأَدبَروا وَوُجوهُ الأَرضِ تَلعَنُهُم
كَباطِلٍ مِن جَلالِ الحَقِّ مُنهَزِمِतो वे मुड़ गए, और धरती के मुखों ने उन्हें शाप दिया, जैसे सत्य की महिमा से पराजित झूठ।
لَولا يَدُ اللَهِ بِالجارَينَ ما سَلِما
وَعَينُهُ حَولَ رُكنِ الدينِ لَم يَقُمِअगर अल्लाह का हाथ दोनों साथियों की रक्षा न करता, तो वे सुरक्षित न होते, और उसकी चौकस निगाह के बिना, धर्म का स्तंभ स्थापित न होता।
تَوارَيا بِجَناحِ اللَهِ وَاِستَتَرا
وَمَن يَضُمُّ جَناحُ اللَهِ لا يُضَمِवे अल्लाह के परों के नीचे छिप गए और गुप्त रहे, क्योंकि जिसे अल्लाह का पर अपनी आगोश में ले ले, उसे कभी कोई नुकसान नहीं पहुँचता।
يا أَحمَدَ الخَيرِ لي جاهٌ بِتَسمِيَتي
وَكَيفَ لا يَتَسامى بِالرَسولِ سَميऐ भलाई के अहमद ﷺ, मुझे अपने नाम से सम्मान प्राप्त है, क्योंकि रसूल ﷺ के साथ नाम साझा करने से कोई कैसे ऊँचा न उठे?
المادِحونَ وَأَربابُ الهَوى تَبَعٌ
لِصاحِبِ البُردَةِ الفَيحاءِ ذي القَدَمِप्रशंसा करने वाले और प्रेम में डूबे हुए लोग तो केवल उस सुगंधित चादर वाले के अनुयायी हैं, जो सर्वोच्च स्थान रखता है।
مَديحُهُ فيكَ حُبٌّ خالِصٌ وَهَوىً
وَصادِقُ الحُبِّ يُملي صادِقَ الكَلَمِउनकी आपकी ﷺ प्रशंसा शुद्ध प्रेम और तीव्र जुनून है, क्योंकि सच्चा प्रेम हमेशा सच्चे शब्दों को प्रेरित करता है।
اللَهُ يَشهَدُ أَنّي لا أُعارِضُهُ
من ذا يُعارِضُ صَوبَ العارِضِ العَرِمِअल्लाह गवाह है कि मैं उनका विरोध नहीं करता, क्योंकि एक शक्तिशाली, उमड़ते बादल की मूसलाधार बारिश का कौन मुकाबला कर सकता है?
وَإِنَّما أَنا بَعضُ الغابِطينَ وَمَن
يَغبِط وَلِيَّكَ لا يُذمَم وَلا يُلَمِवास्तव में, मैं केवल उन लोगों में से एक हूँ जो प्रशंसा करते हैं, और जो आपके प्रिय ﷺ की प्रशंसा करता है, उसे न तो दोष दिया जाता है और न ही निंदा की जाती है।
هَذا مَقامٌ مِنَ الرَحمَنِ مُقتَبَسٌ
تَرمي مَهابَتُهُ سَحبانَ بِالبَكَمِयह रहमान से प्राप्त एक ऐसा मकाम है, जिसकी महिमा वाक्पटु सहबान को भी खामोश कर देती है।
البَدرُ دونَكَ في حُسنٍ وَفي شَرَفٍ
وَالبَحرُ دونَكَ في خَيرٍ وَفي كَرَمِपूर्णिमा का चाँद सुंदरता और सम्मान में आपसे ﷺ कमतर है, और समुद्र भलाई और उदारता में आपसे पीछे है।
شُمُّ الجِبالِ إِذا طاوَلتَها اِنخَفَضَت
وَالأَنجُمُ الزُهرُ ما واسَمتَها تَسِمِऊँचे पहाड़ भी आपके सामने झुक जाते, यदि आप उनसे मुकाबला करते, और चमकीले तारे आपकी छाप धारण करते जहाँ भी आप उसे रखते।
وَاللَيثُ دونَكَ بَأساً عِندَ وَثبَتِهِ
إِذا مَشَيتَ إِلى شاكي السِلاحِ كَميयहाँ तक कि शेर की शक्ति भी आपके ﷺ सामने फीकी पड़ जाती है जब वह छलांग लगाता है, खासकर जब आप पूरी तरह से हथियारबंद योद्धा की ओर बढ़ते हैं।
