उनका पाक पसीना और उनकी शरीफ़ खुशबू ﷺ
उनके खुशबूदार पसीना ﷺ
أنس بن malik رضي الله عنه ने कहा: 'रसूलुल्लाह ﷺ हमारे पास आए और हमारे साथ रुके, तो उन्होंने पसीना बहाया, और मेरी माँ एक बोतल लेकर आईं और उसमें पसीना इकट्ठा करने लगीं; तब पैगंबर ﷺ जागे और कहा: يا أم سليم, ما هذا الذي تصنعين? तब उसने कहा: यह तुम्हारा पसीना है, हम इसे अपनी खुशबू में रखते हैं और यह सबसे बेहतर खुशबू है.' [Muslim]. और हिन्द बिन أبي हالة رضي الله عنه ने कहा: 'उनका पसीना ﷺ मोतियों जैसा था और मस्क से भी अधिक सुगंधित था.'
- أم سليم رضي الله عنها अपने पास उनके پसीने को एक बोतल में इकट्ठा करती थीं और उसे अपनी खुशबू में मिलाती थीं — [Muslim]
- हिन्द बिन أبي हالة رضي الله عنه ने कहा: 'उनका पसीना ﷺ मोतियों जैसा था और मस्क से भी अधिक सुगंधित था'
- أنس ने कहा: 'मैंने कभी कोई खुशबू नहीं छुई जो नबी ﷺ की खुशबू से अधिक अच्छी हो' — [Muttafaqun 'alayh]
- सहाबा दूर से ही उनकी खुशबू से उनके आने को पहचान लेते थे
उनकी शरीफ़ खुशबू ﷺ
أنس بن malik رضي الله عنه ने कहा: 'मैंने कभी रेशम या डीबाज नहीं छुआ जो नबी ﷺ के हाथ जितना कोमल हो, और न ही मैंने कभी कोई खुशबू सूंघी — या उसका पता लगाया — जो नबी ﷺ की खुशबू से अधिक सुगंधित हो' — [Al-Bukhari wa Muslim]. और जाबिर बिन سمرة رضي الله عنه ने कहा: कि उन्होंने पैगंबर ﷺ का गाल छूआ तो उन्होंने अपने हाथ में ठंडक और खुशबू पाई, जैसे वह किसी इत्रवाले की बोतल से निकली हो — [Muslim]. और सहाबा दूर से ही पैगंबर ﷺ के आने को उनकी खुशबू के पहले पहुंचने से जान लेते थे।
- हर खुशबू से अधिक सुगंधित — अनस की गवाही (दोनों सहीहों में)
- उनके हाथ का स्पर्श ऐसा था जैसे किसी इत्रवाले की बोतल से निकला हो — जाबिर बिन سمرة رضي الله عنه की गवाही [Muslim] में
- वे रेशम और डीबाज से भी अधिक नर्म थे — अनस की गवाही (दोनों सहीहों में)
- उनकी खुशबू उनके पहुँचने से पहले ही लोगों तक पहुँच जाया करती थी