उनकी ﷺ दाढ़ी और बालों की शमाइल

उनकी शरीफ़ दाढ़ी ﷺ

हिन्द बिन अबी हाला رضي الله عنه ने उनकी ﷺ दाढ़ी का वर्णन करते हुए कहा: «दाढ़ी घनी थी» — अर्थात् भरपूर, घनी। और जाबिर बिन समरा رضي الله عنه ने कहा: «उनकी दाढ़ी के बाल बहुत थे» — رواه [Muslim]. और ﷺ अपनी दाढ़ी की लंबाई और चौड़ाई से काटा करते थे — رواه [al-Tirmidhi]. उनकी दाढ़ी जब बंधी होती तो वह पाक सीने को भर देती थी। और ﷺ अपनी दाढ़ी को लकड़ी की डण्डियों से बनी कंगही से संवारते थे।

  • दाढ़ी घनी — भरपूर, घनी और तीव्र काली
  • वह उसे लंबाई और चौड़ाई में काटकर सँवारते थे — رواه [al-Tirmidhi]
  • यह भरी रहती थी और चेहरे व सीने को भर देती थी
  • वह उसे हर सुबह कंघी से सँवारा करते थे

उनके ﷺ पाक बाल

रसूलुल्लाह ﷺ के बाल 'रजिल' थे — न घुँघराले न बिलकुल सीधे, बल्कि मध्यम लहरदार। जब वे अधिक होते तो कभी-कभी कान की बाली तक पहुँचते और कभी-कभी दोनों कंधों तक भी। ﷺ कभी-कभी अपने बाल पानी से सँवारा करते थे। हिन्द के वर्णन में: «إن انفرقت عقيقته فرَّق وإلا فلا». उनके आखिरी दिनों में बालों को अलग करना अधिक होता था। और الصحابة رضي الله عنهم उनसे बरकत लेने के लिये उनके बाल रखते थे।

  • रजिल अल-शعر — सुन्दर लहरदार, न पूरी तरह से सीधे न घुँघराले
  • कभी-कभी यह कान की बाली तक पहुँचता और कभी-कभी दोनों कंधों तक
  • उन्होंने अपने बाल अपने आखिरी दिनों में अलग किए — और पहले यह अह्ल-उल-किताब के अनुकरण में था
  • माँ दूर से ही अपने खोए हुए बेटे के ऊँट को उनकी ﷺ एक बाल से पहचान लेती थी
  • انہوں نے ﷺ نے اپنے بال हजّة अल-वदा में अपने साथियों में बाँटे