تَهفو إِلَيكَ وَإِن أَدمَيتَ حَبَّتَها
في الحَربِ أَفئِدَةُ الأَبطالِ وَالبُهَمِयुद्ध में शूरवीरों और बहादुरों के दिल आपके ﷺ लिए तरसते हैं, भले ही आपने उनके प्रियजनों को लहूलुहान किया हो।
مَحَبَّةُ اللَهِ أَلقاها وَهَيبَتُهُ
عَلى اِبنِ آمِنَةٍ في كُلِّ مُصطَدَمِअल्लाह का प्रेम और भय हर टकराव में आमिना के बेटे ﷺ पर डाला गया था।
كَأَنَّ وَجهَكَ تَحتَ النَقعِ بَدرُ دُجىً
يُضيءُ مُلتَثِماً أَو غَيرَ مُلتَثِمِयुद्ध की धूल के नीचे आपका ﷺ चेहरा अँधेरे में पूर्णिमा के चाँद जैसा है, जो ढका हो या खुला, प्रकाश बिखेरता है।
بَدرٌ تَطَلَّعَ في بَدرٍ فَغُرَّتُهُ
كَغُرَّةِ النَصرِ تَجلو داجِيَ الظُلَمِएक पूर्णिमा का चाँद ﷺ जो बद्र में चमका, उसका दीप्तिमान मुख विजय की भोर जैसा, गहरे अंधकार को दूर करता हुआ।
ذُكِرتَ بِاليُتمِ في القُرآنِ تَكرِمَةً
وَقيمَةُ اللُؤلُؤِ المَكنونِ في اليُتُمِआपको ﷺ क़ुरआन में एक अनाथ के रूप में सम्मान के साथ उल्लेख किया गया, क्योंकि एक छिपे हुए मोती का मूल्य उसकी अद्वितीय, एकाकी रचना में निहित है।
اللَهُ قَسَّمَ بَينَ الناسِ رِزقَهُمُ
وَأَنتَ خُيِّرتَ في الأَرزاقِ وَالقِسَمِजबकि अल्लाह ने सभी लोगों में रोज़ी बांटी, आपको ﷺ रोज़ी और हिस्सों के संबंध में चुनाव का अधिकार दिया गया।
إِن قُلتَ في الأَمرِ لا أَو قُلتَ فيهِ نَعَم
فَخيرَةُ اللَهِ في لا مِنكَ أَو نَعَمِचाहे आप ﷺ किसी मामले में "नहीं" कहें या "हाँ", अल्लाह की पसंद आपके इनकार या पुष्टि में निहित है।
أَخوكَ عيسى دَعا مَيتاً فَقامَ لَهُ
وَأَنتَ أَحيَيتَ أَجيالاً مِنَ الزِمَمِआपके भाई ईसा ने एक मृत व्यक्ति को पुकारा, और वह उठ खड़ा हुआ, लेकिन आपने ﷺ विस्मृति की गहराइयों से पीढ़ियों को पुनर्जीवित किया।
وَالجَهلُ مَوتٌ فَإِن أوتيتَ مُعجِزَةً
فَاِبعَث مِنَ الجَهلِ أَو فَاِبعَث مِنَ الرَجَمِअज्ञानता मृत्यु है, तो यदि आपको ﷺ कोई चमत्कार दिया गया, तो लोगों को अज्ञानता से या कब्र से उठाएँ।
قالوا غَزَوتَ وَرُسلُ اللَهِ ما بُعِثوا
لِقَتلِ نَفسٍ وَلا جاؤوا لِسَفكِ دَمِउन्होंने दावा किया कि आपने ﷺ युद्ध छेड़ा, जबकि अल्लाह के रसूलों को किसी आत्मा को मारने के लिए नहीं भेजा गया था और न ही वे खून बहाने आए थे।
جَهلٌ وَتَضليلُ أَحلامٍ وَسَفسَطَةٌ
فَتَحتَ بِالسَيفِ بَعدَ الفَتحِ بِالقَلَمِयह अज्ञानता, भ्रामक भ्रम और कुतर्क है, क्योंकि आपने ﷺ तलवार से तभी विजय प्राप्त की जब कलम से विजय प्राप्त कर चुके थे।
لَمّا أَتى لَكَ عَفواً كُلُّ ذي حَسَبٍ
تَكَفَّلَ السَيفُ بِالجُهّالِ وَالعَمَمِजब हर कुलीन व्यक्ति स्वेच्छा से आपके ﷺ अधीन हो गया, तब तलवार ने अज्ञानियों और आम लोगों की ज़िम्मेदारी संभाली।
وَالشَرُّ إِن تَلقَهُ بِالخَيرِ ضِقتَ بِهِ
ذَرعاً وَإِن تَلقَهُ بِالشَرِّ يَنحَسِمِयदि आप बुराई का सामना अच्छाई से करते हैं, तो आप उससे अभिभूत हो जाएँगे, लेकिन यदि आप उसका सामना बुराई से करते हैं, तो वह निर्णायक रूप से समाप्त हो जाएगी।
سَلِ المَسيحِيَّةَ الغَرّاءَ كَم شَرِبَت
بِالصابِ مِن شَهَواتِ الظالِمِ الغَلِمِगौरवशाली ईसाई धर्म से पूछो कि उसने अत्याचारी और कामी लोगों की वासनाओं से कितना कड़वा घूँट पिया।
طَريدَةُ الشِركِ يُؤذيها وَيوسِعُها
في كُلِّ حينٍ قِتالاً ساطِعَ الحَدَمِबहुदेववाद से भागी हुई, उसे हर मोड़ पर नुकसान पहुँचाया गया और एक लगातार बढ़ती, प्रज्वलित लड़ाई का सामना करना पड़ा।
لَولا حُماةٌ لَها هَبّوا لِنُصرَتِها
بِالسَيفِ ما اِنتَفَعَت بِالرِفقِ وَالرُحَمِयदि तलवार के साथ उसकी सहायता के लिए उठने वाले रक्षक न होते, तो उसे कोमलता और दया से कोई लाभ नहीं होता।
لَولا مَكانٌ لِعيسى عِندَ مُرسِلِهِ
وَحُرمَةٌ وَجَبَت لِلروحِ في القِدَمِयदि ईसा का अपने प्रेषक के पास उच्च स्थान और आत्मा के प्रति प्राचीन पवित्रता न होती।
لَسُمِّرَ البَدَنُ الطُهرُ الشَريفُ عَلى
لَوحَينِ لَم يَخشَ مُؤذيهِ وَلَم يَجِمِपवित्र, महान शरीर को दो तख्तों पर कील ठोक दी जाती, और उसे पीड़ा पहुँचाने वाला न तो डरता और न ही कोई पछतावा दिखाता।
جَلَّ المَسيحُ وَذاقَ الصَلبَ شانِئُهُ
إِنَّ العِقابَ بِقَدرِ الذَنبِ وَالجُرُمِमसीह महान हैं, और उनके शत्रु ने सूली का स्वाद चखा, क्योंकि दंड वास्तव में पाप और अपराध के अनुरूप होता है।
أَخو النَبِيِّ وَروحُ اللَهِ في نُزُلٍ
فَوقَ السَماءِ وَدونَ العَرشِ مُحتَرَمِपैगंबर ﷺ के भाई और ईश्वर की आत्मा को स्वर्ग के ऊपर और सिंहासन के नीचे एक निवास में सम्मानित किया जाता है।
عَلَّمتَهُم كُلَّ شَيءٍ يَجهَلونَ بِهِ
حَتّى القِتالَ وَما فيهِ مِنَ الذِمَمِआपने उन्हें वह सब कुछ सिखाया जिसके बारे में वे अनभिज्ञ थे, यहाँ तक कि युद्ध और उसमें निहित प्रतिज्ञाएँ भी।
دَعَوتَهُم لِجِهادٍ فيهِ سُؤدُدُهُم
وَالحَربُ أُسُّ نِظامِ الكَونِ وَالأُمَمِआपने उन्हें ऐसे संघर्ष के लिए बुलाया जिसमें उनकी महिमा निहित थी, क्योंकि युद्ध ही ब्रह्मांड और राष्ट्रों की व्यवस्था का मूल आधार है।
لَولاهُ لَم نَرَ لِلدَولاتِ في زَمَنٍ
ما طالَ مِن عُمُدٍ أَو قَرَّ مِن دُهُمِइसके बिना, हमने किसी भी युग में राष्ट्रों को स्थायी स्तंभ या स्थापित गढ़ प्राप्त करते हुए नहीं देखा होता।
تِلكَ الشَواهِدُ تَترى كُلَّ آوِنَةٍ
في الأَعصُرِ الغُرِّ لا في الأَعصُرِ الدُهُمِये गवाहियाँ लगातार एक के बाद एक आती रहती हैं, जो गौरवशाली युगों में स्पष्ट हैं, न कि अंधकारमय युगों में।
بِالأَمسِ مالَت عُروشٌ وَاِعتَلَت سُرُرٌ
لَولا القَذائِفُ لَم تَثلَم وَلَم تَصُمِकल, सिंहासन गिरे और सत्ता के आसन उठे; यदि प्रक्षेप्य न होते, तो वे न तो भंग होते और न ही शांत होते।
أَشياعُ عيسى أَعَدّوا كُلَّ قاصِمَةٍ
وَلَم نُعِدُّ سِوى حالاتِ مُنقَصِمِईसा के अनुयायियों ने हर विनाशकारी शक्ति तैयार की, जबकि हमने विखंडन की स्थितियों के अलावा कुछ भी तैयार नहीं किया।
مَهما دُعيتَ إِلى الهَيجاءِ قُمتَ لَها
تَرمي بِأُسدٍ وَيَرمي اللَهُ بِالرُجُمِजब भी आपको युद्ध के लिए बुलाया गया, आप उसके लिए उठ खड़े हुए, शेरों को आगे बढ़ाते हुए, जबकि ईश्वर ने मिसाइलें बरसाईं।
عَلى لِوائِكَ مِنهُم كُلُّ مُنتَقِمٍ
لِلَّهِ مُستَقتِلٍ في اللَهِ مُعتَزِمِआपके ध्वज के नीचे, उनमें से हर कोई ईश्वर के लिए बदला लेने वाला था, दृढ़ निश्चयी और उसके मार्ग में मृत्यु की तलाश करने वाला।
مُسَبِّحٍ لِلِقاءِ اللَهِ مُضطَرِمٍ
شَوقاً عَلى سابِخٍ كَالبَرقِ مُضطَرِمِईश्वर से मिलने की स्तुति करते हुए, तीव्र लालसा से जलते हुए, वह बिजली की तरह चमकते हुए एक तेज़ घोड़े पर सवार था।
لَو صادَفَ الدَهرَ يَبغي نَقلَةً فَرَمى
بِعَزمِهِ في رِحالِ الدَهرِ لَم يَرِمِयदि वह समय को परिवर्तन की तलाश में पाता और अपने संकल्प को उसके ताने-बाने में डाल देता, तो समय टस से मस नहीं होता।
بيضٌ مَفاليلُ مِن فِعلِ الحُروبِ بِهِم
مِن أَسيُفِ اللَهِ لا الهِندِيَّةُ الخُذُمُवे लगातार युद्धों के कारण सफेद और कुंद हो गए हैं, फिर भी वे ईश्वर की तलवारें हैं, न कि केवल तेज़ भारतीय तलवारें।
كَم في التُرابِ إِذا فَتَّشتَ عَن رَجُلٍ
مَن ماتَ بِالعَهدِ أَو مَن ماتَ بِالقَسَمِयदि आप खोजें, तो धूल में कितने ही ऐसे पुरुष पड़े हैं, जो अपनी प्रतिज्ञा या अपनी शपथ पूरी करते हुए मर गए।
لَولا مَواهِبُ في بَعضِ الأَنامِ لَما
تَفاوَتَ الناسُ في الأَقدارِ وَالقِيَمِयदि कुछ व्यक्तियों को प्रदान किए गए अंतर्निहित उपहार न होते, तो मानवता स्थिति और आंतरिक मूल्य में ऐसी असमानताएँ प्रदर्शित नहीं करती।
شَريعَةٌ لَكَ فَجَّرتَ العُقولَ بِها
عَن زاخِرٍ بِصُنوفِ العِلمِ مُلتَطِمِआपकी दिव्य शरीयत (कानून) के माध्यम से, ﷺ, आपने मस्तिष्कों को ज्ञान के विविध रूपों से भरे एक उमड़ते महासागर के साथ फूटने का कारण बनाया।
يَلوحُ حَولَ سَنا التَوحيدِ جَوهَرُها
كَالحَليِ لِلسَيفِ أَو كَالوَشيِ لِلعَلَمِइसका सार एकेश्वरवाद की चमक के चारों ओर दमकता है, जैसे तलवार पर आभूषण या ध्वज पर जटिल कढ़ाई।
غَرّاءُ حامَت عَلَيها أَنفُسٌ وَنُهىً
وَمَن يَجِد سَلسَلاً مِن حِكمَةٍ يَحُمِयह गौरवशाली कानून, जिस पर आत्माएँ और बुद्धि मंडराती रही हैं, ज्ञान के बहते झरने को खोजने वाले सभी को अपनी ओर आकर्षित करता है।
نورُ السَبيلِ يُساسُ العالِمونَ بِها
تَكَفَّلَت بِشَبابِ الدَهرِ وَالهَرَمِयह मार्ग का मार्गदर्शक प्रकाश है जिसके द्वारा सभी संसार शासित होते हैं, जिसने समय की युवावस्था और वृद्धावस्था दोनों की जिम्मेदारी ली है।
يَجري الزَمانُ وَأَحكامُ الزَمانِ عَلى
حُكمٍ لَها نافِذٍ في الخَلقِ مُرتَسِمِसमय और उसके नियम दोनों ही इसके व्यापक निर्णय के अनुसार प्रवाहित होते हैं, जो सभी सृष्टि पर अमिट रूप से अंकित है।
لَمّا اِعتَلَت دَولَةُ الإِسلامِ وَاِتَّسَعَت
مَشَت مَمالِكُهُ في نورِها التَمَمِजैसे ही इस्लामी राज्य उन्नत हुआ और विस्तृत हुआ, उसके राज्य उसके पूर्ण और व्यापक प्रकाश में नहाकर आगे बढ़े।
وَعَلَّمَت أُمَّةً بِالقَفرِ نازِلَةً
رَعيَ القَياصِرِ بَعدَ الشاءِ وَالنَعَمِइसने एक ऐसे राष्ट्र को सिखाया, जो कभी रेगिस्तान में रहता था, सम्राटों का पालन-पोषण करना, एक ऐसा कार्य जो उन्होंने भेड़ और ऊँटों की देखभाल के बाद किया।
كَم شَيَّدَ المُصلِحونَ العامِلونَ بِها
في الشَرقِ وَالغَربِ مُلكاً باذِخَ العِظَمِइसके सिद्धांतों पर कार्य करने वाले सुधारकों ने पूर्व और पश्चिम दोनों में कितने ही भव्य और विशाल साम्राज्य स्थापित किए!
لِلعِلمِ وَالعَدلِ وَالتَمدينِ ما عَزَموا
مِنَ الأُمورِ وَما شَدّوا مِنَ الحُزُمِज्ञान, न्याय और सभ्यता के लिए, उन्होंने महान प्रयासों का संकल्प लिया और अटूट दृढ़ संकल्प के साथ अपनी कमर कस ली।
سُرعانَ ما فَتَحوا الدُنيا لِمِلَّتِهِم
وَأَنهَلوا الناسَ مِن سَلسالِها الشَبِمِउन्होंने शीघ्र ही अपने धर्म के लिए दुनिया खोल दी, और उसके शीतल, बहते झरने से उन्होंने सभी लोगों की प्यास बुझाई।
ساروا عَلَيها هُداةَ الناسِ فَهيَ بِهِم
إِلى الفَلاحِ طَريقٌ واضِحُ العَظَمِवे मानवता के मार्गदर्शक के रूप में इस पथ पर चले, और उनके मार्गदर्शन से, यह समृद्धि और सफलता का एक स्पष्ट रूप से शानदार मार्ग बन गया।
لا يَهدِمُ الدَهرُ رُكناً شادَ عَدلَهُمُ
وَحائِطُ البَغيِ إِن تَلمَسهُ يَنهَدِمِसमय उनके न्याय द्वारा स्थापित स्तंभ को ध्वस्त नहीं कर सकता, फिर भी अत्याचार की दीवार, यदि केवल छू भी ली जाए, तो ढह जाएगी।
نالوا السَعادَةَ في الدارَينِ وَاِجتَمَعوا
عَلى عَميمٍ مِنَ الرُضوانِ مُقتَسَمِउन्होंने इस दुनिया और परलोक दोनों में खुशी प्राप्त की, एक व्यापक और साझा दिव्य संतुष्टि में एक साथ एकत्रित हुए।
دَع عَنكَ روما وَآثينا وَما حَوَتا
كُلُّ اليَواقيتِ في بَغدادَ وَالتُوَمِरोम और एथेंस तथा उनमें समाहित सभी बातों को छोड़ दो, क्योंकि सभी अनमोल माणिक बगदाद और तुवम में पाए जाते हैं।
وَخَلِّ كِسرى وَإيواناً يَدِلُّ بِهِ
هَوىً عَلى أَثَرِ النيرانِ وَالأَيُمِऔर खुसरो तथा उसके भव्य इवान को छोड़ दो, जो केवल आग और मूर्तियों के अवशेषों के प्रति एक बीते हुए जुनून की ओर इशारा करता है।
وَاِترُك رَعمَسيسَ إِنَّ المُلكَ مَظهَرُهُ
في نَهضَةِ العَدلِ لا في نَهضَةِ الهَرَمِऔर रामसेस को त्याग दो, क्योंकि राजत्व का सच्चा प्रकटीकरण न्याय के उत्थान में निहित है, न कि पिरामिडों के निर्माण में।
دارُ الشَرائِعِ روما كُلَّما ذُكِرَت
دارُ السَلامِ لَها أَلقَت يَدَ السَلَمِजब भी रोम, कानूनों के प्रसिद्ध निवास का उल्लेख किया जाता है, तो दार-अल-सलाम (बगदाद) उसे शांतिपूर्ण समर्पण का हाथ बढ़ाता है।
ما ضارَعَتها بَياناً عِندَ مُلتَأَمٍ
وَلا حَكَتها قَضاءً عِندَ مُختَصَمِरोम ने कभी भी किसी सभा में वाक्पटुता में बगदाद का मुकाबला नहीं किया, न ही उसने विवाद के समय उसकी न्यायिक बुद्धिमत्ता का अनुकरण किया।
وَلا اِحتَوَت في طِرازٍ مِن قَياصِرِها
عَلى رَشيدٍ وَمَأمونٍ وَمُعتَصِمِऔर न ही रोम ने, अपने सम्राटों की पंक्ति में, कभी रशीद, मामून या मुअतसिम जैसे व्यक्तियों को धारण किया।
مَنِ الَّذينَ إِذا سارَت كَتائِبُهُم
تَصَرَّفوا بِحُدودِ الأَرضِ وَالتُخَمِवे कौन हैं जिनकी सेनाएँ, जब आगे बढ़ती हैं, तो पृथ्वी की सीमाओं और उसके किनारों पर नियंत्रण कर लेती हैं?
وَيَجلِسونَ إِلى عِلمٍ وَمَعرِفَةٍ
فَلا يُدانَونَ في عَقلٍ وَلا فَهَمِऔर वे ज्ञान तथा समझ के साथ बैठते हैं, इसलिए बुद्धि या बोध में कोई उनकी बराबरी नहीं कर सकता।
يُطَأطِئُ العُلَماءُ الهامَ إِن نَبَسوا
مِن هَيبَةِ العِلمِ لا مِن هَيبَةِ الحُكُمِजब वे बोलते हैं तो विद्वान अपना सिर झुका लेते हैं, उनके ज्ञान के प्रति श्रद्धा से, न कि उनके अधिकार के भय से।
وَيُمطِرونَ فَما بِالأَرضِ مِن مَحَلٍ
وَلا بِمَن باتَ فَوقَ الأَرضِ مِن عُدُمِऔर वे आशीषों की वर्षा करते हैं, जिससे पृथ्वी पर कोई बंजरपन नहीं रहता, और न ही उस पर रहने वालों में कोई अभाव।
خَلائِفُ اللَهِ جَلّوا عَن مُوازَنَةٍ
فَلا تَقيسَنَّ أَملاكَ الوَرى بِهِمِवे अल्लाह के खलीफा हैं, तुलना से परे इतने महान, इसलिए मानवजाति के राजाओं को उनसे मत मापो।
مَن في البَرِيَّةِ كَالفاروقِ مَعدَلَةً
وَكَاِبنِ عَبدِ العَزيزِ الخاشِعِ الحَشِمِसृष्टि में कौन है जो न्याय में अल-फारूक जैसा हो, और इब्न अब्द अल-अज़ीज़ जैसा विनम्र और शालीन हो?
وَكَالإِمامِ إِذا ما فَضَّ مُزدَحِماً
بِمَدمَعٍ في مَآقي القَومِ مُزدَحِمِऔर इमाम की तरह, जब वह लोगों की आँखों में उमड़ते आँसुओं से भीड़ को तितर-बितर कर देते हैं।
الزاخِرُ العَذبُ في عِلمٍ وَفي أَدَبٍ
وَالناصِرُ النَدبِ في حَربٍ وَفي سَلَمِवह ज्ञान और साहित्य में प्रचुर और मधुर हैं, और युद्ध तथा शांति में एक महान सहायक हैं।
أَو كَاِبنِ عَفّانَ وَالقُرآنُ في يَدِهِ
يَحنو عَلَيهِ كَما تَحنو عَلى الفُطُمِया इब्न अफ़्फ़ान की तरह, जिनके हाथ में कुरान है, वे उस पर ऐसे झुकते हैं जैसे कोई दूध छुड़ाए हुए बच्चों पर झुकता है।
وَيَجمَعُ الآيَ تَرتيباً وَيَنظُمُها
عِقداً بِجيدِ اللَيالي غَيرَ مُنفَصِمِऔर वे आयतों को क्रम से एकत्र करते हैं और उन्हें व्यवस्थित करते हैं, रातों के गले में एक ऐसा हार जो कभी न टूटे।
جُرحانِ في كَبِدِ الإِسلامِ ما اِلتَأَما
جُرحُ الشَهيدِ وَجُرحٌ بِالكِتابِ دَميइस्लाम के हृदय में दो घाव ऐसे हैं जो नहीं भरे: शहीद का घाव और एक ऐसा घाव जिसने किताब को लहूलुहान कर दिया।
وَما بَلاءُ أَبي بَكرٍ بِمُتَّهَمٍ
بَعدَ الجَلائِلِ في الأَفعالِ وَالخِدَمِऔर अबू बक्र के कष्टों पर संदेह नहीं किया जा सकता, उनके शानदार कार्यों और सेवाओं के बाद।
بِالحَزمِ وَالعَزمِ حاطَ الدينَ في مِحَنٍ
أَضَلَّتِ الحُلمَ مِن كَهلٍ وَمُحتَلِمِदृढ़ संकल्प और निश्चय के साथ, उन्होंने उन परीक्षणों के बीच धर्म की रक्षा की, जिन्होंने बूढ़े और जवान दोनों की बुद्धि को भ्रमित कर दिया था।
وَحِدنَ بِالراشِدِ الفاروقِ عَن رُشدٍ
في المَوتِ وَهوَ يَقينٌ غَيرُ مُنبَهِمِऔर उन्होंने सही राह पर चलने वाले अल-फारूक को मृत्यु के संबंध में उनके मार्गदर्शन से विचलित कर दिया, जो एक अकाट्य निश्चितता है।
يُجادِلُ القَومَ مُستَلّاً مُهَنَّدَهُ
في أَعظَمِ الرُسلِ قَدراً كَيفَ لَم يَدُمِउन्होंने लोगों से अपनी भारतीय तलवार खींचकर तर्क किया, सबसे महान पैगंबर के बारे में, यह सोचते हुए कि वे कैसे अमर नहीं रह सकते।
لا تَعذُلوهُ إِذا طافَ الذُهولُ بِهِ
ماتَ الحَبيبُ فَضَلَّ الصَبُّ عَن رَغَمِउसे दोष मत दो यदि उस पर व्याकुलता छा गई, क्योंकि प्रियतम का निधन हो गया, और प्रेमी स्वयं के बावजूद भटक गया।
يا رَبِّ صَلِّ وَسَلِّم ما أَرَدتَ عَلى
نَزيلِ عَرشِكَ خَيرِ الرُسلِ كُلِّهِمِहे प्रभु, अपनी इच्छा अनुसार अपने सिंहासन के निवासी, सभी पैगंबरों में सर्वश्रेष्ठ ﷺ पर अपनी कृपा और शांति प्रदान करें।
مُحيِ اللَيالي صَلاةً لا يُقَطِّعُها
إِلّا بِدَمعٍ مِنَ الإِشفاقِ مُنسَجِمِउन्होंने रातों को प्रार्थना से जीवंत किया, जिसे उन्होंने केवल करुणा के बहते आँसुओं के साथ ही बाधित किया।
مُسَبِّحاً لَكَ جُنحَ اللَيلِ مُحتَمِلاً
ضُرّاً مِنَ السُهدِ أَو ضُرّاً مِنَ الوَرَمِआधी रात में आपकी महिमा करते हुए, अनिद्रा की कठिनाई या सूजन की कठिनाई को सहन करते हुए।
رَضِيَّةٌ نَفسُهُ لا تَشتَكي سَأَماً
وَما مَعَ الحُبِّ إِن أَخلَصتَ مِن سَأَمِउनकी आत्मा संतुष्ट थी, कभी थकान की शिकायत नहीं करती थी, क्योंकि सच्चे प्रेम के साथ कोई थकान नहीं होती।
وَصَلِّ رَبّي عَلى آلٍ لَهُ نُخَبٍ
جَعَلتَ فيهِم لِواءَ البَيتِ وَالحَرَمِऔर हे मेरे प्रभु, उनके चुने हुए परिवार को आशीर्वाद दें, जिनमें आपने पवित्र घर और उसके पवित्र क्षेत्र का झंडा रखा।
بيضُ الوُجوهِ وَوَجهُ الدَهرِ ذو حَلَكٍ
شُمُّ الأُنوفِ وَأَنفُ الحادِثاتِ حَمىउनके चेहरे उज्ज्वल हैं जब समय का मुख अंधकारमय होता है, और वे महान और अटल हैं जब विपत्तियाँ प्रचंड रूप से भड़कती हैं।
وَأَهدِ خَيرَ صَلاةٍ مِنكَ أَربَعَةً
في الصَحبِ صُحبَتُهُم مَرعِيَّةُ الحُرَمِऔर अपने साथियों में से उन चार पर अपनी सर्वोत्तम कृपा प्रदान करें, जिनकी पवित्र संगति को आदरणीय सम्मान प्राप्त है।
الراكِبينَ إِذا نادى النَبِيُّ بِهِم
ما هالَ مِن جَلَلٍ وَاِشتَدَّ مِن عَمَمِवे वे सवार थे जिन्होंने पैगंबर ﷺ की पुकार का जवाब दिया जब बड़े भय मंडरा रहे थे और व्यापक आपदाएँ तीव्र हो गई थीं।
الصابِرينَ وَنَفسُ الأَرضِ واجِفَةٌ
الضاحِكينَ إِلى الأَخطارِ وَالقُحَمِवे धैर्यवान थे, तब भी जब पृथ्वी की आत्मा काँप रही थी, और वे खतरों और संकटों के सामने मुस्कुराते थे।
يا رَبِّ هَبَّت شُعوبٌ مِن مَنِيَّتِها
وَاِستَيقَظَت أُمَمٌ مِن رَقدَةِ العَدَمِहे प्रभु, लोग अपनी मृत्यु से उठ खड़े हुए हैं, और राष्ट्र अस्तित्वहीनता की नींद से जाग गए हैं।
سَعدٌ وَنَحسٌ وَمُلكٌ أَنتَ مالِكُهُ
تُديلُ مِن نِعَمٍ فيهِ وَمِن نِقَمِभाग्य और दुर्भाग्य, और एक ऐसा साम्राज्य जिसके आप अकेले मालिक हैं, जिसमें आप आशीषों और विपत्तियों के बीच अदला-बदली करते हैं।
رَأى قَضاؤُكَ فينا رَأيَ حِكمَتِهِ
أَكرِم بِوَجهِكَ مِن قاضٍ وَمُنتَقِمِहमारे संबंध में आपका निर्णय आपकी बुद्धिमत्ता के न्याय को दर्शाता है; एक न्यायाधीश और प्रतिशोधक के रूप में आपका मुख कितना महिमामय है!
فَاِلطُف لِأَجلِ رَسولِ العالَمينَ بِنا
وَلا تَزِد قَومَهُ خَسفاً وَلا تُسِمِतो संसारों के पैगंबर ﷺ के खातिर हम पर दया करें, और उनके लोगों के अपमान को न बढ़ाएँ और न ही उन्हें कलंक से दागदार करें।
يا رَبِّ أَحسَنتَ بَدءَ المُسلِمينَ بِهِ
فَتَمِّمِ الفَضلَ وَاِمنَح حُسنَ مُختَتَمِहे प्रभु, आपने उनके ﷺ माध्यम से मुसलमानों की शुरुआत को पूर्ण किया, तो अपनी कृपा को पूरा करें और उन्हें एक अच्छा अंत प्रदान करें।